भगवान बिरसा मुंडा की जयंती संघर्षों का सम्मान, भारत की जनजातीय विरासत व वीरों का उत्सव है गौरव दिवस–विधायक प्रदीप लारिया

भगवान बिरसा मुंडा की जयंती संघर्षों का सम्मान, भारत की जनजातीय विरासत व वीरों का उत्सव है गौरव दिवस–विधायक लारिया

(सानोधा में जनजातीय गौरव दिवस में बड़ी संख्या में हुई सहभागिता उत्साह का प्रतीक बनी)

सागर/15.11.2025

भगवान बिरसा मुंडा जी ने जनजातीय अस्मिता,अधिकार और सम्मान की रक्षा के लिए जो क्रांतिकारी संघर्ष छेड़ा,वह आज भी साहस और स्वाभिमान का शाश्वत प्रतीक है।

इसी प्रेरणा को आधार बनाकर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नया भारत शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए जनजातीय समाज के लिए अभूतपूर्व कदम उठा रहा है, ताकि हर जनजातीय परिवार विकास,सम्मान और आत्मनिर्भरता की नई उड़ान भर सके।

उक्त उद्गार नरयावली विधायक इंजी.प्रदीप लारिया ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर आयोजित जनजातीय गौरव दिवस समारोह अवसर पर सानोधा में व्यक्त किए।

विधायक  लारिया ने आगे कहा कि आज पूरा देश मातृभूमि के गौरव की रक्षा में देश के महान स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा जी के अद्वितीय योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण कर रहा है। विदेशी शासन के अन्याय के खिलाफ बिरसा मुंडा जी का संघर्ष और बलिदान देश की हर पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा।

विधायक  लारिया ने कहा कि बिरसा मुंडा को भगवान की श्रेणी उनकी असाधारण नेतृत्व, सामाजिक सुधार और अंग्रेजों के खिलाफ ‘उलगुलान’ आंदोलन के कारण दी गई। उन्होंने आदिवासियों को जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए एकजुट किया, उन्हें आत्मसम्मान के साथ जीना सिखाया, और कथित चमत्कारी शक्तियों के कारण उनके अनुयायियों ने उन्हें ईश्वर-तुल्य माना। बिरसा मुंडा इतने लोकप्रिय हो गए थे कि अंग्रेज उनसे डरते थे और उन पर इनाम भी घोषित कर दिया था। लाखों लोग उनके साथ खड़े थे। उनके इन सभी कार्यों के कारण उन्हें ‘धरती आबा’ (धरती का पिता) भी कहा जाता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने जनजातीय अस्मिता के प्रतीक भगवान बिरसा मुंडा के जन्म के 150 वर्ष को पूरे होने के उपलक्ष में जनजातीय गौरव वर्ष की रूप में मनाने का निर्णय लिया और देशव्यापी समारोहों में भगवान बिरसा मुंडा और अन्य भारतीय जनजातीय नेताओं के बलिदान और संघर्ष का सम्मान करने और देश की जनजातीय संस्कृतियों और विरासत की समृद्धि विविधता को जन-जन तक पहुंचाने का काम किया।

विधायक  लारिया ने कहा कि केंद्र एवं राज्य की भाजपा सरकार जनजातीय समुदायों के उत्थान के लिए पूर्ण प्रयत्न कर रही है।

भारत सरकार ने भगवान बिरसा मुंडा की विरासत को सम्मानित करने और जनजातीय समुदायों के उत्थान के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनमें जनजातीय गौरव दिवस मनाना, जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालयों की स्थापना और एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों जैसे शिक्षा और विकास पर केंद्रित पहल के साथ ही प्रधानमंत्री जनमन अभियान,बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना के तहत विभिन्न बैंकों से ऋण उपलब्ध कराकर जनजातीय युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है,जैसे कार्यक्रम जनजातीय समुदायों के सामाजिक-आर्थिक विकास पर ध्यान केंद्रित कर कार्य कर रही है।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां भारती एवं बिरसा मुंडा जी के चित्र पर दीप-धूप कर माल्यार्पण कर किया गया। कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं ने अपना प्रेरक उद्बोधन दिया। कार्यक्रम में क्षेत्रभर से बड़ी संख्या में हुई सहभागिता उत्साह का प्रतीक बनी।

इस अवसर पर जनजातीय वर्ग की प्रतिभाओं को सम्मानित एवं पुरूष्कृत किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थितों ने प्रधानमंत्री जी के गुजरात के नर्मदा जिले के डोडियापाड़ा से हुए लाइव प्रसारण को देखा एवं सुना।

कार्यक्रम में मकरोनिया ग्रामीण मंडल अध्यक्ष, भाजपा वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकर्तागण, सरपंचगण, पाषर्दगण, क्षेत्रवासी,सीईओ जनपद सागर, महिला बाल विकास अधिकारी सागर ग्रामीण एवं बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रहीं।

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