सागर, 15 अक्टूबर 2026।
सेवा संकल्प अभियान 2026 के तहत ‘कहानी सेवा की’ श्रृंखला में उद्यानिकी विभाग की अल्ट्रा लो-कॉस्ट शेडनेट हाउस योजना किसानों के लिए किफायती संरक्षित खेती का विकल्प बनकर सामने आ रही है। इस योजना के माध्यम से किसान कम लागत में फसलों को प्रतिकूल मौसम से बचाकर गुणवत्तापूर्ण उत्पादन प्राप्त करने और अपनी आय बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
तेज धूप और मौसम की मार से फसलों को मिलेगी सुरक्षा
उद्यानिकी विभाग की इस पहल से सागर जिले में संरक्षित खेती को बढ़ावा मिल रहा है। शेडनेट हाउस के माध्यम से फसलों को तेज धूप, कीटों, तेज हवाओं और हल्की ओलावृष्टि के प्रभाव से बचाने में मदद मिलती है। इससे फसलों की गुणवत्ता बनाए रखने और बेहतर उत्पादन प्राप्त करने की संभावनाएं बढ़ती हैं।
240 वर्गमीटर में तैयार होगा शेडनेट हाउस
अल्ट्रा लो-कॉस्ट शेडनेट हाउस लगभग 240 वर्गमीटर क्षेत्र में जीआई पाइप की संरचना पर 50 अथवा 75 प्रतिशत शेडनेट लगाकर तैयार किया जाता है। इसमें शिमला मिर्च, टमाटर, खीरा, मिर्च, धनिया, पालक, विभिन्न प्रकार के फूलों और पौधशाला का उत्पादन किया जा सकता है। सीमित क्षेत्र में वैज्ञानिक तरीके से खेती करने की सुविधा मिलने से किसान अपनी जरूरत और बाजार की मांग के अनुसार फसलों का चयन कर सकते हैं।
प्रति इकाई लागत 1.35 लाख रुपये, किसानों में बढ़ी रुचि
सागर जिले में योजना के तहत एक इकाई की लागत 1.35 लाख रुपये निर्धारित की गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में सागर विकासखंड के लिए 60 इकाइयों का लक्ष्य रखा गया था, जबकि इसके लिए 62 आवेदन प्राप्त हुए हैं। निर्धारित लक्ष्य से अधिक आवेदन मिलना किसानों के बीच इस योजना के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाता है।
कम लागत में आधुनिक खेती को प्रोत्साहन
उद्यानिकी विभाग के अनुसार, अल्ट्रा लो-कॉस्ट शेडनेट हाउस संरक्षित खेती का सुलभ और किफायती विकल्प है। इसके माध्यम से किसान पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीकों को अपनाकर उत्पादन की गुणवत्ता सुधारने और बेहतर आय की संभावनाएं तलाश सकते हैं।
सेवा संकल्प अभियान 2026 के तहत ऐसी पहल किसानों को नई तकनीकों से जोड़ने और कृषि क्षेत्र में उत्पादन एवं आय बढ़ाने के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।







