खुरई। भारतीय जनता पार्टी के ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ अभियान के अंतर्गत खुरई के आर.एम.एल. महाविद्यालय में आयोजित ‘युवा एवं विद्यार्थी संवाद’ में मुख्य वक्ता के रूप में युवा नेता अविराज सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन चुनावी पराजय को स्वीकार करने के बजाय निर्वाचन आयोग, ईवीएम और मतदाता सूची की प्रक्रिया पर लगातार सवाल उठाना तथा विरोध के नाम पर अराजकता का वातावरण बनाना लोकतांत्रिक संस्थाओं और जनादेश के सम्मान के अनुकूल नहीं है। लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है कि राजनीतिक दल संवैधानिक संस्थाओं पर विश्वास बनाए रखें और किसी भी विषय पर अपनी बात लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से रखें। भाजपा का ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ अभियान इसी विषय पर जनजागरण का प्रयास है।
अविराज सिंह ने कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर कोई नई या असामान्य प्रक्रिया नहीं है। वर्ष 1952 से अब तक देश में मतदाता सूचियों के आठ गहन पुनरीक्षण हो चुके हैं, जिनमें से सात कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल में हुए थे। वर्तमान प्रक्रिया को नौवां पुनरीक्षण बताया जा रहा है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध और पारदर्शी बनाना है, ताकि मृत व्यक्तियों, स्थायी रूप से दूसरी जगह जा चुके मतदाताओं और एक से अधिक स्थानों पर दर्ज नामों की पहचान कर उन्हें नियमानुसार हटाया जा सके तथा पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल किए जा सकें। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता किसी एक राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि निष्पक्ष चुनाव और लोकतंत्र में जनता के विश्वास का विषय है। एसआईआर को लेकर भ्रम फैलाने के बजाय राजनीतिक दलों को प्रक्रिया को समझना और पात्र मतदाताओं की सहायता करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए लगातार विरोध प्रदर्शन, बंद, चक्का जाम और हड़ताल का सहारा ले रहे हैं। ऐसे प्रदर्शनों का सबसे अधिक नुकसान उन गरीब मजदूरों और रोज कमाकर अपना परिवार चलाने वाले लोगों को उठाना पड़ता है, जिनकी रोजी-रोटी काम बंद होने से प्रभावित होती है। राजनीतिक विरोध के नाम पर सार्वजनिक जीवन को बाधित करने से अर्थव्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और पुलिस तथा प्रशासन का समय एवं संसाधन जनहित के कार्यों के बजाय भीड़ और प्रदर्शनों को नियंत्रित करने में लगते हैं। उन्होंने कहा कि विरोध का अधिकार लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन इस अधिकार का उपयोग शांतिपूर्ण और जिम्मेदार तरीके से होना चाहिए। हिंसा, दबाव और अव्यवस्था से न तो किसी समस्या का समाधान निकलता है और न ही लोकतांत्रिक संस्थाएं मजबूत होती हैं।
अविराज सिंह ने कहा कि संसद लोकतंत्र की सर्वोच्च विधायी संस्था है, जहां जनप्रतिनिधियों को जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए। संसद की कार्यवाही बाधित करना, सदन में हंगामा करना और बहस से बचना संसदीय परंपराओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष द्वारा लगाए गए वोट चोरी के आरोपों पर संसद में चर्चा की तत्परता व्यक्त की है। ऐसे में विपक्ष को भी चर्चा में भाग लेकर अपने आरोपों के समर्थन में तथ्य रखने चाहिए। लोकतंत्र में आरोप-प्रत्यारोप से अधिक महत्वपूर्ण तथ्य, संवाद और जवाबदेही हैं। संसद में बहस से बचकर सड़क पर प्रदर्शन करना किसी भी गंभीर राजनीतिक प्रश्न का समाधान नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की कर्नाटक सरकार के मंत्री सतीश जारकीहोली के एसआईआर संबंधी बयान को भी इस बहस के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, कर्नाटक में इस प्रक्रिया के तहत मृत व्यक्तियों, दूसरी जगह स्थानांतरित हो चुके मतदाताओं और दोहरी प्रविष्टियों वाले नामों को हटाया गया है तथा वहां इसे लेकर कोई विशेष समस्या नहीं है। अविराज सिंह ने कहा कि यदि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया किसी राज्य में स्वीकार्य है, तो दूसरे राज्यों में उसी प्रक्रिया को लेकर भ्रम और विरोध खड़ा करने के पीछे के कारणों पर भी चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि फॉर्म-6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है और एसआईआर के दौरान मांगी गई अतिरिक्त घोषणा इसी प्रक्रिया से संबंधित है। पात्र मतदाताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सभी को जागरूकता के साथ सहयोग करना चाहिए।
अविराज सिंह ने कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। अवैध घुसपैठ केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा, स्थानीय रोजगार, संसाधनों और सीमावर्ती क्षेत्रों के जनसांख्यिकीय संतुलन से भी जुड़ा प्रश्न है। उन्होंने कहा कि भारत में रहने और नागरिक अधिकारों का लाभ लेने के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन आवश्यक है। किसी भी व्यक्ति की नागरिकता और मतदाता सूची में नाम दर्ज होने का निर्णय कानून एवं निर्धारित नियमों के आधार पर होना चाहिए। राजनीतिक दलों को इस संवेदनशील विषय पर जिम्मेदारी से अपनी बात रखनी चाहिए, ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिकों के अधिकारों से जुड़े प्रश्नों पर अनावश्यक भ्रम की स्थिति न बने।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की स्थिरता संसद, न्यायपालिका, निर्वाचन आयोग और प्रशासन जैसी संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता एवं निष्पक्षता पर निर्भर करती है। जब किसी संस्था के निर्णयों को दबाव, धमकी या हिंसा के माध्यम से प्रभावित करने का प्रयास किया जाता है, तो इससे जनता का विश्वास कमजोर होता है। राजनीतिक दलों को संस्थाओं के निर्णयों से असहमति होने पर संवैधानिक और कानूनी रास्ता अपनाना चाहिए। उन्होंने युवाओं और विद्यार्थियों से कहा कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली हर जानकारी को बिना जांचे स्वीकार न करें। किसी भी राजनीतिक दावे, वीडियो या संदेश की सत्यता को समझने के लिए उसके स्रोत और तथ्यों की पड़ताल करना जरूरी है। लोकतंत्र को मजबूत बनाने में जागरूक नागरिकों और युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।
अविराज सिंह ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक एकता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा सभी नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी समाज को बांटने वाली ताकतों के विरुद्ध एकजुट रहने और भारतीय संस्कृति को राष्ट्र की पहचान एवं अस्तित्व का आधार बनाए रखने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन देश की एकता, सुरक्षा और संवैधानिक व्यवस्था से जुड़े विषयों पर सभी दलों को जिम्मेदारी दिखानी चाहिए। युवाओं को किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना, उकसावे और विभाजनकारी विचारों से प्रभावित होने के बजाय तथ्यों, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर अपनी समझ विकसित करनी चाहिए।
अन्य कार्यक्रमों में सहभागिता
युवा नेता अविराज सिंह ने खुरई स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज में 2.42 करोड़ रूपये लागत की नवीन बाउंड्रीवॉल निर्माण कार्य के भूमिपूजन कार्यक्रम में सहभागिता की। इसके पश्चात दोपहर 3 बजे ग्राम बड़राहो (टपरा), पथरिया चिंताई में इमलिया दुगाहा से बड़राहो (टपरा) तक सड़क निर्माण कार्य के भूमिपूजन कार्यक्रम में भी शामिल हुए। इन कार्यक्रमों में खुरई मंडल अध्यक्ष राहुल चौधरी, खुरई ग्रामीण मंडल अध्यक्ष रविंद्र राजपूत, परख नायक, अंकित सिंह बरोदिया नौनागिर एवं पॉलिटेक्निक कॉलेज के प्राचार्य विजय चौहान, राजपाल सिंह राजपूत धनौरा मण्डल अध्यक्ष, श्रीमती नान्नीबाई अहिरवार न.पा अध्यक्ष, राहुल चौधरी मंडल अध्यक्ष खुरई, रविंद्र राजपूत मंडल अध्यक्ष खुरई ग्रामीण, देशराज यादव, रश्मि सोनी महिला मोर्चा जिला महामंत्री, श्रीमती मोना सिंघाई महिला मोर्चा अध्यक्ष, अंकित सिंह, राम शास्त्री, इंद्रकुमार राय, मनोज राय, सोनू चंदेल, लाखन यादव, कोमल प्रजापति, आकाश परिहार, अनिल प्रजापति, दिनेश दुबे, काशीराम अहिरवार, राज नारायण कुर्मी, सुनील राय, कुलदीप ठाकुर, नंदकिशोर विनायक, प्रभात सिंह, ज्योति शर्मा, नर्मदा सेन सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं नागरिक उपस्थित रहे।







