
🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺
|| जय श्री राधे ||
🌺🙏 महर्षि पाराशर पंचांग 🙏🌺
🙏🌺🙏 अथ पंचांगम् 🙏🌺🙏
ll जय श्री राधे ll
🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺
दिनाँक:-20/02/2026,शुक्रवार
तृतीया, शुक्ल पक्ष,
फाल्गुन
“””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)
तिथि—‐–‐– तृतीया 14:37:56. तक
पक्ष————————- शुक्ल
नक्षत्र— उत्तरभाद्रपदा 20:06:35
योग————- साध्य 18:22:18
करण —————–गर 14:37:56
करण———- वणिज 25:51:02
वार———————– शुक्रवार
माह——————— फाल्गुन
चन्द्र राशि—————— मीन
सूर्य राशि—————— कुम्भ
रितु————————– वसंत
आयन—-‐————– उत्तरायण
संवत्सर—‐————– विश्वावसु
संवत्सर (उत्तर) —-‐——–सिद्धार्थी
विक्रम संवत—————- 2082
गुजराती संवत————- 2082
शक संवत—————— 1947
कलि संवत—————– 5126
वृन्दावन
सूर्योदय————— 06:53:34
सूर्यास्त————— 18:12:37
दिन काल————- 11:19:03
रात्री काल————- 12:40:03
चंद्रोदय————— 08:22:49
चंद्रास्त—————- 21:09:43
लग्न—- कुम्भ 7°11′ , 307°11′
सूर्य नक्षत्र————— शतभिषा
चन्द्र नक्षत्र ————उत्तराभाद्रपदा
नक्षत्र पाया—‐————— ताम्र
🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩
थ—- उत्तराभाद्रपद 08:31:02
झ—- उत्तराभाद्रपद 14:19:20
ञ—-उत्तराभाद्रपद 20:06:35
दे—- रेवती 25:52:50
💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮
ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
सूर्य= कुम्भ 06°10 , धनिष्ठा 4 गे
चन्द्र= कुम्भ 25°30 , पूo भाo 2 सो
बुध = कुम्भ 24°52 ‘ पूo भाo 2 सो
शु क्र= कुम्भ 16°05, शतभिषा 3 सी
मंगल= मकर 26°03 ‘ धनिष्ठा 2 गी
गुरु= मिथुन 21°33 पुनर्वसु, 1 के
शनि=मीन 06°13 ‘ उoभा o , 1 दू
राहू=(व) कुम्भ 15°26 शतभिषा, 3 सी
केतु= (व) सिंह 15°26 पूoफाo 1 मो
🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩
राहू काल 11:08 – 12:33 अशुभ
यम घंटा 15:23 – 16:48 अशुभ
गुली काल 08:18 – 09:43 अशुभ
अभिजित 12:10 – 12:56 शुभ
दूर मुहूर्त 09:09 – 09:55 अशुभ
दूर मुहूर्त 12:56 – 13:41 अशुभ
प्रदोष 18:13 – 20:47 शुभ
💮गंड मूल 20:07 – अहोरात्र अशुभ
🚩पंचक अहोरात्र अशुभ
💮चोघडिया, दिन
चर 06:54 – 08:18 शुभ
लाभ 08:18 – 09:43 शुभ
अमृत 09:43 11:08 शुभ
काल 11:08 12:33 अशुभ
शुभ 12:33 13:58 शुभ
रोग 13:58 – 15:23 अशुभ
उद्वेग 15:23 – 16:48 अशुभ
चर 16:48 18:13 शुभ
🚩चोघडिया, रात
रोग 18:13 – 19:48 अशुभ
काल 19:48 21:23 अशुभ
लाभ 21:23 22:58 शुभ
उद्वेग 22:58 – 24:33* अशुभ
शुभ 24:33* – 26:08* शुभ
अमृत 26:08* – 27:43* शुभ
चर 27:43* – 29:18* शुभ
रोग 29:18* – 30:53* अशुभ
💮होरा, दिन
शुक्र 06:54- 07:50
बुध 07:50 -08:47
चन्द्र 08:47 -09:43
शनि 09:43- 10:40
बृहस्पति 10:40 -11:37
मंगल 11:37- 12:33
सूर्य 12:33 -13:30
शुक्र 13:30 -14:26
बुध 14:26 -15:23
चन्द्र 15:23 -16:19
शनि 16:19 -17:16
बृहस्पति 17:16 -18:13
🚩होरा, रात
मंगल 18:13 -19:16
सूर्य 19:16- 20:19
शुक्र 20:19 -21:23
बुध 21:23 -22:26
चन्द्र 22:26 -23:29
शनि 23:29- 24:33
बृहस्पति 24:33-25:36
मंगल 25:36- 26:39
सूर्य 26:39-27:43
शुक्र 27:43-28:46
बुध 28:46- 29:49
चन्द्र 29:49-30:53
🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩
कुम्भ > 06:30 से 08:10 तक
मीन > 08:10 से 09:34 तक
मेष > 09:34 से 11:10 तक
वृषभ > 11:10 से 13:08 तक
मिथुन > 13:08 से 16:34 तक
कर्क > 16:34 से 17:44 तक
सिंह > 17:44 से 19:50 तक
कन्या > 19:50 से 22:10 तक
तुला > 22:10 से 00:32 तक
वृश्चिक > 00:32 से 02:36 तक
धनु > 02:36 से 04:32 तक
मकर > 04:32 से 06:30 तक
🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार (लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट
नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।
💮दिशा शूल ज्ञान————- पश्चिम
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll
🚩 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।
3 + 6 + 1 = 10 ÷ 4 = 2 शेष
आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l
🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩
सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है
सूर्य ग्रह मुखहुति
💮 शिव वास एवं फल -:
3 + 3 + 5 = 11 ÷ 7 = 4 शेष
सभायां = संताप कारक
🚩भद्रा वास एवं फल -:
स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।
रात्रि 25:49 से प्रारंभ
मृत्यु लोक = सर्व कार्य विनाशिनी
💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮
*सर्वार्थ, अमृत योग 20:06 से
💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮
कुचैलिनं दन्तमलोपधारिणां
बह्वाशिनंनिष्ठुरभाषिणां च ।
सूर्योदये वाऽस्तमिते शयानं
विमुञ्चति श्रीर्यदि चक्रपाणिः ।।
।।चाoनीo।।
जो अस्वच्छ कपडे पहनता है. जिसके दात साफ़ नहीं. जो बहोत खाता है. जो कठोर शब्द बोलता है. जो सूर्योदय के बाद उठता है. उसका कितना भी बड़ा व्यक्तित्व क्यों न हो, वह लक्ष्मी की कृपा से वंचित रह जायेगा.
🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩
गीता -: कर्मसांख्ययोग अo-5
सन्न्यासः कर्मयोगश्च निःश्रेयसकरावुभौ।
तयोस्तु कर्मसन्न्यासात्कर्मयोगो विशिष्यते॥
श्री भगवान बोले- कर्म संन्यास और कर्मयोग- ये दोनों ही परम कल्याण के करने वाले हैं, परन्तु उन दोनों में भी कर्म संन्यास से कर्मयोग साधन में सुगम होने से श्रेष्ठ है
॥2॥
💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮
देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।
🐏मेष
पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। रचनात्मक कार्यों में सफलता प्राप्त होगी। प्रबुद्धजनों का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। स्वादिष्ट भोजन का आनंद प्राप्त होगा। नया कार्य करने करने की योजना बनेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। शारीरिक कष्ट संभव है। अनहोनी की आशंका रहेगी। धैर्य रखें। शुभ समय।
🐂वृष
यात्रा मनोरंजक रहेगी। कुछ अनहोनी की आशंका रहेगी। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। प्रभावशाली व्यक्ति से संपर्क बढ़ेगा। सहयोग मिलेगा। आय में वृद्धि होगी। निवेश शुभ रहेगा। परिवार में कोई मांगलिक कार्य हो सकता है। प्रसन्नता में वृद्धि होगी।
👫मिथुन
दूसरों से अपेक्षा न करें। कोई भी बड़ा निर्णय सोच-समझकर करें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। आय में निश्चितता रहेगी। जोखिम न लें। पुरानी व्याधि उठ सकती है। शोक समाचार मिल सकता है। भागदौड़ रहेगी। वाणी पर नियंत्रण रखें। बनते कामों में व्यवधान संभव है। चिंता तथा तनाव रहेंगे।
🦀कर्क
भूमि, भवन, दुकान व शोरूम आदि की खरीद-फरोख्त की योजना बनेगी। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। यश प्राप्ति के योग हैं। सामाजिक कार्य करने का मन बनेगा। लाभ होगा। व्यस्तता के चलते स्वास्थ्य खराब हो सकता है। चिंता तथा तनाव बने रहेंगे। चोट व दुर्घटना से हानि संभव है।
🐅सिंह
भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। आय में वृद्धि होगी। कोई बड़ी समस्या का हल सहज ही मिलेगा। अप्रत्याशित लाभ के योग हैं। प्रमोशन व इनाम आदि मिलने की संभावना है। यात्रा मनोरंजक रहेगी। घर-परिवार में समय प्रसन्नता के साथ व्यतीत होगा। विवाद न करें। थकान रहेगी। चिंता रहेगी।
🙍♀️कन्या
व्यापार-व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी। सही बात का भी विरोध हो सकता है, धैर्य रखें। स्थिति अनुकूल होगी। शारीरिक कष्ट संभव है। स्वास्थ्य को अनदेखा न करें। प्रसन्नता बनी रहेगी। प्रयास सफल रहेंगे। मित्रों की सहायता कर पाएंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।
⚖️तुला
स्वास्थ्य पर अधिक व्यय हो सकता है। विवाद को बढ़ावा न दें। धैर्य रखें। व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। नौकरी में कार्यभार रहेगा। किसी विशिष्ट व्यक्ति से मार्गदर्शन प्राप्त होगा। आय में निश्चितता रहेगी। प्रसन्नता रहेगी। धनहानि होने के योग हैं। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें।
🦂वृश्चिक
पराक्रम व प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। सुख के साधन जुटेंगे। संतान पक्ष की चिंता रहेगी। अज्ञात भय सताएगा। व्यवसाय-व्यापार मनोनुकूल लाभ देगा। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा मनोरंजक रहेगी। समय सुखमय व्यतीत होगा। जल्दबाजी न करें। लेन-देन में सावधानी रखें। प्रमाद न करें।
🏹धनु
विवाद को बढ़ावा न दें। राजभय बना रहेगा। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। दूसरों के कार्य में दखल न दें। समय पर कार्य न होने से तनाव रहेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। परिवार के वरिष्ठजनों के स्वास्थ्य की चिंता बनी रहेगी।
🐊मकर
नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। काफी समय से अटके काम पूर्ण होने के योग हैं। मित्रों तथा परिवार के साथ समय सुखमय व्यतीत होगा। स्वास्थ्य कमजोर रह सकता है। लापरवाही न करें। प्रतिद्वंद्वी परेशानी का कारण बन सकते हैं। व्यापार, निवेश व नौकरी मनोनुकूल रहेंगे। धनार्जन होगा।
🍯कुंभ
अधिक धनलाभ के योग बनते हैं। प्रमाद न कर प्रयास करें। नौकरी में अधिकार वृद्धि हो सकती है। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल लाभ देंगे। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा। भाग्य का साथ बना रहेगा। तीर्थयात्रा की योजना सफल रहेगी। सत्संग का लाभ मिलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता बनी रहेगी।
🐟मीन
घर में अतिथियों का आगमन होगा। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। मनोरंजन के अवसर प्राप्त होंगे। मित्रों के साथ समय अच्छा व्यतीत होगा। व्यस्तता रहेगी। शत्रुभय रहेगा। शारीरिक पीड़ा रह सकती है। नए मित्रों से संपर्क बढ़ेगा।
🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺
आचार्य नीरज पाराशर (वृन्दावन)
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)
09897565893,09412618599











