
कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में स्वर और रंगों के कौशल से संवर रहा है विद्यार्थियों का भविष्य
पीएम उषा योजना के तहत महाविद्यालय में कौशल प्रशिक्षण कार्यशाला
सागर। स्थानीय शासकीय कला एवं वाणिज्य अग्रणी महाविद्यालय में इन दिनों ‘पीएम उषा’ योजना के माध्यम से शिक्षा और कौशल का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संचालित इस केंद्र पोषित योजना के तहत महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को उनकी रुचि के अनुसार विभिन्न ललित कलाओं में दक्ष किया जा रहा है, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए स्वयं को तैयार कर सकें। इसी के तहत विद्यार्थियों को ड्राइंग, पेंटिंग और संगीत का सघन प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे उनकी रचनात्मकता को नए पंख मिल सकें।
हुनर से मिलेगा स्वरोजगार का रास्ता
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें व्यावहारिक कलाओं में पारंगत करना है। डॉ. गुप्ता ने बताया कि वर्तमान समय में कला केवल शौक नहीं, बल्कि करियर का एक सशक्त माध्यम है। इसी उद्देश्य के साथ विद्यार्थियों को ड्राइंग, पेंटिंग और संगीत का सघन प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे उनकी रचनात्मकता को नए पंख मिल सकें।
सुर, ताल और रंगों का अद्भुत मेल
कार्यशाला के दौरान संगीत विधा प्रशिक्षण प्रभारी डॉ संगीता मुखर्जी के निर्देशन में विशेषज्ञों द्वारा छात्र-छात्राओं को गायन एवं वादन की बारीकियों, रागों के अनुशासन और सुर-ताल के सामंजस्य का बोध कराया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर चित्रकला कार्यशाला की प्रभारी डॉ प्रतिभा जैन के मार्गदर्शन में रंगों के संयोजन, छाया-प्रकाश के प्रभाव और कलम के जादू से कैनवास पर आकृतियाँ उकेरने का तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
15 दिवसीय सघन प्रशिक्षण
इस प्रशिक्षण शिविर में गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सीमित संख्या में विद्यार्थियों का चयन किया गया है। ड्राइंग एवं पेंटिंग और गीत-संगीत, दोनों ही विधाओं में 40-40 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। 15 दिनों तक चलने वाले इस ‘क्रैश कोर्स’ के अंत में विद्यार्थियों की कलाकृतियों और संगीत की प्रस्तुति का प्रदर्शन भी किया जाएगा। डॉ संदीप सबलोक ने बताया कि उक्त प्रशिक्षण कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों में न केवल आत्मविश्वास बढ़ रहा है, बल्कि वे आत्मनिर्भरता की दिशा में भी कदम बढ़ा रहे हैं।
प्राचार्य जी के निर्देशानुसार
भवदीय
डॉ संदीप सबलोक











