
बीएमसी सागर की बड़ी उपलब्धि: बिना चीरा-टांका ‘इंटरवेंशनल तकनीक’ से बचाई जान
सागर, 06 मई, 2026 बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर ने चिकित्सा के क्षेत्र में एक और कीर्तिमान स्थापित किया है। यहाँ के रेडियोलॉजी, सर्जरी और एनेस्थीसिया विभाग की संयुक्त टीम ने एक अत्यंत गंभीर मरीज का बिना किसी बड़े ऑपरेशन (चीरा-टांका) के इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी तकनीक से सफल उपचार कर उसे जीवनदान दिया।
मरीज पिछले एक महीने से मल्टीपल लिवर एब्सेस (लिवर में मवाद के कई घाव) और सेप्टीसीमिया (खून में फैला गंभीर संक्रमण) से पीड़ित था। संक्रमण शरीर में फैलने के कारण मरीज की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई थी।
तकनीक जो बनी वरदान
आमतौर पर इस तरह के जटिल मामलों में बड़ा ऑपरेशन करना पड़ता है, जो जोखिम भरा होता है। लेकिन बीएमसी के विशेषज्ञों ने आधुनिक इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी का सहारा लिया। इस प्रक्रिया में बिना टांके लगाए संक्रमण को बाहर निकाला गया। इमेजिंग गाइडेंस के जरिए सीधे प्रभावित हिस्से का उपचार किया गया जिससे मरीज को बड़े ऑपरेशन के दर्द और लंबे समय तक अस्पताल में रुकने से राहत मिली।
इस जटिल प्रक्रिया को सफल बनाने में विशेषज्ञों की टीम का विशेष योगदान रहा जिसमें रेडियोलॉजी विभाग से डॉ. वृषभान अहिरवार, एनेस्थीसिया विभाग के एच ओ डी डॉ सर्वेश जैन , सर्जरी विभाग के एच ओ डी
डॉ. दीपक श्रीवास्तव और सहयोगी टीम में डॉ. तनु, डॉ. आकाश आदि ने योगदान दिया।
डीन डॉ. पी. एस. ठाकुर ने कहा कि जहाँ इस प्रकार के उपचार के लिए पहले मरीजों को महानगरों के चक्कर लगाने पड़ते थे और निजी अस्पतालों में लाखों खर्च करने पड़ते थे, वहीं अब बीएमसी में यह अत्याधुनिक उपचार निःशुल्क या बेहद कम खर्च पर उपलब्ध है। हमारी टीम लगातार नई तकनीकों को अपना रही है।
मीडिया प्रभारी डॉ. सौरभ जैन ने बताया कि समय पर मिले इस आधुनिक उपचार से मरीज की स्थिति में चमत्कारिक सुधार हुआ। मरीज अब पूरी तरह स्वस्थ है और उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है।
इस सफलता पर मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने पूरी टीम को बधाई दी है, जो बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।











