
शासकीय कला एवं वाणिज्य अग्रणी महाविद्यालय में ‘दीक्षारंभ एवं प्रवेश उत्सव’ का भव्य आगाज, तिलक लगाकर हुआ नवआगंतुक छात्र-छात्राओं का आत्मीय स्वागत
महाविद्यालय सिर्फ डिग्री का केंद्र नहीं बल्कि समग्र व्यक्तित्व निर्माण का आधार : प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता
सागर/ उच्च शिक्षा विभाग, मध्य प्रदेश शासन के निर्देशानुसार शासकीय कला एवं वाणिज्य (अग्रणी) महाविद्यालय, सागर में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए तीन दिवसीय ‘दीक्षारंभ एवं प्रवेश उत्सव’ का अत्यंत गरिमामय और उत्साहपूर्ण शुभारंभ हुआ। प्राचार्या डॉ. सरोज गुप्ता के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित इस त्रिवसीय कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नवागंतुक छात्र-छात्राओं को कॉलेज के शैक्षणिक माहौल, संकायों, पाठ्यक्रमों, छात्रहितकारी योजनाओं और सहशैक्षणिक गतिविधियों से रूबरू कराना है, ताकि वे कॉलेज जीवन में सहजता से ढल सकें। इस गरिमापूर्ण आयोजन की कमान कार्यक्रम संयोजक डॉ. अभिलाषा जैन संभाल रही हैं।
नवे शैक्षणिक सत्र के प्रथम दिवस महाविद्यालय पहुँचने पर नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं का स्वागत बेहद अनूठे और भारतीय परंपरा के अनुसार किया गया। कॉलेज परिसर में कदम रखते ही सीनियर प्राध्यापकों और शैक्षणिक स्टाफ ने नए छात्र-छात्राओं का रोली-चंदन का तिलक लगाकर और आत्मीय अभिनंदन कर उनका हौसला बढ़ाया। इस दौरान मंच के समक्ष कतारबद्ध खड़े नवआगंतुक छात्र एवं छात्राओं को प्रोफेसरों द्वारा तिलक लगाकर नए कॉलेज जीवन की सफल शुरुआत के लिए शुभकामनाएं दी गईं। इस आत्मीय स्वागत से नवागंतुक विद्यार्थियों के चेहरे खिल उठे।
प्रथम दिवस के सत्र का प्रारंभ करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि महाविद्यालय केवल डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व निर्माण, बौद्धिक विकास, सामाजिक उत्तरदायित्व और नैतिक मूल्यों के संवर्धन का सबसे बड़ा केंद्र है। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन, कड़े अनुशासन और समयबद्धता का पालन करने का आह्वान करते हुए कहा कि आज का जागरूक विद्यार्थी ही भविष्य का जिम्मेदार नागरिक है, इसलिए ज्ञान के साथ-साथ चरित्र निर्माण और सामाजिक संवेदनशीलता भी अनिवार्य है।
शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में विभिन्न संकायों के प्रभारियों ने विद्यार्थियों को करियर के प्रभावी मंत्र दिए। कला संकाय प्रभारी डॉ. विनय कुमार शर्मा ने कला संकाय के विषयों, रोजगारोन्मुखी अवसरों और प्रशासनिक सेवाओं में इसकी महत्ता को रेखांकित करते हुए बताया कि यह संकाय विद्यार्थियों में विश्लेषणात्मक दृष्टि और सामाजिक चेतना का विकास करता है। वहीं वाणिज्य संकाय प्रभारी डॉ. अमर कुमार जैन ने बदलते आर्थिक परिवेश में वाणिज्य शिक्षा के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डालते हुए सीए, सीएस, बैंकिंग, कॉर्पोरेट सेक्टर और स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी दी और कौशल आधारित शिक्षा पर जोर दिया। इसी क्रम में विज्ञान संकाय प्रभारी डॉ. गोपा जैन ने प्रयोगशाला सुविधाओं और अनुसंधान की संभावनाओं से अवगत कराते हुए कहा कि विज्ञान विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तार्किक चिंतन विकसित करता है, जिससे आईटी, बायोटेक और चिकित्सा क्षेत्र में स्वर्णिम भविष्य बनाया जा सकता है।
संकाय गाइडेंस के बाद छात्र-छात्राओं को कॉलेज की महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं और सुविधाओं से परिचित कराया गया。 छात्रवृत्ति प्रभारी डॉ. अनुरोध चढ़ार ने शासकीय छात्रवृत्ति योजनाओं, पात्रता और ऑनलाइन आवेदन की बारीकियों को समझाते हुए विद्यार्थियों से समय पर आवेदन करने तथा अपने दस्तावेजों को अपडेट रखने की अपील की। इसके बाद ग्रंथपाल डॉ. संतोष सेन ने पुस्तकालय की सदस्यता, संदर्भ ग्रंथों, ई-रिसोर्सेस और प्रतियोगी परीक्षाओं की अध्ययन सामग्री की जानकारी देते हुए नियमित रूप से पुस्तकालय का उपयोग करने की प्रेरणा दी。 क्रीड़ा अधिकारी डॉ. दयाराम राजपूत ने कॉलेज में उपलब्ध खेल सुविधाओं और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं की रूपरेखा साझा करते हुए कहा कि खेल शारीरिक स्वास्थ्य के साथ नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं।
इस प्रथम दिवसीय शानदार सत्र का प्रभावी संचालन डॉ. अवधेश प्रताप सिंह ने किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS), राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC), सांस्कृतिक और साहित्यिक गतिविधियों की भी प्रारंभिक जानकारियां दी गईं।
महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. संदीप सबलोक ने बताया कि इस तीन दिवसीय “दीक्षारंभ एवं प्रवेशोत्सव” कार्यक्रम के तहत आगामी दो दिनों में आयोजित होने वाले विभिन्न सत्रों में भी सभी विद्यार्थियों से इसी उत्साह के साथ सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया गया है, ताकि वे कॉलेज की समस्त व्यवस्थाओं से पूरी तरह परिचित हो सकें।
प्राचार्य जी के निर्देशानुसार
भवदीय
डॉ संदीप सबलोक
मीडिया प्रभारी










