क्रांति गौड़ के सम्मान में एसडीसीए का भव्य समारोह, विधायक प्रदीप लारिया बोले—प्रतिभा को अवसर मिले तो सागर की मिट्टी दुनिया में अपना परचम लहरा सकती है

लॉड्स की रोशनी से सागर की बेटियों तक पहुँचा प्रेरणा का उजास

(क्रांति गौड़ के सम्मान में एसडीसीए का भव्य समारोह, विधायक प्रदीप लारिया बोले—प्रतिभा को अवसर मिले तो सागर की मिट्टी दुनिया में अपना परचम लहरा सकती है)

सागर/19.08.2026; लॉड्स के ऐतिहासिक मैदान पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सदस्य एवं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी क्रांति गौड़ के सम्मानित होने की उपलब्धि जब सागर की धरती पर लौटी, तो यह केवल एक खिलाड़ी का अभिनंदन नहीं था, बल्कि उस मिट्टी, उस मेहनत और उस सपने का सम्मान था, जिसने एक साधारण प्रतिभा को अंतरराष्ट्रीय पहचान तक पहुँचाया।

सागर संभाग क्रिकेट एसोसिएशन (एसडीसीए) द्वारा बम्होरी रेंगुवां स्थित एसडीसीए ग्राउंड पर क्रांति गौड़ के सम्मान में आयोजित विशेष समारोह इसी गौरवपूर्ण भाव का साक्षी बना। कार्यक्रम में रणजी ट्रॉफी खिलाड़ी अक्षत रघुवंशी एवं दलीप ट्रॉफी खिलाड़ी आर्यन पांडे को भी सम्मानित किया गया। समारोह में क्रिकेट से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी, उत्कृष्ट खिलाड़ी, स्कूली बच्चे, प्रबुद्धजन और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

क्रांति गौड़ का एसडीसीए से प्रशिक्षण प्राप्त कर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक पहुँचना इस आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धि और संदेश रहा। दीपक मेमोरियल स्कूल के विद्यार्थियों की बैंड पार्टी ने उनका गरिमापूर्ण स्वागत किया। जैसे ही मैदान तालियों और बैंड की धुन से गूंजा, वह क्षण किसी खिलाड़ी के स्वागत से कहीं आगे बढ़कर सागर की खेल प्रतिभा के सम्मान का उत्सव बन गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। पुष्पगुच्छ भेंट कर अतिथियों का स्वागत किया गया तथा क्रांति गौड़ सहित सम्मानित खिलाड़ियों को स्मृति-चिह्न प्रदान किए गए।

“क्रांति की सफलता एक उपलब्धि नहीं, हजारों सपनों की शुरुआत है”

एसडीसीए अध्यक्ष एवं नरयावली विधायक इंजी. प्रदीप लारिया ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि क्रांति गौड़ की सफलता सागर संभाग की खेल प्रतिभाओं के लिए विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि प्रतिभा कभी संसाधनों की मोहताज नहीं होती, उसे केवल सही दिशा, अवसर और निरंतर प्रोत्साहन की आवश्यकता होती है।

उन्होंने कहा कि आज क्रांति जिस मुकाम पर खड़ी हैं, वहां तक पहुंचने के पीछे उनकी प्रतिभा के साथ उनका परिश्रम, अनुशासन और एसडीसीए की प्रशिक्षण परंपरा भी है। यह उपलब्धि सागर के प्रत्येक उस बच्चे को संदेश देती है, जो मैदान में अपने सपनों के साथ उतरता है—“सपना बड़ा रखिए, मेहनत उससे भी बड़ी कीजिए; मंजिल दूर हो सकती है, असंभव नहीं।”

विधायक  लारिया ने कहा कि एसडीसीए केवल क्रिकेट खेलने का मैदान नहीं, बल्कि प्रतिभाओं को तराशने और उन्हें बड़े मंच तक पहुंचाने की एक सशक्त संस्था है। यहां से निकलने वाली प्रतिभाएं सागर की पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाई दे रही हैं। उन्होंने युवा खिलाड़ियों का आह्वान करते हुए कहा कि मैदान पर पसीना बहाने वाला युवा ही भविष्य में देश का गौरव बनता है।

क्रांति बोलीं—सपना देखें, मेहनत करें और खुद पर विश्वास रखें

अपने उद्बोधन में क्रांति गौड़ ने अपनी क्रिकेट यात्रा के अनुभव साझा करते हुए कहा कि बड़े मंच तक पहुंचने की राह आसान नहीं होती, लेकिन निरंतर मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास से हर चुनौती को पार किया जा सकता है। उन्होंने एसडीसीए से मिले प्रशिक्षण और मार्गदर्शन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि सागर से मिली क्रिकेट की शुरुआती सीख ने उनकी यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उन्होंने उपस्थित स्कूली बच्चों और युवा खिलाड़ियों से कहा कि अपने सपनों को छोटा न होने दें। असफलता आए तो रुकें नहीं, बल्कि उससे सीखकर और मजबूत होकर आगे बढ़ें।

उनके शब्दों में अनुभव की सच्चाई थी और उनकी सफलता में उन बच्चों के लिए उम्मीद, जो आज उसी मैदान पर अपने भविष्य की पहली पारी खेल रहे हैं।

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा—सफलता की कहानी युवाओं को दिशा देती है

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने क्रांति गौड़ को बधाई देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि जिले और संभाग के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि अनुशासन, धैर्य, टीम भावना और नेतृत्व का विद्यालय है। क्रांति जैसी प्रतिभाएं नई पीढ़ी को यह विश्वास देती हैं कि छोटे शहरों और कस्बों से निकलकर भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान बनाई जा सकती है।

विशेष अतिथि संस्थापक सदस्य प्रो. के.एस. पित्रे, सुनील भाई पटेल, कलेक्टर प्रतिभा पाल एवं पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया की उपस्थिति ने समारोह की गरिमा बढ़ाई। उपाध्याय राजीव बिल्थरे और प्रवीण लोकरस तथा प्रो. के.एस. पित्रे ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

एक सम्मान समारोह, जो अपने पीछे छोड़ गया संकल्प

इस समारोह की सबसे बड़ी खूबसूरती यह रही कि मंच पर सम्मान केवल एक उपलब्धि का नहीं था, बल्कि उस पूरी यात्रा का था जो अभ्यास से शुरू होकर उपलब्धि तक पहुंचती है।

एक ओर लॉड्स में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी क्रांति गौड़ थीं, दूसरी ओर रणजी और दलीप ट्रॉफी के लिए आगे बढ़ते अक्षत रघुवंशी और आर्यन पांडे। सामने बैठे स्कूली बच्चे तालियों की गूंज में अपने भविष्य की तस्वीर तलाश रहे थे। शायद किसी बच्चे ने उसी क्षण मन ही मन तय किया हो कि अगली बार सम्मान के मंच पर उसे खड़ा होना है। यही इस समारोह की असली सफलता थी।

एसडीसीए का यह आयोजन महज सम्मान समारोह नहीं, युवा पीढ़ी के नाम एक आह्वान था—मैदान में उतरिए, मेहनत कीजिए, अपने सपनों पर विश्वास रखिए और सागर की मिट्टी की प्रतिभा को दुनिया के मंच तक ले जाइए।

कार्यक्रम में मयंक गौड़, एसडीसीए अध्यक्ष रघुनंदन त्रिपाठी, उपाध्यक्ष रमन दुबे, कोषाध्यक्ष डॉ.नईम खान, संयुक्त सचिव राजेश साहू, डॉ. मोनिका हार्डिकर, सदस्य संजय दुबे, रेहान तारिक, सचेन्द्र भट्ट, शर्मीला डाबर, उप संचालक खेल एवं युवा कल्याण, डॉ. सुमन पटेल, सहायक संचालक, डॉ.हरि सिंह गौर, संगीता भदोरिया, उमेश मौर्य, सुरेंद्र सिंह, रोहित वैद्य, दीपांशु मौर्य, संभाग के समस्त जिला सचिव, एसडीसीए के अधिकारी- कर्मचारी, उत्कृष्ट खिलाड़ी, स्कूली विद्यार्थी, प्रबुद्धजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। आभार प्रदर्शन एसडीसीए सचिव विनय शुक्ला ने किया तथा मंच संचालन एम.डी. त्रिपाठी ने किया।

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