
केंद्रीय जेल सागर में महिला बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए रचनात्मक आभूषण निर्माण प्रशिक्षण का शुभारंभ
सागर 18 अगस्त 2026
केंद्रीय जेल सागर में महिला बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने एवं उनके कौशल विकास के उद्देश्य से आरसेटी, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के सहयोग से रचनात्मक आभूषण निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ 18 अगस्त 2026 को किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सागर द्वारा किया गया। इस 14 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में केंद्रीय जेल सागर में निरुद्ध 35 महिला बंदियों को रचनात्मक आभूषण निर्माण का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
इस अवसर पर आरसेटी डायरेक्टर नीलीमा जैन ने बताया कि वर्तमान प्रशिक्षण के उपरांत भविष्य में जेल में पुरुष बंदियों के लिए जूट बैग निर्माण एवं बर्नी कम्पोस्ट (जैविक खाद) निर्माण संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाने की योजना है। उन्होंने कहा कि प्रयास किया जाएगा कि जेल में निरुद्ध अधिक से अधिक बंदियों को विभिन्न रोजगारपरक एवं कौशल विकास प्रशिक्षणों का लाभ मिले, जिससे उनमें कार्य कौशल विकसित हो सके और रिहाई के बाद वे आत्मनिर्भर होकर सम्मानपूर्वक अपनी जीविका का संचालन कर सकें।
कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा महिला बंदियों के कौशल विकास एवं पुनर्वास के लिए इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के महत्व पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने महिला बंदियों को प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाकर अपनी प्रतिभा एवं कौशल को विकसित करने तथा भविष्य में सम्मानजनक आजीविका अर्जित करने के लिए प्रेरित किया।
जेल अधीक्षक, केंद्रीय जेल सागर के अधिकारी-कर्मचारी, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय प्रबंधक, आरसेटी डायरेक्टर नीलीमा जैन सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
जेल प्रशासन द्वारा महिला बंदियों के पुनर्वास, कौशल विकास एवं समाज की मुख्यधारा में पुनर्स्थापना के उद्देश्य से इस प्रकार के व्यावसायिक एवं रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली 35 महिला बंदियों में उत्साह एवं प्रसन्नता का वातावरण रहा।











