सेंसर आधारित स्वचालित फर्टिगेशन सिस्टम से किसान राजेंद्र लोधी को आधुनिक कृषि का लाभ

सेंसर आधारित स्वचालित फर्टिगेशन सिस्टम से किसान राजेंद्र लोधी को आधुनिक कृषि का लाभ
10 एकड़ में ड्रिप सिंचाई से पहुंचेगा पानी और उर्वरक, ₹4.31 लाख की लागत पर मिला ₹2 लाख का अनुदान
सागर, 3 सितंबर 2026। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना वर्ष 2025-26 के अंतर्गत किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने की दिशा में जिले में सेंसर आधारित स्वचालित फर्टिगेशन सिस्टम स्थापित किया जा रहा है। इसी क्रम में जैसीनगर विकासखंड के ग्राम मूडरा निवासी कृषक श्री राजेंद्र लोधी के खेत में सेंसर आधारित स्वचालित फर्टिगेशन सिस्टम स्थापित किया गया है।
इस आधुनिक सिस्टम की कुल लागत 4 लाख 31 हजार रुपये है, जिसमें कृषक को 2 लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया गया है। तकनीक के माध्यम से किसान को सिंचाई और उर्वरक प्रबंधन में आधुनिक सुविधा उपलब्ध होगी।
पौधों की जरूरत के अनुसार मिलेगा पानी और पोषक तत्व
सेंसर आधारित स्वचालित फर्टिगेशन सिस्टम के माध्यम से करीब 10 एकड़ क्षेत्र में ड्रिप सिंचाई प्रणाली द्वारा पानी और उर्वरक को स्वचालित तरीके से पौधों तक पहुंचाया जाएगा। सेंसर फसल की आवश्यकता के अनुसार पानी एवं पोषक तत्वों की मात्रा को बेहतर ढंग से नियंत्रित करने में मदद करेंगे।
इस प्रणाली की खासियत यह है कि सिंचाई के पानी का पीएच स्तर भी नियंत्रित रखा जा सकेगा। इससे पौधों को आवश्यक पोषक तत्व बेहतर तरीके से उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी और पानी एवं उर्वरकों के उपयोग को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
कृषि लागत में कमी और उत्पादन में स्थिरता की उम्मीद
आधुनिक फर्टिगेशन तकनीक से पानी और उर्वरकों की अनावश्यक खपत को कम करने में मदद मिलने की संभावना है। साथ ही फसल की गुणवत्ता में सुधार और उत्पादन में स्थिरता आने की उम्मीद है। किसान को बार-बार मैनुअल तरीके से सिंचाई एवं उर्वरक देने की आवश्यकता भी कम होगी।
कृषक राजेंद्र लोधी इस आधुनिक तकनीक को अपनाकर कृषि लागत को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने, उत्पादन बढ़ाने और आय में वृद्धि की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। सेंसर आधारित यह प्रणाली क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी आधुनिक और तकनीक आधारित खेती का उदाहरण बन सकती है।

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