
कॉलेज में छात्राओं की 75% से कम उपस्थिति रही तो छात्रवृत्ति नहीं मिलेगी, परीक्षा भी नहीं देने दिया जाएगा
एक्सीलेंस गर्ल्स कॉलेज में जन भागीदारी समिति की बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हुए बनी सहमति
सागर
एक्सीलेंस गर्ल्स कॉलेज की जन भागीदारी समिति की बैठक गुरुवार को कॉलेज में आयोजित की गई। बैठक में कॉलेज के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हुए सहमति दी गई l बैठक में मुख्य अतिथि के तौर पर विधायक शैलेंद्र जैन शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता जन भागीदारी समिति अध्यक्ष मनीषा विनय मिश्रा में की।
बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हुए प्राचार्य आनंद तिवारी ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। बैठक में छात्राओं की उपस्थिति की जानकारी विधायक जैन ने ली। जिस पर प्राचार्य तिवारी ने बताया कि कुछ विषयों में छात्राओं की उपस्थिति काफी कम रहती है। इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए विधायक जैन ने कहा कि जिन छात्राओं की उपस्थिति कम है, उन्हें परीक्षा से वंचित रखा जाए। इसके साथ ही जो छात्राएं कॉलेज में अध्ययन करने नहीं आ रही है। उनके अभिभावकों को सूचना देकर उन्हें उनकी उपस्थिति की स्थिति से भी अवगत कराया जाए। इसके साथ ही अगर अनुपस्थित छात्राएं छात्रवृत्ति की पात्रता रखती हैं तो उनकी छात्रवृत्ति भी रोक दी जाए। इस विषय पर समिति के सभी सदस्यों ने अपनी सहमति देते हुए प्रस्ताव पर मंजूरी दी। विधायक जैन ने इस नियम को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने कॉलेज परिसर में वर्ष 1873 में निर्मित ऐतिहासिक टाउनहॉल को उसके वास्तविक रूप में जीर्णोद्धार करने के निर्देश दिए।
जन भागीदारी समिति के सदस्य मानदेय से भरेंगे फीस
जन भागीदारी समिति सदस्य ने सुझाव रखा कि समिति सदस्यों के लिए जो मानदेय प्रति बैठक मिलता है। उसे मानदेय से ऐसी निर्धन छात्रा की फीस भरी जाए, जिसे शासन की ओर से कोई भी लाभ नहीं मिल रहा हो। इसके साथ ही कॉलेज परिसर में आयोजित होने वाले कार्यक्रम पर पर भी निर्धारित शुल्क लेने का सुझाव रखा गया। दोनों बिंदुओं पर आपसी सहमति के साथ बैठक में मंजूरी दी गई। बैठक में अरविंद जैन, अलका श्रीवास्तव, विनय मिश्रा, रानी बजाज, दीप्ति चंदेरिया, प्रासुक जैन, वंदनी जैन, विनीता दोहरे, राकेश लारिया, अंशिता वर्मा, पद्मा आचार्य, संजय खरे आदि मौजूद थे।
इन बिंदुओं पर भी हुई चर्चा, बनी सहमति
कॉलेज परिसर में बगैर यूनिफॉर्म प्रवेश नहीं मिलेगा।
कॉलेज प्रबंधन द्वारा विभिन्न न्यायालय प्रकरणों के लिए विधिक सलाहकार की नियुक्ति की जाएगी।
सभी विषयों में छात्राओं की संख्या बढ़ाने के लिए कॉलेज प्रबंधन द्वारा कार्य किए जाएंगे।
छात्राओं की उपस्थिति के लिए आरएफआईडी कार्ड बनाया जाएगा। यह व्यवस्था नए सत्र से लागू की जाएगी।











