
नारी बच्चों को जन्म ही नहीं देती, मां बनकर उन्हें संस्कारवान भी बनाती है : अनुश्री शैलेंद्र जैन
महिला बाल विकास द्वारा शहर की विभिन्न स्मार्ट आंगनबाड़ियों में गर्भवती महिलाओं की गोद भराई रस्म का हुआ आयोजन
सागर.
नारी का स्थान पूरे ब्रह्मांड में सर्वोपरि रहा है, क्योंकि वह सृजनहार है, जो जननी बनकर बच्चे का जन्म ही नहीं देती, बल्कि मां बनकर उन्हें संस्कारवान भी बनाती है। इसलिए गर्भावस्था के दौरान कोई भी महिला किसी देवी के स्वरूप से कम नहीं होती। प्राचीन परंपराओं में गोद भराई की रस्म भी विशेष पूजा के साथ की जाती थी, जिसमें गर्भवती महिलाओं को देवी स्वरूप मानकर उन्हें उपहार दिए जाते थे, उन्हें पूजा जाता था। ताकि नवजात शिशु के साथ वह खुशहाली लेकर भी आए। यह बात लीगल राइट्स काउंसिल, इंडिया की प्रदेश उपाध्यक्ष अनुश्री शैलेंद्र जैन ने तुलसीनगर वार्ड स्थिति आंगनबाड़ी में गर्भवती महिलाओं के गोद भराई रस्म कार्यक्रम के दौरान कही।
सोमवार को तुलसी नगर वार्ड में स्मार्ट सिटी द्वारा नवनिर्मित आंगनबाड़ी में महिला बाल विकास द्वारा गर्भवती महिलाओं की गोद भराई रस्म का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर लीगल राइट्स काउंसिल, इंडिया की प्रदेश उपाध्यक्ष अनुश्री शैलेंद्र जैन मौजूद रहीं। उन्होंने गर्भवती महिलाओं को तिलक लगाकर और सुहागन सामग्री देकर आने वाले नवजात शिशु की स्वस्थ्य होने की कामना की। इस अवसर पर वार्ड पार्षद सोना कनई पटेल, मेघा दुबे,परियोजना अधिकारी साधना खटीक उपस्थित रहीं। महिला बाल विकास द्वारा उक्त कार्यक्रम बाघराज वार्ड स्थित बीड़ी कॉलोनी आंगनबाड़ी क्रमांक 79, चकराघाट वार्ड स्मार्ट आंगनबाड़ी क्रमांक 87, तिली वार्ड में में स्मार्ट आंगनबाड़ी क्रमांक 77, पंतनगर वार्ड में स्मार्ट आंगनबाड़ी क्रमांक 91, अंबेडकर वार्ड, चंद्रशेखर वार्ड, इतवारी और वल्लभ नगर वार्ड में स्थित नवनिर्मित स्मार्ट आंगनबाड़ी में भी गोद भराई रस्म का आयोजन किया जा गया।











