
विधायक शैलेंद्र जैन बोले : रतौना के शीत फॉर्म में 50 करोड़ की लागत से प्रोजेक्ट लगाया जाए
पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने दिया आश्वासन – विभागीय अधिकारी प्रस्ताव बनाकर दें, हम पूरा कराएंगे
जिला गौपालन एवं पशुपालन संवर्धन समिति द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न
सागर.
शहर के नजदीक भोपाल रोड पर रतौना शीत फॉर्म ऐसा स्थान है, जहां पशुपालन, डेयरी प्रोडक्ट आदि के विकास और विस्तार की बेहतर संभावनाएं हैं। अगर यहां 50 करोड़ से अधिक की लागत से कोई प्रोजेक्ट लगाया जाता है, तो स्थानीय स्तर पर दुग्ध का उत्पादन करने वाले लोगों को इसका लाभ मिलेगा। यह बात विधायक शैलेंद्र जैन ने जिला गौपालन एवं पशुपालन संवर्धन समिति द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला के दौरान कहीं। कार्यशाला में मुख्य अतिथि के दौर पर मौजूद पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्य मंत्री लखन पटेल ने आश्वासन दिया है कि अधिकारी इस दिशा में कार्य करते हुए एक प्रस्ताव तैयार करें। उस प्रोजेक्ट को हम पूरा करेंगे।
शनिवार को जिला गौपालन एवं पशुपालन संवर्धन समिति द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन कुबेर वाटिका में किया गया। कार्यक्रम में मु्ख्य अतिथि के तौर पर पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्य मंत्री लखन पटेल और विशिष्ट अतिथि के तौर पर विधायक शैलेंद्र जैन मौजूद रहे। कार्यशाला में मप्र राज्य ग्रामीण अजीविका मिशन की महिलाओं और गौशालाओं के प्रतिनिधियों द्वारा स्वदेशी वस्तुओं की स्टॉल भी लगाए गए थे, जिनका अतिथियों ने अवलोकन किया। इसके बाद कन्या पूजन और गौ पूजन के बाद कार्यक्रम की शुरूआत हुई। कार्यक्रम में बेहतर कार्य करने वाले स्व सहायता समूहों की महिलाओं को सम्मानित भी किया गया। वहीं बेहतर प्रदर्शन करने वाली गौशालों को अनुदान राशि भी वितरित की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य मंत्री लखन पटेल ने कहा कि पशुपालन एक बड़ा विभाग है, जहां काफी काम किए जा सकते हैं। अभी प्रदेश में सबसे बड़ी समस्या सड़क पर बैठी हुई गौमाता है। इस संदर्भ में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी चिंता जाहिर की है। इसलिए आप सभी से आग्रह करता हूं कि आपके पास इस समस्या का कोई समाधान हैं तो आपके भी सुझाव आमंत्रित हैं। अगर सुझाव बेहतर होगा तो उसे लागू कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि अभी जो राशि गौशालाओं को दी जा रही है, वह कम है, इसलिए मुख्यमंत्री ने भी कहा कि इस राशि को बढ़ाया जाएगा। मंत्री पटेल ने कहा कि कई राज्यों ने गौपालन की दिशा में बेहतर काम किए हैं। इसी दिशा में हमें भी आगे कदम बढ़ाना है। गौबर गैस को लेकर भी पशुपालक काम करें। हमारा लक्ष्य गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने का है।
विधायक शैलेंद्र जैन ने कहा कि गौ संरक्षण और संवर्धन आधारभूत विभाग है, जिसके बगैर भारतीय जीवन की कोई परिकल्पना नहीं की जा सकती है। अगर गौमाता का संरक्षण नहीं होगा तो आपका और हमारा अस्तित्व संकट में आ जाएगा। इसलिए सभी को अपनी जड़ों की ओर वापस लौटना होगा, जीवन को गौ आधारित करना होगा। विधायक जैन ने कहा कि प्रतिकूल धारा में बहते हुए चुनौतियों का सामना करते हुए लक्ष्य तक पहुंचना होगा। तभी इस दिशा में हम बेहतर काम कर सकेंगे। उन्होंने गौशालाओं के रख-रखाव में खर्च होने वाली राशि में इजाफा होने की भी बात कही।
दयोदय गौशाला अध्यक्ष वीरेंद्र मालथौन ने कहा कि सम्पूर्ण घर वहीं होता है जिसमें गौशाला होती है। ऐसा ही एक घर हमारे विधायक शैलेंद्र जैन का है, जिनके पास कई गाय हैं। उन्होंने कहा कि गौशाला में गोबर का संवर्धन करना होगा। इसके माध्यम से पशुपालक गैस और गोबर की लड़की बनाकर आय के स्तोत्र बढ़ा सकते हैं।
प्रदेश कार्यसमिति सदस्य शैलेष केशरवानी ने कहा कि वर्तमान परिदृश्य में लोग भी पुरानी पद्धितियों की ओर लौट रहे हैं। गाय सनातन धर्म में पूजनीय है, जिसके दूध से बने उत्पादकों की मांग भी लगातार बढ़ रही है, अगर गौपालन और गोबर संवर्धन की दिशा में बेहतर प्रशिक्षण देकर कार्य किए जाए तो पशुपालकों को निश्चित ही इसका लाभ मिलेगा। कार्यशाला में एडीएम शैलेंद्र सिंह,विजय पटेल रजाखेड़ी,प्रासुख जैन प्रदेश सह संयोजक रोशन कुर्मी, सुरेश कपास्या, नितिन सोनी, संयुक्त संचालक डॉ. जीके वर्मा समेत बड़ी संख्या में स्व सहायता समूह की महिलाएं और गौशालाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम के संचालन डॉ. बीके शर्मा ने किया।











