
मोदी राज में दिव्यांगों के प्रति असंवेदनशीलता का बड़ा उदाहरण है सागर विश्वविद्यालय- आशीष ज्योतिषी
सागर/ 15 मार्च। सागर विश्वविद्यालय के केंद्रीय कार्यालय के समक्ष बैठे दिव्यांग जन अपनी समस्याओं को लेकर, कुलपति के सामने बात रखने के लिए बैठे हैं। परन्तु कुलपति उनसे मिलने का समय भी मुहैया नहीं कर रही, यह मनमानी है। कांग्रेस प्रवक्ता आशीष ज्योतिषी ने कहा कि मोदी है तो मुमकिन है कि दिव्यांगों को उनकी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा जाए। मोदी है तो मुमकिन है कि दिव्यांगों को कुलपति से मिलने ना दिया जाए। मोदी है तो मुमकिन है कि दिव्यांगों के लिए प्रिंटर और अन्य साधन उपलब्ध न कराया जाए। मोदी है तो मुमकिन है कि दिव्यांगों को उनकी फीस में कोई छूट न दी जाए। मोदी है तो मुमकिन है कि जहां रैंप नहीं है, रैंप ना बनाई जाए। मोदी है तो मुमकिन है कि दिव्यांगों को प्रसाधन की सुविधा उपलब्ध न कराई जाए।
कांग्रेस प्रवक्ता आशीष ज्योतिषी ने कहा कि उक्त बात प्रमाणित कर रही है सागर विश्वविद्यालय की कुलपति श्रीमती डॉ. नीलिमा गुप्ता जी, जहां उनके कार्यालय के बाहर दिव्यांग जन उनसे बात करने के लिए बैठे हैं। आज दिनांक तक कुलपति ने उनसे मिलने की जरूरत भी महसूस नहीं की। मोदी सरकार के राज में दिव्यांगों के प्रति असंवेदनशीलता का बड़ा उदाहरण हैँ सागर केंद्रीय विश्वविद्यालय । मोदी जी दिव्यांग जनों के के लिए बड़ी-बड़ी बातें करते थे। लेकिन उनके अधीन केंद्रीय सागर विश्वविद्यालय में दिव्यांगजनों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है, क्या यही मोदी जी की गारंटी है?











