
प्रदर्शनकारी कलाओं में रोजगार के असीम अवसर: डॉ. आशीष चाचोंदिया
सागर, 06.10.2025/ प्रदर्शनकारी कलाओं में रोजगार के असीमित अवसर हैं। आप पाएंगे कि प्रदर्शनकारी कलाऐं चाहे किसी भी क्षेत्र की हों, यथा गायन, वादन, नृत्य तथा नाट्यकला इत्यादि विषयों में पारंगत एवं संस्थागत विधिवत प्रशिक्षित युवा कभी बेरोजगार नहीं रहता है। उक्त उद्गार शासकीय स्वशासी कन्या स्नातकोत्तर उत्कृष्टता महाविद्यालय के नृत्य विभाग द्वारा आयोजित व्याख्यान माला में बोलते हुए उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान भोपाल के प्राचीन भारतीय इतिहास के सहायक प्राध्यापक डॉ. आशीष चाचोंदिया ने व्यक्त किए। आपने कहा कि पहले विद्यार्थी स्वयं के लिए मानसिक और शरीरिक रूप से तैयार होकर एकाग्र्र चित्तता के साथ अध्ययन करें तो सफलता निश्चित है। सर्वप्रथम भूमि को उपजाऊ बनाना आवश्यक है तभी बीजों का अंकुरण संभव है। सफलता के लिए कठिन परिश्रम आवश्यक है विधा चाहे कोई भी हो।
व्याख्यान माला का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन अर्चन से हुआ। नृत्य विभागाध्यक्ष डॉ. अपर्णा चाचोंदिया ने मंचासीन अतिथियों का स्वागत किया एवं व्याख्यान माला कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। अपने सम्बोधन में व्याख्यान माला समन्वयक डॉ. रश्मि दुबे ने कहा कि इस तरह के व्याख्यान विद्यार्थियों के लिए बहुत उपयोगी होते हैं क्योंकि विभागीय कक्षाओं के अतिरिक्त विषय विशेषज्ञों द्वारा महत्वपूर्ण जानकारियों का लाभ विद्यार्थियों को प्राप्त होता है। युवा उत्सव प्रभारी डॉ. अंजना चतुर्वेदी ने प्रदर्शनकारी कलाओं में स्वरोजगार की संभावनाओं से छात्राओं को अवगत कराया। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य डॉ. आनंद तिवारी जी ने कहा कि वर्तमान का परिश्रम हमें भविष्य के श्रम से बचाता है। भारतीय प्रदर्शनकारी कलाएं शिक्षा के क्षेत्र में स्वरोजगार के अनेकों अवसर छात्राओं को प्रदान करते है। अतः छात्राऐं यदि वर्तमान परिश्रम कर लेंगी तो भविष्य सुखद रहेगा।
व्याख्यान माला कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रेम कुमार चतुर्वेदी ने किया एवं आभारी संगीत विभाग के डॉ. हरिओम सोनी ने व्यक्त किया। इस अवसर पर नृत्य विभाग से गौरव बड़गैयां, ओम तिवारी एवं आदर्श संगीत महाविद्यालय से सुश्री आरोही श्रीवास्तव, शोद्यार्थी ज्योति माहोरे, ज्योति बाकोरिया सहित नृत्य एवं संगीत विभाग की छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।











