
लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर मकरोनिया में जिला स्तरीय यूनिटी मार्च का भव्य आयोजन
(एकता,अखंडता और राष्ट्रीय समरसता का संदेश देने पुष्पांजलि समारोह एवं यूनिटी मार्च में उमड़ा जनसैलाब)
(करीब 10 लाख की लागत से सरदार वल्लभभाई पटेल स्मृति द्वार का लोकार्पण)
सागर/31.10.2025
देशभर में शुक्रवार को लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती उत्साह,ऊर्जा और भव्यता के साथ मनाई गई।
इसी क्रम में नरयावली विधानसभा के मकरोनिया में रजाखेड़ी स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल प्रतिमा पर पुष्पांजलि समारोह,भव्य जिला स्तरीय यूनिटी मार्च एवं लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल स्मृति द्वार का समारोहपूर्वक लोकार्पण आयोजन किया गया। नरयावली विधायक इंजी.प्रदीप लारिया एवं जिलाध्यक्ष श्याम तिवारी ने यात्रा को झंडी दिखाकर रवाना किया।
यूनिटी मार्च रजाखेड़ी स्थित सरदार पटेल प्रतिमा से प्रारंभ होकर सेवा अस्पताल,रानी अवंतीबाई प्रतिमा,मकरोनिया चौराहा,नारायण नर्सिंग होम,एमपी 15 माॅल, शंकरगढ़ होते हुए पुनः रजाखेड़ी चौराहा स्थित सरदार पटेल प्रतिमा पर समापन हुआ, जहां पुष्पांजलि समारोह का आयोजन किया गया। आयोजन में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ताओं सहित युवाओं, सामाजिक संगठनों व देश प्रेमियों ने श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनका पुण्य स्मरण किया।
इस दौरान विधायक लारिया, जिलाध्यक्ष तिवारी एवं नपाध्यक्ष मिहीलाल ने करीब 10 लाख की लागत से निर्मित लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल स्मृति द्वार का लोकार्पण किया।
इस अवसर पर नरयावली विधायक इंजी.प्रदीप लारिया ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश के लिए भारत को एक करने, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व करने और देश के शुरुआती विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने 562 रियासतों को भारतीय संघ में विलय करके देश की एकता सुनिश्चित की, जिसके कारण उन्हें ‘भारत का बिस्मार्क’ और ‘लौह पुरुष’ कहा जाता है।
आजादी हमें हजारों बलिदानियों की कुर्बानियों से मिली, लेकिन अगर सरदार पटेल की सूझबूझ और दूरदृष्टि न होती, तो शायद यह आजादी अधूरी रह जाती। सरदार पटेल ने अपने अदम्य साहस और बुद्धिमत्ता से बिखरे हुए भारत को एक सूत्र में पिरोया और वास्तविक अर्थों में स्वतंत्रता को सार्थक बनाया।
इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम तिवारी ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल का दृढ़ संकल्प, नेतृत्व क्षमता और भारत को एकजुट करने में असाधारण योगदान हैं। उन्होंने 562 रियासतों का सफलतापूर्वक एकीकरण करके अखंड भारत की नींव रखी। हैदराबाद, जूनागढ़ और कश्मीर जैसी जटिल रियासतों के भारत में विलय में उनकी सूझबूझ और कूटनीति की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से सभी रियासतों को भारत में मिलाकर एक राष्ट्र का निर्माण किया, जिसके लिए उन्हें ‘लौह पुरुष’ कहा जाता है।
इस अवसर पर भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता, मंडल अध्यक्षगण, पार्षदगण सहित युवाओं, सामाजिक संगठनों,देश प्रेमियों और स्थानीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं,स्टॉफ सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थिति रहीं।











