
बरगी डैम हादसे में माँ की ममता ने रुलाया देश: खुद डूब गई, लेकिन आखिरी सांस तक नहीं छोड़ा बेटे का हाथ
जबलपुर/बरगी। बरगी डैम में नौका विहार के दौरान आए तेज तूफ़ान ने खुशियों को मातम में बदल दिया। नाव पलटने से हुए दर्दनाक हादसे में कई लोगों की जान चली गई, लेकिन इस त्रासदी के बीच एक ऐसी मार्मिक कहानी सामने आई जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। यह कहानी एक माँ की ममता, त्याग और अपने बच्चे के प्रति अटूट प्रेम की है।
प्रत्यक्षदर्शियों और सामने आई जानकारी के अनुसार हादसे के समय एक महिला ने लाइफ जैकेट पहन रखी थी। वह चाहती तो अपनी जान बचाने की कोशिश कर सकती थी, लेकिन उसने अंतिम क्षण तक अपने मासूम बच्चे का हाथ नहीं छोड़ा। तेज लहरों और गहरे पानी के बीच माँ अपने बच्चे को सीने से लगाए रही और देखते ही देखते दोनों पानी में समा गए।
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि दुनिया में माँ का प्रेम सबसे बड़ा और निस्वार्थ होता है। सोशल मीडिया पर भी इस माँ की ममता को लेकर लोग भावुक हो रहे हैं और उसे “ममता की मूर्ति” बता रहे हैं।
बरगी डैम हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोगों के प्रति प्रदेशभर में शोक की लहर है। प्रशासन द्वारा राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है, वहीं मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता देने की बात कही जा रही है।
यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि जिंदगी की नश्वरता और माँ के अनमोल प्रेम की ऐसी तस्वीर बन गया है, जिसे शायद ही कोई कभी भूल पाएगा।
ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिवारों को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति दें।











