
बुंदेलखंड चिकित्सा महाविद्यालय सागर में 11वां देहदान: दिवंगत गीता बाई के पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया
सागर, 27 मई 2026: बुंदेलखंड चिकित्सा महाविद्यालय सागर में आज एक बार फिर सामाजिक सरोकार और मानवता की एक अनुकरणीय मिसाल देखने को मिली। बैसा एकमुहल्ला (नरयावली नाका वार्ड) निवासी दिवंगत गीता बाई के परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छानुसार उनके पार्थिव शरीर को चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और प्रशिक्षण हेतु एनाटॉमी (शारीरिक रचना) विभाग को सौंपकर महादान किया। शासन के नियमानुसार, दिवंगत देहदाता को चिकित्सा महाविद्यालय में ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ देकर पूरे राजकीय सम्मान के साथ विदाई दी गई। उल्लेखनीय है कि महाविद्यालय के इतिहास में यह 11वां देहदान है।
देहदान के इस पुनीत अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बुंदेलखंड चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. पी. एस. ठाकुर, एनाटॉमी विभाग के विभागाध्यक्ष, सभी स्टाफ सदस्य एवं शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में अधिष्ठाता एवं विभागाध्यक्ष द्वारा शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की गई। साथ ही, समाजोपयोगी और अनुकरणीय कार्य के लिए परिवार को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए आभार पत्र सौंपा गया।
डीन डॉ पी एस ठाकुर ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा और मानव कल्याण के इस महान और पुण्य कार्य के लिए पूरा बुंदेलखंड चिकित्सा महाविद्यालय परिवार दिवंगत आत्मा को नमन करता है और उनके परिवार के प्रति सदैव आभारी रहेगा। समाज को नई दिशा दिखाने वाले इस ऐतिहासिक निर्णय के प्रति हमारा सम्मान हमेशा रहेगा।
देहदाता एवं परिजनों का विवरण:
देहदाता: स्व. गीता बाई (आयु 76 वर्ष), पति- स्व. श्री भगवानदास अग्रवाल।
निवासी: बैसा मुहल्ला, नरयावली नाका वार्ड, सागर (म.प्र.)।
सहमति देने वाले परिजन: श्री नीलेश अग्रवाल (भतीजा), श्री राजेश अग्रवाल (भतीजा), श्री उमेश अग्रवाल (भतीजा) , देवाशीश अग्रवाल (नाती) एवं डॉ राघव गुप्ता ( नाती ) ।











