
विश्वविद्यालय में शैक्षणिक भ्रमण का हुआ आयोजन
सागर। डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. यशवंत सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन में, सागर एवं आस-पास के क्षेत्रों में शोध प्रवृत्ति को बढ़ावा देने के लिए सेंट नॉरबर्ट स्कूल, दमोह, के कक्षा 11 एवं 12 के छात्र-छात्राओं को विश्वविद्यालय के उन्नत अनुसंधान केंद्र (सी.ए.आर.) के विभिन्न परिष्कृत उपकरणों पर शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। सी.ए.आर. की मुख्य समन्वयक, प्रो. श्वेता यादव की पहल पर सी.ए.आर. में उपलब्ध विभिन्न परिष्कृत उपकरणों पर कार्यशालाओं एवं शैक्षणिक भ्रमणों का आयोजन निरंतर किया जा रहा है।
आयोजन के दौरान डॉ. विवेक कुमार पांडे (प्रभारी, सी.ए.आर.) ने केंद्र के संक्षिप्त परिचय के साथ सत्र की शुरुआत की और ऐसे कार्यक्रमों के महत्व के बारे में जानकारी दी। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को स्कैनिंग इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप, ट्रांसमिशन इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप, न्यूक्लियर मैग्नेटिक रेजोनेंस स्पेक्ट्रोमीटर, पाउडर एक्स-रे डिफ्रेक्टोमीटर आदि परिष्कृत उपकरणों के बारे में जानकारी प्रदान की गई। विद्यार्थियों की रुचि के क्षेत्र से संबंधित प्रश्नों पर विचार किया गया एवं उनकी जिज्ञासाओं का उत्तर दिया गया।
डॉ. गौर द्वारा स्थापित शिक्षा के मंदिर में सागर क्षेत्र के उत्थान के लिए विश्वविद्यालय के उन्नत अनुसंधान केंद्र द्वारा ऐसे सामाजिक प्रयास निरंतर किए जा रहे हैं। ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य सागर एवं आस-पास के विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय में उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर विश्व पटल पर सागर और विश्वविद्यालय का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित करना और डॉ. गौर के सपनों को पूरा करने के लिए विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना है।
शैक्षणिक भ्रमण के उपरांत विद्यालय के प्राचार्य महोदय, फादर रॉक माइकल एवं शिक्षकों ने डॉ. हरीसिंह गौर के योगदान को याद करते हुए विश्वविद्यालय का आभार प्रकट किया। उनके द्वारा बताया गया कि इस तरह के शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा बढ़ाने में बहुत सहायक होते हैं।
संपूर्ण भ्रमण का आयोजन सी.ए.आर. तकनीकी टीम के डॉ. विवेक कुमार पांडे, श्री शिवप्रकाश सोलंकी, श्री सौरभ साह, श्री आशीष चढ़ार, श्री अरविन्द चडार और श्री चंद्रप्रकाश सैनी की तकनीकी देखरेख में किया गया।











