नेत्रदान महादान: बीएमसी में 9 नेत्रदाताओं के परिजनों का सम्मान मरणोपरांत कॉर्निया दान से दृष्टिहीनों के जीवन में रोशनी लाने वाले दानदाताओं को दी श्रद्धांजलि


सागर, 25 अगस्त 2026। बुंदेलखंड चिकित्सा महाविद्यालय (बीएमसी) के आई बैंक में राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े के अवसर पर गरिमामय सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मरणोपरांत कॉर्निया दान कर किसी दृष्टिहीन के जीवन में रोशनी लाने वाले पुण्यात्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ समाज में नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
समारोह में बीते एक वर्ष के दौरान मरणोपरांत कॉर्निया दान करने वाले 9 दानदाताओं के परिजनों को विशेष रूप से आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। अतिथियों ने शॉल एवं स्मृति चिह्न भेंट कर परिजनों के इस अनुकरणीय योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया।
इन पुण्यात्माओं के परिजनों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम में स्व. सत्य कुमार चक्रवर्ती, स्व. लालचंद गंगवानी, स्व.  ताराबाई फाबवानी, स्व.  लाधाराम, स्व.  लक्ष्मी बाई वाधवानी, स्व. कामता प्रसाद दहिया, स्व.  किरण सिंघई, स्व.  भारती जैन एवं स्व.  सुगंधी बाई जैन के परिजनों को सम्मानित किया गया।
बीएमसी के अधिष्ठाता डॉ. पी. एस. ठाकुर, मुख्य अतिथि एवं मध्य प्रदेश राज्य नेत्र विज्ञान सोसायटी (MPSOS) के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अशोक सिंघई तथा प्रसिद्ध हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. राघवेंद्र चौबे ने दानदाताओं के परिजनों को सम्मानित किया।
इस अवसर पर समाजसेवी पंकज सिंघई ने अपने विचार साझा करते हुए बताया कि उनके माता-पिता ने भी नेत्रदान एवं देहदान किया था। उन्होंने समाज के प्रत्येक नागरिक से इस पावन कार्य के लिए आगे आने का आह्वान किया।
पोस्टर प्रतियोगिता से दिया नेत्रदान का संदेश
राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े के तहत बीएमसी की नर्सिंग एवं पैरामेडिकल छात्राओं द्वारा तैयार किए गए जागरूकता पोस्टरों की प्रतियोगिता आयोजित की गई। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया।
डीन डॉ. पी. एस. ठाकुर ने कहा कि नेत्रदान ऐसा महादान है, जो व्यक्ति की मृत्यु के बाद भी उसकी यादों को किसी दूसरे की आंखों के माध्यम से जीवित रखता है। उन्होंने बताया कि बीएमसी आई बैंक में मरणोपरांत कॉर्निया दान और कॉर्निया प्रत्यारोपण सर्जरी की अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने समाज से अंधत्व निवारण के इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।
मीडिया प्रभारी डॉ. सौरभ जैन ने कहा कि राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े का उद्देश्य विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से आमजन को नेत्रदान के महत्व से जोड़ना है। मरणोपरांत कॉर्निया दान किसी की अंधेरी जिंदगी में रोशनी ला सकता है। बीएमसी प्रशासन का प्रयास है कि आई बैंक के माध्यम से अधिक से अधिक जरूरतमंदों को दृष्टि प्रदान की जाए और नेत्रदान को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों को दूर किया जाए।
कार्यक्रम में नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण खरे, आई बैंक इंचार्ज डॉ. सारिका चौहान, रोशी जैन सहित नेत्र रोग विभाग की पूरी टीम मौजूद रही। इसके अलावा बीएमसी के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, चिकित्सक, नर्सिंग कॉलेज की प्राचार्या, मैट्रन, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ, कर्मचारी तथा मीडिया प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

Leave a Comment

Read More