
सागर, 4 सितंबर 2026। उत्तरी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी के बीच सागर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों के परिपालन में कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने जिले के सभी एसडीएम, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट, जनपद सीईओ और नगरीय निकायों के सीएमओ को अपने-अपने क्षेत्रों में मुस्तैद रहने तथा बारिश से उत्पन्न किसी भी स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि संभावित जलभराव की स्थिति में तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करें और आमजन को किसी भी तरह की परेशानी से बचाने के लिए राहत एवं बचाव कार्यों में तत्परता दिखाई जाए।
राहत-बचाव संसाधनों को अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश
मौसम विभाग द्वारा उत्तरी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी जारी किए जाने के बाद जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियां तेज कर दी हैं। राहत एवं बचाव दल, होमगार्ड, नाव सहित अन्य आवश्यक संसाधनों को तैयार और अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने अधिकारियों से कहा कि वे केवल कार्यालयों तक सीमित न रहें, बल्कि मैदानी क्षेत्रों में सक्रिय रहकर परिस्थितियों का जायजा लें और जरूरत पड़ने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाएं।
नदी-नालों और निचले इलाकों पर विशेष निगरानी
प्रशासन द्वारा निचले इलाकों, नदी-नालों के आसपास बसे गांवों और जलभराव की आशंका वाले क्षेत्रों को संवेदनशील मानते हुए विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी आपात स्थिति की सूचना मिलने पर बिना देरी किए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बारिश के दौरान जलभराव, सड़क अवरोध या अन्य आपदा की स्थिति में संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ तत्काल कार्रवाई करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि आपदा प्रबंधन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें। नदी, नाले, पुल-पुलियों और तेज बहाव वाले जलस्रोतों के पास जाने से बचें तथा प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल संबंधित प्रशासनिक अमले को सूचना दें।











