
रावतपुरा सरकार बोले—रुद्राक्ष धाम आकर ऊर्जा और विश्वास से भर जाते हैं, भक्ति में भीगने वाले को संसार की आग नहीं पकड़ पाती
सागर, 4 सितंबर 2026। जन्माष्टमी के पावन अवसर पर रुद्राक्ष धाम मंदिर परिसर में भक्ति, संगीत और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। दिल्ली से आए केशवम् बैंड के कलाकारों ने भजन क्लबिंग की शानदार प्रस्तुति देकर युवा श्रद्धालुओं सहित हजारों भक्तों को भक्ति के रंग में रंग दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और भगवान श्री राधाकृष्ण के दर्शन कर भजन संध्या का आनंद लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ परमपूज्य श्री रविशंकर जी महाराज रावतपुरा सरकार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इससे पूर्व उन्होंने रुद्राक्ष धाम स्थित श्री राधाकृष्ण मंदिर में दर्शन किए।
रुद्राक्ष धाम पवित्र भक्तिमय भूमि बन गई : रावतपुरा सरकार
अपने उद्बोधन में श्री रविशंकर जी महाराज ने कहा कि जब वे भगवान श्री राधाकृष्ण के दर्शन कर रहे थे तो उन्हें ऐसा अनुभव हुआ मानो वे वृंदावन में हों। उन्होंने कहा कि रुद्राक्ष धाम अब पवित्र और भक्तिमय भूमि बन चुकी है। यहां 39 करोड़ रुद्री अभिषेक हुए हैं। इस भूमि पर आकर व्यक्ति ऊर्जा और विश्वास से भर जाता है। यह स्थान व्यक्ति को अच्छा सोचने और अच्छाई की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।
उन्होंने कहा कि भूपेंद्र भैया अच्छे कार्य करते हैं। मां नर्मदा और भगवान से प्रार्थना है कि उन्हें निरंतर श्रेष्ठ कार्य करने की प्रेरणा मिलती रहे।
रावतपुरा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायमूर्ति अशोक भूषण शर्मा का उल्लेख करते हुए कहा कि जैसे भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को चुना था, वैसे ही हमारे बीच एक अर्जुन के रूप में अशोक जी बैठे हैं, जिन्होंने प्रभु श्रीराम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म के लिए उनके योगदान को लंबे समय तक स्मरण किया जाएगा। उन्होंने अशोक जी को त्यागी, तपस्वी और सरल हृदय वाला व्यक्तित्व बताया।
निष्काम कर्म और सरलता का दिया संदेश
श्री रविशंकर जी महाराज ने युवा नेता अविराज सिंह के विचारों की सराहना करते हुए कहा कि जीवन में सरलता और नम्रता का विशेष महत्व है। उन्होंने गीता का संदेश देते हुए कहा कि जो व्यक्ति निष्काम कर्म करता है, उसे फल मांगने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
उन्होंने कहा कि आज मनुष्य कर्म के साथ ही फल की अपेक्षा करने लगता है, जबकि गीता हमें कर्म करने की प्रेरणा देती है। कर्म करने से व्यक्ति का भाग्य भी मजबूत होता है।
रावतपुरा सरकार ने कहा कि रुद्राक्ष धाम में स्थापित हनुमान जी का मंदिर अद्भुत है। उन्होंने कहा कि यहां दद्दा जी की कृपा है। जो व्यक्ति यहां भक्ति में भीग जाता है, उसे संसार की आग नहीं पकड़ पाती। कमल कीचड़ से ऊपर उठता है, उसी तरह मनुष्य को भी बुराइयों से ऊपर उठकर अच्छाई की ओर बढ़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हमारी दृष्टि, विचार और सोच ऊंची होनी चाहिए और अच्छे लोगों का साथ व्यक्ति को यह ऊंचाई प्रदान करता है।
श्रवण और तीर्थ से होता है हृदय परिवर्तन
रावतपुरा सरकार ने कहा कि व्यक्ति श्रवण से बदलता है और मंदिर जाने से हृदय परिवर्तन होता है। तीर्थ यात्रा से मनुष्य के भीतर के मोह, माया और अहंकार कम होते हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में झूठ को जोर-जोर से बोलकर सत्य साबित करने का प्रयास किया जाता है, लेकिन अंततः जैसी करनी वैसी भरनी होती है। व्यक्ति का जीवन कर्म और पुरुषार्थ से भरा होना चाहिए।
उन्होंने दान और परमार्थ के महत्व पर कहा कि केवल दिखावे, यश और प्रतिष्ठा के लिए दान देना उचित नहीं है। गुप्त दान का विशेष महत्व है। उन्होंने श्रद्धालुओं से सुख में अहंकार न करने और दुख में भयभीत न होने का संदेश दिया।
रावतपुरा सरकार ने श्रद्धालुओं से भजन संध्या का आनंद लेते हुए भक्तिभाव में डूबने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह आध्यात्मिक आनंद व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है।
श्रीकृष्ण का जीवन कर्म, न्याय और मानव कल्याण की प्रेरणा : अविराज सिंह
स्वागत भाषण में युवा नेता अविराज सिंह ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन केवल भक्ति और आध्यात्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि उसमें ज्ञान, कर्म, न्याय, साहस, नेतृत्व और सामाजिक एकता का व्यापक संदेश निहित है।
उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ने अपने जीवन के माध्यम से सिखाया कि धर्म केवल पूजा-पाठ का नाम नहीं, बल्कि सत्य, न्याय, कर्तव्य और मानव कल्याण के लिए खड़े होने का नाम है।
गोवर्धन पर्वत धारण करने के प्रसंग का उल्लेख करते हुए अविराज सिंह ने कहा कि पर्वत श्रीकृष्ण की उंगली पर था, लेकिन उसके नीचे पूरा ब्रज समाज एकजुट होकर खड़ा था। यह प्रसंग बताता है कि जब समाज संगठित होकर चुनौती का सामना करता है तो बड़ी से बड़ी कठिनाई को भी पार किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को श्रीकृष्ण के संदेश से प्रेरणा लेकर जीवन की चुनौतियों का आत्मविश्वास और एकजुटता के साथ सामना करना चाहिए।
अविराज सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में जब युवा तनाव, असफलता और विभिन्न चुनौतियों से जूझ रहे हैं, तब श्रीकृष्ण का निष्काम कर्म का संदेश उन्हें निराशा से बाहर निकलकर अपने कर्तव्य पर ध्यान केंद्रित करने की प्रेरणा देता है। जन्माष्टमी केवल भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पर्व नहीं, बल्कि उनके विचारों, कर्मयोग और धर्म, न्याय एवं मानव कल्याण के संदेश को जीवन में उतारने का अवसर है।
केशवम् बैंड की भजन क्लबिंग ने बांधा समां
दिल्ली से आए केशवम् बैंड के युवा कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुति से रुद्राक्ष धाम परिसर को भक्तिमय बना दिया। भजनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को मथुरा, वृंदावन और बरसाने की आध्यात्मिक यात्रा का अनुभव कराया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना से हुई। इसके बाद ‘शिव कैलाशों के वासी’, ‘अच्युतम् केशवम्’, ‘कौन कहते हैं भगवान आते नहीं’, ‘श्यामा आन बसो वृंदावन में’, ‘गोविंद गोविंद गोविंद राधे’ सहित अनेक लोकप्रिय भजनों की प्रस्तुति दी गई।
गिटार, वायलिन, बांसुरी, इलेक्ट्रॉनिक की-बोर्ड और ड्रम की संगत के साथ कलाकारों ने ऐसा समां बांधा कि सैकड़ों युवा श्रद्धालु नृत्य करने लगे, जबकि हजारों श्रद्धालु भक्ति में झूमते नजर आए।
मंच पर हुआ अतिथियों का स्वागत
कार्यक्रम में पूर्व गृहमंत्री एवं खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने श्री रविशंकर जी महाराज रावतपुरा सरकार, सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति अशोक भूषण शर्मा एवं केशवगिरि जी महाराज का पुष्पमालाओं से स्वागत किया। केशवम् बैंड के कलाकार लोबीश शीतल एवं प्रगति शर्मा का भी पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया।
कार्यक्रम का संचालन लक्ष्मण सिंह लोधी ने किया।
जन्माष्टमी महोत्सव में शामिल होने के लिए रुद्राक्ष धाम में हजारों श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं ने भगवान श्री राधाकृष्ण के दर्शन किए, भजन संध्या का आनंद लिया और प्रसादी ग्रहण की।
ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में सांसद लता वानखेड़े, बंडा विधायक वीरेंद्र सिंह लोधी, नरयावली विधायक प्रदीप लारिया, भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम तिवारी, भाजपा जिलाध्यक्ष रानी कुशवाहा, सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति अशोक भूषण शर्मा, महापौर संगीता तिवारी, पूर्व सांसद राजबहादुर सिंह, पूर्व विधायक पारुल साहू केसरवानी, किसान मोर्चा प्रदेश महामंत्री कप्तान सिंह यादव, पूर्व मंत्री नारायण कबीर पंथी, नगर निगम अध्यक्ष वृंदावन अहिरवार, शहडोल संभाग प्रभारी एवं पूर्व जिलाध्यक्ष गौरव सिरोठिया सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही और देर रात तक रुद्राक्ष धाम परिसर भक्ति संगीत से गूंजता रहा।











