
हर्ष फायर के साथ शौर्य और पराक्रम का प्रतीकात्मक प्रदर्शन, शस्त्रागार व पुलिस वाहनों का भी किया गया पूजन
सागर। विजयादशमी के पावन अवसर पर सागर पुलिस लाइन में 20 अक्टूबर को वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ भव्य शस्त्र पूजन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत सहित प्रशासनिक और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। समारोह में भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपरा के अनुरूप शस्त्रों का पूजन कर शक्ति, साहस, पराक्रम और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश दिया गया।
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत सहित वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित
पुलिस लाइन सागर में आयोजित समारोह में संभागायुक्त दिलीप कुमार, कलेक्टर प्रतिभा पाल, अपर कलेक्टर अविनाश रावत, नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री, पुलिस महानिरीक्षक इरशाद वली, पुलिस उप महानिरीक्षक शशिंद्र चौहान, पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया एवं नरेंद्र सोलंकी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
इसके अलावा नगर पुलिस अधीक्षक ललित कश्यप, पुलिस अधीक्षक यातायात मयंक चौहान, सुनील दीक्षित, रक्षित निरीक्षक आशीष तिवारी, थाना प्रभारी, राजपत्रित अधिकारी, पुलिसकर्मी और गणमान्य नागरिकों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ शस्त्र पूजन
समारोह में परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शस्त्रों का विधि-विधानपूर्वक पूजन-अर्चन किया गया। भारतीय संस्कृति में शस्त्र पूजन शक्ति, साहस, विजय और राष्ट्ररक्षा का प्रतीक माना जाता है।
पुलिस बल के लिए शस्त्र केवल सुरक्षा के साधन नहीं, बल्कि कानून का शासन बनाए रखने, अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण करने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के संकल्प का प्रतीक हैं। इस आयोजन के माध्यम से पुलिस बल की अनुशासनप्रियता, कर्तव्यनिष्ठा और गौरवशाली परंपराओं को रेखांकित किया गया।
हर्ष फायर के साथ प्रदर्शित किया शौर्य और पराक्रम
शस्त्र पूजन समारोह के दौरान हर्ष फायर भी किए गए। इस अवसर पर पुलिस बल की शौर्यपूर्ण परंपरा, साहस, अनुशासन और कर्तव्य के प्रति समर्पण का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम ने पुलिसकर्मियों में उत्साह, एकजुटता और जनसुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को मजबूत करने का संदेश दिया।
शस्त्रागार का निरीक्षण, पुलिस वाहनों का भी पूजन
शस्त्र पूजन के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिस लाइन स्थित शस्त्रागार का भ्रमण कर शस्त्रों का अवलोकन किया। इसके साथ ही पुलिस विभाग के वाहनों का भी विधि-विधान के साथ पूजन किया गया।
पुलिस के शस्त्र और वाहन अपराध नियंत्रण, आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता तथा संवेदनशील अवसरों पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनका पूजन पुलिसकर्मियों के लिए अपने दायित्वों के प्रति सजगता, तत्परता और समर्पण का प्रतीक रहा।
जनसुरक्षा और जनसेवा के संकल्प को दोहराया
समारोह में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की सहभागिता ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में दोनों विभागों के आपसी समन्वय के महत्व को प्रदर्शित किया।
सागर पुलिस ने आम नागरिकों की सुरक्षा, अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और जिले में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। शस्त्र पूजन समारोह भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपरा के साथ पुलिस बल के साहस, अनुशासन और कर्तव्यपरायणता का संदेश देने वाला रहा।
सागर पुलिस का संकल्प — जनसेवा, जनसुरक्षा और कानून के प्रति अटूट प्रतिबद्धता।







