देवरी विधानसभा के गांव-गांव पहुंचकर शोकाकुल परिवारों से कर रहे मुलाकात, कार्यालय में आज भी समस्याएं लेकर पहुंच रहे सैकड़ों लोग
देवरी। मध्यप्रदेश के सागर जिले की देवरी विधानसभा क्षेत्र में पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हर्ष यादव की सक्रियता लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। विधानसभा चुनाव में हार के बावजूद हर्ष यादव ने क्षेत्र की जनता से अपना जुड़ाव कम नहीं होने दिया है। वे लगातार क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों में पहुंचकर लोगों के सुख-दुख में शामिल हो रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने अनेक ग्रामों में शोकाकुल परिवारों से भेंट कर परिजनों के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की तथा दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की।
हर्ष यादव की इस सक्रियता को उनकी राजनीतिक पहचान के साथ-साथ जनता के प्रति उनके पारिवारिक लगाव के रूप में भी देखा जा रहा है। क्षेत्र के गांवों में आज भी उनकी चर्चा होती है। उनकी सरलता, सहजता और आम लोगों के बीच सहज उपलब्धता ने उन्हें जनता के बीच एक अलग पहचान दिलाई है।
खास बात यह है कि चुनाव हारने के बाद भी हर्ष यादव का कार्यालय आज भी क्षेत्र के सैकड़ों लोगों की आवाजाही का केंद्र बना हुआ है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान, मजदूर, व्यापारी एवं विभिन्न वर्गों के लोग अपनी समस्याएं लेकर उनके कार्यालय पहुंचते हैं। हर्ष यादव उनकी समस्याओं को सुनते हैं और संबंधित अधिकारियों तक बात पहुंचाकर उनके निराकरण का प्रयास करते हैं।
पूर्व मंत्री हर्ष यादव का कहना है कि चुनाव में हार-जीत लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन जनता से रिश्ता कभी कमजोर नहीं होना चाहिए। क्षेत्र की जनता ही मेरा परिवार है और परिवार से कभी दूरी नहीं बनाई जा सकती। सभी वर्गों के लोगों ने मिलकर मुझे विधायक और मंत्री बनाया था। इसलिए मेरी जिम्मेदारी है कि मैं हर वर्ग के व्यक्ति के सुख-दुख में हमेशा साथ खड़ा रहूं।
उन्होंने कहा कि इस बार चुनाव में जीत नहीं मिली तो निश्चित रूप से कहीं न कहीं मेरी भी कोई कमी रही होगी, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि मैं जनता से दूरी बना लूं। मेरा उद्देश्य सत्ता या पद प्राप्त करना ही नहीं, बल्कि जनता का सेवक बनकर उनकी सेवा करना है। मैं चाहता हूं कि क्षेत्र के हर व्यक्ति से मेरा पारिवारिक संबंध बना रहे। जनता का आशीर्वाद ही मेरे लिए सबसे बड़ा वरदान है।
राजनीतिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो हर्ष यादव की लगातार क्षेत्रीय सक्रियता और जनता से सीधा संवाद उनकी राजनीति की एक महत्वपूर्ण विशेषता बनता जा रहा है। चुनावी परिणाम के बाद भी लोगों के बीच उनकी मौजूदगी यह संदेश देती है कि उनका जनता से रिश्ता केवल चुनाव तक सीमित नहीं है। अब आने वाले समय में यह जनसंपर्क और जनता का विश्वास उनकी राजनीतिक यात्रा को किस दिशा में ले जाएगा, इस पर क्षेत्र की निगाहें बनी हुई हैं।







