श्रीरामराजा सरकार के दरबार में पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, की प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना

SHARE:

ओरछा को धार्मिक पर्यटन का अद्भुत केंद्र बताया, श्रीरामराजा लोक के निर्माण कार्य समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरे करने के निर्देश

मोनिया नृत्य में शामिल होकर बजाया झीका वाद्य यंत्र, हरदौल महाराज के किए दर्शन; बालिकाओं की पेंटिंग खरीदकर 5-5 हजार रुपये देकर बढ़ाया उत्साह

ओरछा/सागर, 7 नवंबर 2026।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ओरछा का श्रीरामराजा सरकार मंदिर आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है। धार्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से ओरछा अद्भुत स्थल होने के साथ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व भी रखता है। प्रदेश सरकार श्रीरामराजा लोक के विकास एवं निर्माण के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ओरछा में विकास और समृद्धि के नए आयाम स्थापित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव निवाड़ी जिले की धार्मिक एवं पर्यटन नगरी ओरछा पहुंचे। यहां हेलीपैड ग्राउंड पर जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंटकर उनका स्वागत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री विश्व प्रसिद्ध श्रीरामराजा सरकार मंदिर पहुंचे और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान श्रीरामराजा सरकार के दर्शन किए। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं जनकल्याण की कामना की।

मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मान्यता है कि भगवान श्रीराम दिन में ओरछा में राजा के रूप में विराजमान रहते हैं। वे हम सभी के आराध्य हैं। दीपावली के पावन पर्व से एक दिन पूर्व रूप चौदस के अवसर पर श्रीरामराजा सरकार के दर्शन और नमन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने भगवान श्रीराम से प्रदेश की उन्नति और सभी नागरिकों के कल्याण की प्रार्थना की।

धार्मिक पर्यटन को मिल रही नई पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में भगवान श्रीराम धाम और उज्जैन में श्री महाकाल महालोक के विकास से धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिली है। इसी दिशा में मध्यप्रदेश में भी धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों का विकास किया जा रहा है। ओरछा अपनी ऐतिहासिक विरासत, धार्मिक आस्था और बुंदेली संस्कृति के कारण विशेष पहचान रखता है।

उन्होंने अधिकारियों को श्रीरामराजा लोक सहित विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में दीपावली के लिए दीपक बेच रहे स्थानीय कारीगरों और दुकानदारों से बातचीत कर उनकी गतिविधियों एवं समस्याओं की जानकारी भी ली।

भजन में शामिल हुए मुख्यमंत्री, मोनिया नृत्य में बजाया झीका

ओरछा प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री का भक्तिमय और लोक संस्कृति से जुड़ा अंदाज भी देखने को मिला। मंदिर परिसर में ढोलक की थाप पर श्रीराम नाम का भजन कर रहे श्रद्धालु के पास पहुंचकर मुख्यमंत्री उनके साथ बैठ गए और भजन में शामिल हुए।

इसके बाद उन्होंने बुंदेलखंड के पारंपरिक मोनिया नृत्य में लोक कलाकारों के साथ सहभागिता की। मुख्यमंत्री ने कलाकारों के बीच पहुंचकर झीका वाद्य यंत्र बजाया और उनके साथ कदम मिलाकर नृत्य किया। उन्होंने बुंदेलखंड की समृद्ध लोक संस्कृति एवं पारंपरिक कलाओं की सराहना करते हुए कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।

मुख्यमंत्री ने जुझार सिंह महल में चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इसके बाद हरदौल बैठका पहुंचकर हरदौल महाराज के दर्शन किए। उन्होंने पुष्पमाला अर्पित कर विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया और श्रद्धापूर्वक नमन किया।

विभागीय प्रदर्शनी में स्थानीय उत्पादों का किया अवलोकन

मुख्यमंत्री ने हाथी साव सुपारी साव परिसर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने बुंदेलखंड के इतिहास, संस्कृति, पारंपरिक खानपान, औषधीय फसलों और स्थानीय कला से जुड़े स्टॉलों पर पहुंचकर जानकारी प्राप्त की।

उन्होंने क्षेत्र के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों को दर्शाने वाले मानचित्र का अवलोकन किया। साथ ही मोटे अनाज से तैयार खाद्य पदार्थों, तुलसी की खेती, तुलसी की चाय, औषधीय फसलों और स्थानीय उत्पादों के बारे में जानकारी ली।

आयुष विभाग के स्टॉल पर मुख्यमंत्री ने विशेष रुचि दिखाई। उन्होंने पारंपरिक आयुर्वेदिक काढ़े के औषधीय महत्व और उपयोगिता की जानकारी प्राप्त की तथा स्वयं काढ़े का सेवन भी किया। यह वही पारंपरिक काढ़ा है, जिसका उपयोग कोविड काल में आयुष विभाग द्वारा लोगों को पिलाने के लिए किया गया था।

बालिकाओं की पेंटिंग खरीदकर दिए 5-5 हजार रुपये

प्रदर्शनी में बुंदेली कला और चित्रकारी का प्रदर्शन कर रही बालिकाओं से मुख्यमंत्री ने आत्मीय संवाद किया। उन्होंने बालिकाओं द्वारा तैयार की गई पेंटिंग्स और डायरियों का अवलोकन कर उनकी रचनात्मक प्रतिभा की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने बालिकाओं की बनाई कुछ पेंटिंग्स स्वयं खरीदीं और उन्हें 5-5 हजार रुपये नगद प्रदान किए। वहीं, डायरियां खरीदकर प्रत्येक बालिका को 1-1 हजार रुपये दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रतिभाओं और पारंपरिक हुनर को प्रोत्साहित करना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री एवं निवाड़ी जिले के प्रभारी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, राज्यसभा सांसद महेश केवट, निवाड़ी विधायक अनिल जैन, सांसद प्रतिनिधि राजेश पटेरिया, पूर्व विधायक पृथ्वीपुर डॉ. शिशुपाल यादव, संभागायुक्त दिलीप कुमार, आईजी इरशाद वली, डीआईजी छतरपुर रेंज विजय खत्री, कलेक्टर जमुना भिड़े, पुलिस अधीक्षक डॉ. राय सिंह नरवरिया, जिला पंचायत सीईओ रोहन सक्सेना सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

भारत न्यूज़ 24 live.com हम केवल सच्चाई ही दिखाते हैं।

सबसे ज्यादा पढ़ी गई

Horoscope

Weather

और पढ़ें

शहर चुनें