
विजिज्ञासाश्री माताजी ससंघ की भव्य मंगल अगवानी मंगल धाम तिलकगंज में 10 जुलाई को प्रातः होगी। उत्कृष्ट समाधि सम्राट, उपसर्ग विजेता, 350 दीक्षा प्रदाता, बुंदेलखंड के प्रथम आचार्य, गणाचार्य महामुनी १०८ श्री विराग सागर जी महाराज की परम प्रभावक शिष्या एवं अध्यात्म योगी पट्टाचार्य आचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज की आज्ञानुवर्ती विजिज्ञासाश्री माताजी ससंघ नमकमंडी स्थित गौराबाई जी दिगंबर जैन मंदिर में विराजमान हैं। विगत दिवस इंदौर में संपन्न हुए पट्टाचार्य महोत्सव में आचार्य श्री विरागसागर जी महाराज द्वारा दीक्षित 14 आचार्य एवं 350 मुनिराज, माताजी पट्टाचार्य महोत्सव में सम्मिलित हुए थे। कार्यक्रम उपरांत पट्टाचार्य विशुद्धसागर जी महाराज की आज्ञानुसार सभी आचार्यगण मुनिराजगण, माताजी के विहार अपने अपने चातुर्मास स्थल की ओर हुऐ। सागर मंगलधाम तिलकगंज की समाज ने इंदौर से लेकर सागर तक लगातार माता जी का विहार कराया एवं श्रीफल अर्पित कर निवेदन किया। आचार्य श्री से आशीर्वाद प्राप्त किया कि वर्ष 2025 का चातुर्मास मंगल धाम तिलकगंज में संपन्न होगा। 10 जुलाई को प्रातः 7:30 बजे श्री गौराबाई जी मंदिर से चातुर्मास स्थल मंगलधाम तिलकगंज के लिए बाजे गाजों के साथ समस्त मंदिरों की कमेटियां, युवा मंडल, महिला मंडल, बालिका मंडल आदि समस्त इस मंगल विहार में सम्मिलित होंगे। विजिज्ञासाश्री माताजी ने अब तक बहुत अध्ययन किया है बहुत विद्वान हैं प्रवचन शैली एकदम सरल है ।एक बार जो श्रावक प्रवचन सुन लेता है बारंबार प्रवचन सुनने के लिए लालायित रहता है ।ऐसे धर्मोपदेश समस्त सागर नगर को चातुर्मास में मिलेंगे। 8 वर्ष पूर्व लाल किला से भारत की प्रथम दीक्षा आचार्य श्री विराग सागर जी द्वारा 25 दीक्षार्थियों को प्रदान की गई थी, 25 दीक्षार्थियों में माताजी की भी दीक्षा हुई थी, उस समय माताजी की उम्र केवल 22 वर्ष थी। अल्पायु में ही वैराग्य भाव उत्पन्न हुआ और दीक्षा ग्रहण कर आज जैन धर्म की पताका पूरे भारतवर्ष में माताजी द्वारा फैलाई जा रही है।चातुर्मास हेतु दो माह से लगातार तैयारी चल रही है कई बैठकें आयोजित हुईं, बैठकों में चातुर्मास संबंधित सर्व समितियों का निर्माण किया गया। सभी समितियों के प्रभारी बनाए गए ।चातुर्मास समिति के अध्यक्ष नरेंद्र नायक, मंत्री अरविंद चौधरी, कोषाध्यक्ष सुधीर बिलहरा नियुक्त किए गए ।चातुर्मास काल में माता जी के जो भी भक्तगण बाहर से पधार रहे हैं उन सभी के आवास एवं भोजन की समुचित व्यवस्था चातुर्मास समिति द्वारा की गई है ।यह समस्त जानकारी मंगल धाम से नितिन जैन ने प्रदाय की।











