
फेस अटेंडेंस सिस्टम लागू — पारदर्शिता की नई शुरुआत या औपचारिक बदलाव?
मध्य प्रदेश के सभी 413 नगर निकायों में आज से फेस अटेंडेंस सिस्टम लागू कर दिया गया है।
सरकार का कहना है कि यह कदम पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन स्थापित करने की दिशा में बड़ा सुधार साबित होगा।
नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने इसे अनिवार्य करते हुए सभी कर्मचारियों की डिजिटल उपस्थिति दर्ज करने के निर्देश जारी किए हैं।
सरकार का तर्क है कि यह व्यवस्था अनुपस्थित कर्मचारियों पर निगरानी रखेगी और सेवा अनुशासन में सुधार लाएगी।
हालाँकि विशेषज्ञों का कहना है कि केवल तकनीक लागू करने से व्यवस्था पारदर्शी नहीं बन जाती —
क्योंकि चेहरा स्कैन करने से उपस्थिति तो दर्ज हो जाएगी, लेकिन कार्यस्थल पर कर्मठता की गारंटी नहीं होगी।
कर्मचारी ड्यूटी पर आकर भी समय व्यतीत न करें, तो तकनीक उस व्यवहार को नहीं रोक सकती।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पहले चरण में सिस्टम का तकनीकी अपडेट और डेटा एंट्री कार्य जारी है।
अगले कुछ हफ्तों में यह पूरी तरह सुचारु रूप से कार्य करेगा।
वहीं, विपक्ष ने इसे लेकर सतर्कता जताई है और कहा है कि इस प्रक्रिया की सत्यनिष्ठा और निष्पक्षता की लगातार निगरानी होनी चाहिए।











