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|| जय श्री राधे ||
🌺🙏 महर्षि पाराशर पंचांग 🙏🌺
🙏🌺🙏 अथ पंचांगम् 🙏🌺🙏
ll जय श्री राधे ll
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दिनाँक:-20/10/2026,मंगलवार
नवमी, शुक्ल पक्ष,
आश्विन
“”””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)
तिथि—‐—‐- नवमी 12:49:43. तक
पक्ष—‐——————- शुक्ल
नक्षत्र श्रवण——— 18:01:11
योग—‐‐–‐—- शूल 24:48:55
करण——– कौलव 12:49:43
करण——— तैतुल 25:35:42
वार——————– मंगलवार
माह-‐——————- आश्विन
चन्द्र राशि—————– मकर
सूर्य राशि——————- तुला
रितु—-‐——————- शरद
आयन——‐——— दक्षिणायन
संवत्सर———‐——- पराभव
संवत्सर (उत्तर)—————- रौद्र
विक्रम संवत————- 2083
गुजराती संवत—‐-‐—— 2082
शक संवत—————- 1948
कलि संवत————— 5127
वृन्दावन
सूर्योदय–‐———- 06:23:08
सूर्यास्त————– 17:44:25
दिन काल———– 11:21:17
रात्री काल———– 12:39:18
चंद्रोदय————– 14:14:53
चंद्रास्त————– 25:25:46
लग्न—- तुला 2°25′, 182°25′
सूर्य नक्षत्र—————— चित्रा
चन्द्र नक्षत्र—————- श्रवण
नक्षत्र पाया—————– ताम्र
🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩
खे———— श्रवण 11:28:28
खो———– श्रवण 18:01:11
गा——‐—- धनिष्ठा 24:31:32
💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮
ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
सूर्य= तुला 02°30 , चित्रा 3 रा
चन्द्र= मकर 17°30 , श्रवण 3 खे
बुध = तुला 25°52 ‘ स्वाति 2 तू
शु क्र= तुला 08°05, स्वाति 1 रू
मंगल= कर्क 18°17 आश्लेषा 1 डी
गुरु= कर्क 28°33 आश्लेषा , 4 डो
शनि=मीन 15°10 ‘ उoभाo , 4 ञ
राहू=(व) कुम्भ 02°32 धनिष्ठा , 3 गु
केतु= (व) सिंह 02°32 मघा 1 मा
🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩
राहू काल 14:54 – 16:19 अशुभ
यम घंटा 09:13 – 10:39 अशुभ
गुली काल 12:04 – 13:29 अशुभ
अभिजित 11:41 – 12:26 शुभ
दूर मुहूर्त 08:39 – 09:25 अशुभ
दूर मुहूर्त 22:48 – 23:33 अशुभ
वर्ज्यम 22:19 – 24:02* अशुभ
प्रदोष 17:44 – 20:19 शुभ
🚩ब्रह्म मुहूर्त 28:43* – 29:33* शुभ
💮चोघडिया, दिन
रोग 06:23 – 07:48 अशुभ
उद्वेग 07:48 – 09:13 अशुभ
चर 09:13 10:39 शुभ
लाभ 10:39 – 12:04 शुभ
अमृत 12:04 – 13:29 शुभ
काल 13:29 14:54 अशुभ
शुभ 14:54 – 16:19 शुभ
रोग 16:19 – 17:44 अशुभ
🚩चोघडिया, रात
काल 17:44 19:19 अशुभ
लाभ 19:19 – 20:54 शुभ
उद्वेग 20:54 – 22:29 अशुभ
शुभ 22:29 – 24:04* शुभ
अमृत 24:04* – 25:39* शुभ
चर 25:39* – 27:14* शुभ
रोग 27:14* – 28:49* अशुभ
काल 28:49* – 30:24* अशुभ
💮होरा, दिन
मंगल 06:23- 07:20
सूर्य 07:20 -08:17
शुक्र 08:17 -09:13
बुध 09:13- 10:10
चन्द्र 10:10 -11:07
शनि 11:07- 12:04
बृहस्पति 12:04 -13:01
मंगल 13:01 -13:57
सूर्य 13:57- 14:54
शुक्र 14:54- 15:51
बुध 15:51- 16:48
चन्द्र 16:48‐ 17:44
🚩होरा, रात
शनि 17:44- 18:48
बृहस्पति 18:48 -19:51
मंगल 19:51- 20:54
सूर्य 20:54- 21:58
शुक्र 21:58- 23:01
बुध 23:01- 24:04
चन्द्र 24:04-25:07
शनि 25:07- 26:11
बृहस्पति 26:11-27:14
मंगल 27:14-28:17
सूर्य 28:17-29:20
शुक्र 29:20‐30:24
🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩
तुला > 06:24 से 08:32 तक
वृश्चिक > 08:32 से 11:00 तक
धनु > 11:00 से 12:52 तक
मकर > 12:52 से 14:46 तक
कुम्भ > 14:46 से 16:22 तक
मीन > 16:22 से 18:18 तक
मेष > 18:18 से 18:26 तक
वृषभ > 18:26 से 21:18 तक
मिथुन > 21:18 से 23:30 तक
कर्क > 23:30 से 01:44 तक
सिंह > 01:44 से 04:04 तक
कन्या > 04:04 से 06:24 तक
🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार (लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट
नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।
💮दिशा शूल ज्ञान————- उत्तर
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा गुड़ खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll
🚩 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं।।
महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त,
राहुणां नित्यनैमित्यके कार्ये,
अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।
9 + 3 + 1 = 13 ÷ 4 = 1 शेष
पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l
🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩
सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है
शुक्र ग्रह मुखहुति
💮 शिव वास,फल एवं परिहार -:
श्रावणेऽधिकमासे च आर्द्रायाञ्च गते रवी।
शिवभेन्दुगते योगे, शुक्ले च व्यतिपातके ।।
हरानङ्गहरीणाञ्च तिथिषु करणे चतुष्पदे ।
सोमवारे शुभे ब्राह्मे प्रदोषाख्येऽभिजित्क्षणे ।।
शिवरात्र्यादि पर्वेषु उत्सवेषु निमित्तके ।
नित्याराधनकाले च शिववासं न चिन्तयेत् ।।
9 + 9 + 5 = 23 ÷ 7 = 2 शेष
गौरी सन्निध्यौ = शुभ कारक
🚩भद्रा वास एवं फल -:
स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।
💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮
*महानवमी (नवरात्रि संपन्न)
*विजयदशमी (शमी पूजन )
*नीलकण्ठ दर्शन
💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮
एकाकिना तपो द्वाभ्यां पठनं गायनं त्रिभिः ।
चतुर्भिर्गमनं क्षेत्रं पंचभिर्बहुभी रणम् ।।
।।चाoनीo।।
जब आप तप करते है तो अकेले करे.
अभ्यास करते है तो दुसरे के साथ करे.
गायन करते है तो तीन लोग करे.
कृषि चार लोग करे.
युद्ध अनेक लोग मिलकर करे.
🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩
गीता -: विश्वरूपदर्शन योग अo-11
सखेति मत्वा प्रसभं यदुक्तं
हे कृष्ण हे यादव हे सखेति।
अजानता महिमानं तवेदं
मया प्रमादात्प्रणयेन वापि॥
यच्चावहासार्थमसत्कृतोऽसि
विहारशय्यासनभोजनेषु।
एकोऽथवाप्यच्युत तत्समक्षं
तत्क्षामये त्वामहमप्रमेयम्॥
आपके इस प्रभाव को न जानते हुए, आप मेरे सखा हैं ऐसा मानकर प्रेम से अथवा प्रमाद से भी मैंने ‘हे कृष्ण!’, ‘हे यादव !’ ‘हे सखे!’ इस प्रकार जो कुछ बिना सोचे-समझे हठात् कहा है और हे अच्युत! आप जो मेरे द्वारा विनोद के लिए विहार, शय्या, आसन और भोजनादि में अकेले अथवा उन सखाओं के सामने भी अपमानित किए गए हैं- वह सब अपराध अप्रमेयस्वरूप अर्थात अचिन्त्य प्रभाव वाले आपसे मैं क्षमा करवाता हूँ
॥41-42॥
💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮
देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।
🐏मेष
कार्यक्षेत्र में नए विचार और नीतियां सफलता दिलाएंगी। व्यापार में नए सौदे तय होंगे, लाभ के अवसर मिलेंगे। मित्रों और प्रियजनों के साथ संबंध मजबूत होंगे। आर्थिक मामलों में प्रगति होगी, धन लाभ संभव है। शारीरिक ऊर्जा बनी रहेगी, ताजगी महसूस करेंगे। शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित करें।
🐂वृषभ
सहकर्मियों का पूर्ण सहयोग मिलने से काम आसान होंगे। व्यापार में स्थिरता आएगी और मुनाफा बढ़ेगा। पारिवारिक जीवन में सौहार्द और खुशहाली रहेगी।वित्तीय लाभ के योग बन रहे हैं। स्वास्थ्य अनुकूल रहेगा, मानसिक शांति मिलेगी। चंद्र देव को कच्चे दूध का अर्घ्य दें।
👫मिथुन
कार्यस्थल पर आपकी बौद्धिक क्षमता की तारीफ होगी। व्यावसायिक यात्राओं से सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। प्रियजनों के साथ मनमुटाव दूर होगा। आय में सुधार की संभावना बनी हुई है। सेहत अच्छी रहेगी, स्फूर्ति बनी रहेगी। ॐ नमः शिवाय का 108 बार जप करें।
🦀कर्क
पदोन्नति या नए अधिकार मिलने के योग हैं। व्यापारिक गतिविधियां तेज होंगी, लाभ होगा। परिवार में सुख और शांति का वातावरण रहेगा। धन संचय के प्रयास रंग लाएंगे। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा, प्रसन्नता रहेगी। शिवलिंग पर कच्चा दूध और अक्षत चढ़ाएं।
🐅सिंह
आपके साहस और निर्णय लेने की क्षमता से लाभ होगा। व्यापार में नए सौदे तय होने की संभावना है। प्रेम जीवन में नया उत्साह देखने को मिलेगा। आर्थिक पक्ष मजबूत बना रहेगा। शारीरिक रूप से चुस्त-दुरुस्त रहेंगे। माता पार्वती को लाल चुनरी या फूल चढ़ाएं।
🙎♀️कन्या
कार्यस्थल पर सतर्क रहें और काम पर ध्यान केंद्रित करें। व्यापार में किसी पर भी अंधाधुंध भरोसा न करें। परिजनों के साथ बातचीत में संयम बरतें। अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखना आवश्यक है। खान-पान में सफाई और संतुलन बनाए रखें। सफेद मिठाई का दान करें।
⚖️तुला
दफ्तर में आपकी छवि और प्रभाव में वृद्धि होगी। व्यापारिक साझेदारी में उत्तम लाभ मिलने के संकेत हैं। जीवनसाथी का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा। धन प्राप्ति के कई मार्ग खुलेंगे। स्वास्थ्य बहुत अच्छा रहेगा, ताजगी बनी रहेगी। चंद्र देव के मंत्रों का जप करें।
🦂वृश्चिक
विरोधियों पर भारी पड़ेंगे, कार्य सिद्ध होंगे। व्यापार में लाभ के नए अवसर प्राप्त होंगे। पारिवारिक सहयोग से मनोबल ऊंचा रहेगा। रुका हुआ धन वापस मिलने की पूरी संभावना है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, ऊर्जावान महसूस करेंगे। भगवान शिव को आंकड़े का फूल अर्पित करें।
🏹धनु
रचनात्मक कार्यों में बड़ी सफलता मिलेगी। नए निवेश से भविष्य में बड़ा लाभ होगा। संतान पक्ष से संतोषजनक परिणाम मिलेंगे। आर्थिक लाभ के योग स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। मानसिक शांति और ताजगी बनी रहेगी। शिव चालीसा का पाठ करें।
🐊मकर
कार्यस्थल पर जिम्मेदारी बढ़ने से व्यस्तता रहेगी। लेन-देन के मामलों में सावधानी जरूरी है। परिवार के सदस्यों के साथ तालमेल बेहतर रखें। खर्चों में संतुलन बनाकर चलना हितकर होगा। थोड़ा आराम करें, थकान से बचें। शिवलिंग पर जल में काले तिल मिलाकर चढ़ाएं।
🍯कुंभ
आपकी चतुराई और सूझबूझ से कठिन काम भी आसान होंगे। व्यापार में नए अनुबंधों पर मुहर लग सकती है। दोस्तों के साथ सुखद समय व्यतीत होगा। वित्तीय स्थिति सुदृढ़ और सुरक्षित होगी। सेहत उत्तम रहेगी, फुर्ती बनी रहेगी। बहते जल में सफेद फूल प्रवाहित करें।
🐟मीन
आपके दिए सुझावों से प्रबंधन को लाभ होगा। व्यापार में मुनाफा बढ़ने से मन प्रसन्न रहेगा। पारिवारिक माहौल खुशनुमा बना रहेगा। धन लाभ के अवसर निरंतर मिलेंगे। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, मानसिक शांति मिलेगी। शिव मंदिर में जाकर दूध और जल का अभिषेक करें।
🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
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आचार्य नीरज पाराशर (वृन्दावन)
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)
09897565893,09412618599








