गौरझामर, सिंगपुर गंजन, कोपरा और अनंतपुरा ग्रामो में बिना डिग्री इलाज करने वालों पर शिकंजा कसने की तैयारी; फर्जी अस्पतालों को बंद कराने का आश्वासन
देवरी। देवरी ब्लॉक में कथित झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ अब स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई की तैयारी में है। ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) डॉ. पूजा परमार ने पत्रकारों को आश्वासन दिया है कि बुधवार से झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना मान्य डिग्री और आवश्यक अनुमति के अस्पताल संचालित करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
क्षेत्र में कथित झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा मरीजों का इलाज किए जाने का मामला लगातार चर्चा में है। गौरझामर, सिंगपुर गंजन, कोपरा और अनंतपुरा सहित कई गांवों में बिना आवश्यक चिकित्सकीय योग्यता के इलाज किए जाने के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय स्तर पर इस संबंध में समाचार पत्रों में भी लगातार खबरें प्रकाशित हो रही हैं। आरोप है कि कुछ लोग हर प्रकार की बीमारी का इलाज करने का दावा करते हैं, जिससे मरीजों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
गौरझामर के डॉक्टरों को लेकर भी उठे सवाल
गौरझामर में टी.के. विश्वास और अश्वनी मजूमदार के नाम से संचालित बताए जा रहे अस्पतालों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। समाचारों में संबंधित लोगों की चिकित्सकीय योग्यता और अस्पताल संचालन की वैधता को लेकर आरोप प्रकाशित हुए हैं। वहीं, संबंधित डॉक्टरों की ओर से कथित तौर पर यह कहा गया था कि उनके अस्पताल BMO के आदेश पर संचालित हो रहे हैं। इस दावे के बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया।
मामले की जानकारी स्वास्थ्य विभाग तक पहुंचने के बाद BMO डॉ. पूजा परमार ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने गौरझामर के दोनों कथित झोलाछाप डॉक्टरों के साथ-साथ सिंगपुर गंजनके झोलाछाप डॉक्टर अरविन्द विश्वास, रितेश विश्वास ,ब कोपरा और अनंतपुरा में भी झोलाछाप डॉक्टरो की अस्पताल की जांच एवं कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
बिना डिग्री इलाज करने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई
BMO पूजा परमार के अनुसार, बिना आवश्यक चिकित्सकीय योग्यता और वैधानिक अनुमति के अस्पताल चलाने वालों के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। विभाग की ओर से ऐसे अस्पतालों की जांच कर अनियमितताएं पाए जाने पर उन्हें बंद कराने की कार्रवाई भी की जाएगी।
अब कार्रवाई का इंतजार
स्वास्थ्य विभाग के आश्वासन के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि बुधवार को वास्तव में कितने अस्पतालों की जांच होती है और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर क्या कार्रवाई की जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों को सुरक्षित और योग्य चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
अब देखना होगा कि BMO पूजा परमार के आश्वासन के बाद विभाग की कार्रवाई धरातल पर कितनी प्रभावी साबित होती है और कथित अवैध अस्पतालों के संचालन पर कितना अंकुश लग पाता है।







