मुख्यमंत्री के औचक निरीक्षण वाले बयान पर बोले पूर्व मंत्री सुरेन्द्र चौधरी

SHARE:

मुख्यमंत्री जी,नरयावली आऐ नपा.कर्रापुर व मकरोनिया में व्याप्त भ्रष्टाचार व कमीशन खोरी आदि की हकीकत देखें।

जनविश्वास शिविर व जनसुनवाई में त्वरित निराकरण के दावे खोखले……..सुरेन्द्र चौधरी

मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव द्वारा अब बिना बताए किसी भी जिले में पहुंचकर व्यवस्थाओं की समीक्षा करने संबंधी बयान पर मध्यप्रदेश शासन के पूर्व मंत्री सुरेन्द्र चौधरी ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री जी को नरयावली विधानसभा क्षेत्र में आनें का न्योता दिया है।
श्री चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री जी नरयावली आइए और नगर परिषद कर्रापुर तथा नगर पालिका मकरोनिया में व्याप्त भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी,वित्तीय अनियमितताओं और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के कथित उल्लंघन की वास्तविक स्थिति भी देखिए।उन्होंने कहा कि प्रदेश में सुशासन और पारदर्शिता के दावे किए जा रहे हैं,लेकिन सागर जिले के विभिन्न नगरीय निकायों की शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने से शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली परसवालिया निशान लगना लाज़मी हैं।पूर्व मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा समीक्षा बैठकों में अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण और प्रशासनिक व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश तो दिए जाते हैं वहीं दूसरी ओर कर्रापुर में आयोजित हुए जन विश्वास शिविर,कलेक्टर की जनसुनवाई तथा कलेक्टर और कमिश्नर के समक्ष प्रस्तुत अनेक शिकायतों एवं आवेदनों पर ठोस व प्रभावी कार्यवाही नही हो सकी हैं जिससे जनविश्वास शिविर व जन सुनवाई में त्वरित निराकरण के दावे खोखले साबित हुए हैं।उन्होंने नगर परिषद कर्रापुर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कि यहां मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961,मध्यप्रदेश वित्तीय संहिता एवं शासन के प्रचलित नियमों के विपरीत कार्य किए जाने की अनेकों शिकायतें हैं। उन्होंने कर्मचारियों,पार्षदों एवं उनके परिजनों द्वारा कथित रूप से ठेकेदारी किए जाने,वित्तीय अनियमितताओं तथा अनधिकृत रूप से शासकीय कार्यों में हस्तक्षेप करने और सरकारी धन के दुरुपयोग की उच्चस्तरीय जांच व कार्यवाही की मांग की हैं।पूर्व मंत्री श्री चौधरी ने नगर पालिका परिषद मकरोनिया के सीएमओ के कथित वीडियो प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि नक्शा पास करने के एवज में आठ लाख रुपये की मांग किए जाने संबंधी में नगर पालिका परिषद मकरोनिया के सीएमओ पवन शर्मा से जुड़ा मामला सामने आया था। इस संबंध में संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास संभाग सागर के प्रतिवेदन पर अब तक क्या कार्रवाई हुई, यह सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
श्री चौधरी ने आगे कहा कि विगत दिनों नगर पालिका मकरोनिया के एक ठेकेदार द्वारा कार्य के बिल का भुगतान कराने के एवज में रुपये मांगने तथा अन्य कार्यो का भुगतान नगर परिषद से कराए जाने संबंधी आरोप भी सामने आए थे। उन्होंने सवाल उठाया कि इन गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई की स्थिति क्या है? यदि शिकायतें वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में हैं, तो अब तक ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई? उन्होंने अपर मुख्य सचिव संजय दुबे से संबंधित प्रकाशित समाचार का हवाला देते हुए कहा कि निकायों में भ्रष्टाचार को लेकर वरिष्ठ स्तर पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। समाचार में कथित तौर पर दो लाख रुपये के कचरा वाहन को छह लाख रुपये में खरीदे जाने का मामला उठाया गया। उन्होंने कहा कि यदि निकायों में खरीदी,निर्माण कार्यों और भुगतान प्रक्रियाओं में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं, तो शासन और प्रशासन को इनकी गंभीरता से जांच व कार्यवाही करना चहिये अन्यथा की स्थिति में कांग्रेस पार्टी चुप बैठने वाली नहीं है।

सबसे ज्यादा पढ़ी गई

Horoscope

Weather

और पढ़ें

शहर चुनें