संपूर्ण पंचांग दैनिक राशिफल  महर्षि पाराशर पंचांग  अथ पंचांगम् ll जय श्री राधे ll दिनांक 30/11/2025 रविवार

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|| जय श्री राधे ||
🌺🙏 महर्षि पाराशर पंचांग 🙏🌺
🙏🌺🙏 अथ पंचांगम् 🙏🌺🙏
ll जय श्री राधे ll
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दिनाँक:- 30/11/2025, रविवार
दशमी, शुक्ल पक्ष,
मार्गशीर्ष
“”””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि———— दशमी 21:28:40. तक
पक्ष————————– शुक्ल
नक्षत्र— उत्तराभाद्रपद 25:10:01
योग————— वज्र 07:11:24
योग————– सिद्वि 28:21:04
करण———— तैतुल 10:27:09
करण————— गर 21:28:40
वार———————— रविवार
माह——————— मार्गशीर्ष
चन्द्र राशि—————— मीन
सूर्य राशि—————– वृश्चिक
रितु————‐————- हेमंत
आयन—————- दक्षिणायण
संवत्सर—————— विश्वावसु
संवत्सर (उत्तर) ————-सिद्धार्थी
विक्रम संवत—————- 2082
गुजराती संवत–‐—-‐—— 2082
शक संवत—————–‐-1947
कलि संवत—————— 5126

वृन्दावन
सूर्योदय—————- 06:52:56
सूर्यास्त—————– 17:22:48
दिन काल————– 10:29:51
रात्री काल————– 13:30:54
चंद्रोदय—————– 13:47:14
चंद्रास्त—————– 26:32:53

लग्न—-वृश्चिक 13°52′ , 223°52′

सूर्य नक्षत्र–‐‐————- अनुराधा
चन्द्र नक्षत्र———— उत्तराभाद्रपद
नक्षत्र पाया——————– ताम्र

🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩

दू—- उत्तराभाद्रपद 08:07:48

थ—- उत्तराभाद्रपद 13:51:14

झ—- उत्तराभाद्रपद 19:31:57

ञ—- उत्तराभाद्रपद 25:10:01

दे—- रेवती 30:45:30

💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद

सूर्य= वृश्चिक 13°49 , अनुराधा 4 ने
चन्द्र= मीन 04°30 , उo भा o 1. दू
बुध = तुला 26°52 ‘ विशाखा 2 तू
शु क्र= वृश्चिक 04°05, अनुराधा , 1 ना
मंगल= वृश्चिक 24°30 ‘ ज्येष्ठा 3 यी
गुरु= कर्क 00°50 पुनर्वसु, 4 ही
शनि=मीन 01°02 ‘ पूo भा o , 4 दी
राहू=(व) कुम्भ 19°40 पू o भा o, 4 सू

केतु= (व) सिंह 19°40 पूoफा o 2 टा

🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩

राहू काल 16:04 – 17:23 अशुभ
यम घंटा 12:08 – 13:27 अशुभ
गुली काल 14:45 – 16:04 अशुभ
अभिजित 11:47 – 12:29 शुभ
दूर मुहूर्त 15:59 – 16:41 अशुभ
वर्ज्यम 11:34 – 13:06 अशुभ
प्रदोष 17:23 – 20:08 शुभ

💮गंड मूल 25:10* अहोरात्र अशुभ

🚩पंचक 4 अहोरात्र अशुभ

💮चोघडिया, दिन

उद्वेग 06:53 – 08:12 अशुभ
चर 08:12 – 09:30 शुभ
लाभ 09:30 – 10:49 शुभ
अमृत 10:49 – 12:08 शुभ
काल 12:08 13:27 अशुभ
शुभ 13:27 – 14:45 शुभ
रोग 14:45 – 16:04 अशुभ
उद्वेग 16:04 – 17:23 अशुभ

🚩चोघडिया, रात

शुभ 17:23 – 19:04 शुभ
अमृत 19:04 20:46 शुभ
चर 20:46 – 22:27 शुभ
रोग 22:27 – 24:08* अशुभ
काल 24:0825:50 अशुभ
लाभ 25:50* – 27:31* शुभ
उद्वेग 27:31* – 29:12* अशुभ
शुभ 29:12* – 30:54* शुभ

💮होरा, दिन

सूर्य 06:53- 07:45
शुक्र 07:45- 08:38
बुध 08:38- 09:30
चन्द्र 09:30 -10:23
शनि 10:23 -11:15
बृहस्पति 11:15- 12:08
मंगल 12:08 -13:00
सूर्य 13:00 -13:53
शुक्र 13:53 -14:45
बुध 14:45 -15:38
चन्द्र 15:38 -16:30
शनि 16:30 -17:23

🚩होरा, रात

बृहस्पति 17:23 -18:30
मंगल 18:30 -19:38
सूर्य 19:38 -20:46
शुक्र 20:46- 21:53
बुध 21:53- 23:01
चन्द्र 23:01 -24:08
शनि 24:08-25:16
बृहस्पति 25:16-26:23
मंगल 26:23-27:31
सूर्य 27:31-28:39
शुक्र 28:39-29:46
बुध 29:46-30:54

🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩

वृश्चिक > 05:48 से 09:10 तक
धनु > 09:10 से 10:18 तक
मकर > 10:18 से 11:50 तक
कुम्भ > 11:50 से 13:24 तक
मीन > 13:24 से 15:00 तक
मेष > 15:00 से 16:30 तक
वृषभ > 16:30 से 18:24 तक
मिथुन > 18:24 से 20:54 तक
कर्क > 20:53 से 23:00 तक
सिंह > 23:00 से 01:10 तक
कन्या > 01:10 से 03:40 तक

तुला > 03:40 से 05:38 तक

🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार (लगभग-वास्तविक समय के समीप)

दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

💮दिशा शूल ज्ञान————- पश्चिम
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा चिरौजी खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🚩 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

10 + 1 + 1 = 12 ÷ 4 = 0 शेष
पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

शनि ग्रह मुखहुति

💮 शिव वास एवं फल -:

10 + 10 + 5 =25 ÷ 7 = 4 शेष

सभायां = संताप कारक

🚩भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

प्रात: 8:15 से 19:01 तक

मृत्यु लोक = सर्वकार्य विनाशिनी

💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮

  • पंचक समाप्त 23:15

💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮

गीर्वाणवाणीषु विशिष्टबुध्दि-
स्तथापि भाषान्तरलालुपोऽहम् ।
यथा सुधायाममरिषु सत्यां
स्वर्गड्गनानामधरासवे रुचिः ।।
।।चाo नीo।।

यद्यपि मैं देववाणी में विशेष योग्यता रखता हूँ, फिर भी भाषान्तर का लोभ है ही। जैसे स्वर्ग में अमृत जैसी उत्तम वस्तु विद्यमान है फिर भी देवताओं को देवांगनाओं के अधरामृत पान करने की रुचि रहती ही है।

🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩

गीता -: कर्मयोग अo-3

सहयज्ञाः प्रजाः सृष्टा पुरोवाचप्रजापतिः।
अनेन प्रसविष्यध्वमेष वोऽस्त्विष्टकामधुक्‌॥

प्रजापति ब्रह्मा ने कल्प के आदि में यज्ञ सहित प्रजाओं को रचकर उनसे कहा कि तुम लोग इस यज्ञ द्वारा वृद्धि को प्राप्त होओ और यह यज्ञ तुम लोगों को इच्छित भोग प्रदान करने वाला हो ॥10॥

💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
धन प्राप्ति सुगम होगी। पराक्रम बढ़ेगा। जीवनसाथी से आर्थिक मतभेद हो सकते हैं। कामकाज में आशानुरूप स्थिति बनेगी। संतान के व्यवहार पर नजर रखें। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। थकान रहेगी।

🐂वृष
आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। आपके व्यवहार एवं कार्यकुशलता से अधिकारी वर्ग से लाभ होगा। आपसी विचार-विमर्श लाभप्रद रहेगा। बुरी खबर मिल सकती है। वाणी पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। लेन-देन में सावधानी रखें।

👫मिथुन
दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। पूंजी निवेश बढ़ेगा। साहित्यिक रुचि बढ़ेगी। आर्थिक योग शुभ हैं। यात्रा से व्यापारिक लाभ हो सकता है। रुका हुआ धन प्राप्त होगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। विवाद न करें। व्यवसाय ठीक चलेगा। सुसंगति से लाभ होगा।

🦀कर्क
अप्रत्याशित लाभ होगा। राजकीय सहयोग मिलेगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। जोखिम बिलकुल न लें। धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। व्यापार व नौकरी में हितकारकों की पूर्ण कृपा रहेगी। गृह उपयोगी वस्तुएं क्रय करेंगे। नए संबंधों के प्रति सतर्क रहें।

🐅सिंह
पारिवारिक जीवन अच्छा रहेगा। रुका पैसा मिलेगा। शत्रु आपकी छवि को धूमिल करने का प्रयास करेंगे। अतः सावधान रहें। फालतू खर्च होगा। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। कुसंगति से बचें। दूसरों पर भरोसा न करें। धैर्य रखें। व्यापार में सफलता मिलेगी।

🙎‍♀️कन्या
पुराने मित्र-संबंधी मिलेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। कार्य एवं व्यवसाय के क्षेत्र में विभिन्न बाधाओं से मन अशांत रहेगा। विवादों से दूर रहना चाहिए। उत्साहवर्द्धक सूचना मिलेगी। स्वाभिमान बढ़ेगा। आर्थिक तंगी रहेगी। पिछले कार्यों को टालें। पारिवारिक तनाव से मन परेशान रहेगा। व्यापार में हानि हो सकती है।

⚖️तुला
कार्यसिद्धि होगी। आय-व्यय में संतुलन रहेगा। क्रोध पर संयम आवश्यक है। व्यापार में नए अनुबंध लाभकारी रहेंगे। धर्म में रुचि बढ़ेगी। नई योजना से लाभ होगा। धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। वरिष्ठजनों का सहयोग मिलेगा। कोर्ट व कचहरी के काम बनेंगे।

🦂वृश्चिक
संतान की ओर से अच्छे समाचार मिलेंगे। दूसरों के कार्यों में हस्तक्षेप नहीं करें। परिवार की चिंता रहेगी। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। पुराना रोग उभर सकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें। व्यापार के विस्तार हेतु किए गए प्रयास सफल होंगे।

🏹धनु
लाभ होगा। पिछले कार्यों को टालना चाहिए क्योंकि उसमें असफलता का योग है। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। राजकीय बाधा दूर होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। शत्रुभय रहेगा। अनावश्यक विवाद होगा। व्यावसायिक योजनाएँ क्रियान्वित नहीं हो पाएँगी।

🐊मकर
नए अनुबंध होंगे। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। निवेश शुभ रहेगा। जल्दबाजी व भागदौड़ से काम करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाएँ। अच्छे मित्र से भेंट होगी। पराक्रम की वृद्धि होगी। समाज-परिवार में आदर मिलेगा। योजना फलीभूत होगी।

🍯कुंभ
धनलाभ होगा। प्रसन्नता बनी रहेगी। वाहन सुख मिलेगा। संपत्ति के लेन-देन में सावधानी बरतें। परिवार में सहयोग का वातावरण रहेगा। मेहनत का फल मिलेगा। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। यात्रा सफल रहेगी। व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा। संतान पर ध्यान दें। जल्दबाजी व भागदौड़ से कार्य करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाएं।

🐟मीन
प्रसन्नता रहेगी। संपत्ति के कार्य लाभ देंगे। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। संतान के रोजगार की समस्या का समाधान संभव है। व्यापार-व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। कश्मकश दूर होगी। स्वजनों से भेंट होगी। खर्चों में वृद्धि से चिंता होगी।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
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आचार्य नीरज पाराशर (वृन्दावन)
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)
09897565893,09412618599

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