सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों के स्वत्वों का भुगतान समय पर करने के निर्देश, बिजली समस्याओं और लंबित शिकायतों पर भी जताई गंभीरता
सागर। जिले में अनुकंपा नियुक्ति, मुख्यमंत्री संबल योजना और सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों के लंबित भुगतान से जुड़े मामलों को लेकर कलेक्टर दिलीप कुमार यादव ने अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि दिवंगत शासकीय सेवकों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति के लिए अनावश्यक परेशान न होना पड़े। ऐसे सभी प्रकरणों का प्राथमिकता से समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
2 नवंबर को आयोजित समय-सीमा बैठक में कलेक्टर ने विभिन्न विभागों के कामकाज, शासकीय योजनाओं की प्रगति और लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उनके सेवानिवृत्ति उपरांत मिलने वाले स्वत्वों और देयकों का भुगतान नियमानुसार निर्धारित समय-सीमा में किया जाए, ताकि उन्हें अपने अधिकारों के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
संबल योजना के प्रकरणों पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री संबल योजना के अंतर्गत अनुग्रह सहायता राशि के लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों के प्रकरणों का सहानुभूतिपूर्वक और प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए। जनपद पंचायत एवं नगरीय निकायवार संबल योजना के अपील प्रकरणों की समीक्षा करते हुए उन्होंने लंबित मामलों की संख्या शून्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बिजली समस्याओं का तत्काल समाधान करें
विद्युत विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने खराब ट्रांसफार्मरों को शीघ्र सुधारने अथवा बदलने, बिजली लाइनों का नियमित रखरखाव करने और गलत बिजली बिलों की नियमानुसार जांच कर तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही पीएम कुसुम योजना की प्रगति और नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग की जिले में संचालित गतिविधियों की जानकारी भी ली।
शिकायतों के निराकरण में लापरवाही न हो
सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई और मुख्यमंत्री जनविश्वास में प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का गंभीरता से परीक्षण कर संतुष्टिपूर्ण निराकरण किया जाए। मुख्यमंत्री जनविश्वास शिविरों में प्राप्त शिकायतों की नियमित मॉनीटरिंग करने पर भी जोर दिया गया।
आवास और राजस्व प्रकरणों की भी समीक्षा
प्रधानमंत्री आवास योजना, आवास प्लस और धारणाधिकार योजना के लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए गए। विभिन्न आयोगों से प्राप्त पत्रों के जवाब निर्धारित समय-सीमा में भेजने तथा रिट याचिकाओं और न्यायालयीन मामलों में समय पर जवाब प्रस्तुत करने को कहा गया।
बैठक में भू-अर्जन और अनुभागवार राजस्व प्रकरणों की समीक्षा भी की गई। कलेक्टर ने तहसीलवार स्वामित्व योजना की प्रगति की जानकारी लेते हुए योजना के अंतर्गत पंजीयन का प्रतिशत बढ़ाने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ जगदीश कुमार गोमे, नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री, अपर कलेक्टर अविनाश रावत, संयुक्त कलेक्टर, समस्त एसडीएम और विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।







