बचाओ‘लोकतंत्र, अराजकता हटाओ’ प्रबुद्धजन संवाद में 500 से अधिक प्रबुद्धजनों की सहभागिता; सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने लोकतांत्रिक मूल्यों एवं राष्ट्रहित, विधायक इंजी. प्रदीप लारिया ने संवैधानिक संस्थाओं पर विश्वास और जिलाध्यक्ष श्याम तिवारी ने निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर रखे विचार
मकरोनिया/02.11.2026
नरयावली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सोमवार को परिणय बैंक्विट मैरिज गार्डन, मकरोनिया में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ विषय पर प्रबुद्धजन संवाद का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता एवं सांसद डॉ. लता वानखेड़े के मुख्य आतिथ्य, नरयावली विधायक इंजी. प्रदीप लारिया की अध्यक्षता तथा भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी के विशिष्ट आतिथ्य में आयोजित इस संवाद में 500 से अधिक प्रबुद्धजनों ने सहभागिता की। चिकित्सक, सेना के अधिकारी, शिक्षाविद्, प्रोफेसर, प्राचार्य, उद्योगपति, समाजसेवी, कला जगत से जुड़े व्यक्तित्व तथा विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने लोकतंत्र, राष्ट्रहित और समसामयिक विषयों पर विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात सरस्वती वंदना और सामूहिक वंदेमातरम गान किया गया।
लोकतंत्र की रक्षा राष्ट्र के भविष्य और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा का दायित्व : डॉ. लता वानखेड़े
मुख्य वक्ता सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने अपने उद्बोधन में लोकतंत्र की मूल भावना, राष्ट्र की एकता-अखंडता और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत का लोकतंत्र केवल निर्वाचन और सत्ता परिवर्तन की व्यवस्था नहीं, बल्कि देश की संवैधानिक परंपराओं, नागरिक अधिकारों, कर्तव्यों और राष्ट्रीय एकता का आधार है। इसकी मजबूती के लिए आवश्यक है कि प्रत्येक नागरिक लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सजग रहे और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखे।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद और राजनीतिक असहमति का अपना महत्व है, लेकिन इनकी अभिव्यक्ति संवैधानिक मर्यादाओं और राष्ट्रहित के दायरे में होनी चाहिए। सार्वजनिक जीवन में तथ्यों के स्थान पर भ्रम, आशंकाओं और भ्रामक सूचनाओं को बढ़ावा देने की प्रवृत्ति लोकतांत्रिक संवाद को प्रभावित करती है। संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जनविश्वास बनाए रखना और उनकी भूमिका को तथ्यों के आधार पर समझना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
डॉ. वानखेड़े ने प्रबुद्धजनों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि समाज के विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिष्ठित और प्रभावशाली व्यक्तित्व अपने विचारों, अनुभवों और सामाजिक संपर्कों के माध्यम से जनमानस को प्रभावित करते हैं। इसलिए उनकी जिम्मेदारी है कि वे राष्ट्र और समाज से जुड़े विषयों पर तथ्यपरक दृष्टिकोण प्रस्तुत करें, नई पीढ़ी को लोकतांत्रिक मूल्यों से परिचित कराएं और सामाजिक समरसता एवं राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने में योगदान दें। उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा और राष्ट्र निर्माण के लिए जागरूक, जिम्मेदार एवं सकारात्मक नागरिक सहभागिता का आह्वान किया।
लोकतंत्र की आड़ में भ्रम और अविश्वास का वातावरण बनाने के प्रयासों के प्रति सजग रहें : इंजी. प्रदीप लारिया
अध्यक्षीय उद्बोधन में विधायक इंजी. प्रदीप लारिया ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक विरोध और वैचारिक असहमति स्वाभाविक है, लेकिन विरोध के नाम पर संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करना और तथ्यों से परे भ्रामक विमर्श को बढ़ावा देना गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि आज कुछ राजनीतिक एवं अन्य समूहों द्वारा विभिन्न मुद्दों को लेकर जिस प्रकार का विमर्श खड़ा किया जा रहा है, उसमें कई बार वास्तविक तथ्यों की अपेक्षा आशंकाओं और भ्रम को अधिक महत्व दिया जाता है। ऐसी परिस्थितियों में समाज को सजग रहकर प्रत्येक विषय का तथ्यों और संवैधानिक प्रावधानों के आधार पर मूल्यांकन करना चाहिए।
उन्होंने एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के संदर्भ में कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण कोई नई अथवा किसी एक सरकार तक सीमित प्रक्रिया नहीं है। पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में भी निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण कराया जाता रहा है। यह निर्वाचन आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी के अंतर्गत आने वाली प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन, शुद्ध और विश्वसनीय बनाना है। ऐसी प्रक्रिया को लेकर अनावश्यक भ्रम उत्पन्न करने के बजाय इसके वास्तविक उद्देश्य और प्रावधानों को समझना चाहिए।
श्री लारिया ने कहा कि लोकतंत्र केवल सत्ता और विपक्ष के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का विषय नहीं है, बल्कि यह देश की संवैधानिक व्यवस्था, सामाजिक समरसता और नागरिकों के विश्वास से जुड़ा हुआ है। किसी भी राजनीतिक या वैचारिक मतभेद को इस सीमा तक नहीं ले जाना चाहिए कि समाज में अनावश्यक तनाव और संस्थाओं के प्रति अविश्वास की स्थिति निर्मित हो। राष्ट्रहित से जुड़े विषयों पर जिम्मेदार विमर्श और तथ्यपरक संवाद ही लोकतांत्रिक परिपक्वता का परिचायक है।
उन्होंने उपस्थित प्रबुद्धजनों से कहा कि वे समाज के विभिन्न वर्गों का प्रतिनिधित्व करते हैं और उनके विचारों का व्यापक प्रभाव होता है। इसलिए वे अपने सामाजिक दायित्व का निर्वहन करते हुए लोगों को संवैधानिक प्रक्रियाओं की सही जानकारी दें, भ्रामक सूचनाओं के प्रति सचेत करें और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने में सकारात्मक भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा केवल नारों से नहीं, बल्कि जागरूक नागरिकों, मजबूत संवैधानिक संस्थाओं और जिम्मेदार सामाजिक सहभागिता से होती है।
निर्वाचन आयोग की भूमिका और प्रक्रिया की पारदर्शिता पर चर्चा : श्याम तिवारी
भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी ने अपने संबोधन में एसआईआर एवं निर्वाचन आयोग को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों और फैलाए जा रहे भ्रम के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता, निष्पक्षता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग की संवैधानिक भूमिका और मतदाता सूची के पुनरीक्षण जैसी प्रक्रियाओं को सही तथ्यों के साथ समझना आवश्यक है। प्रबुद्ध समाज को इस दिशा में जागरूकता बढ़ाने और नागरिकों तक सही जानकारी पहुंचाने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में प्रबुद्धजनों का माल्यार्पण कर एवं पुष्प गुच्छ भेंट कर अभिनंदन एवं सम्मान किया गया।
कार्यक्रम का संचालन शिक्षाविद् एवं पूर्व प्राचार्य एम.डी. त्रिपाठी ने किया।
इस अवसर पर कार्यक्रम प्रभारी डॉ.अनिल तिवारी, जिला संयोजक मनीष चौबे, सह प्रभारी निकेश गुप्ता, जिला महामंत्री चैन सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष मिहीलाल अहिरवार, जिला मंत्री अफसर यादव, जिला मंत्री श्रीमती जयंती मौर्य, समाजसेवी गुलजारीलाल जैन, पूर्व विधायक नारायण कबीरपंथी, नितिन सोनी सहित क्षेत्र के वरिष्ठ भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।







