विदेशी घुसपैठियों को कांग्रेस ने बनाया अपना वोटबैंक : भूपेन्द्र सिंह

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खुरई में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ संगोष्ठी में पूर्व गृहमंत्री ने कांग्रेस पर साधा निशाना, एसआईआर और मतदाता सूची पुनरीक्षण के पक्ष में रखे विचार

खुरई। भाजपा के राष्ट्रव्यापी अभियान ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ के अंतर्गत खुरई ऑडिटोरियम में प्रबुद्धजन संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमें पूर्व गृहमंत्री एवं खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस बांग्लादेश और पाकिस्तान से आए अवैध घुसपैठियों को अपना वोटबैंक बनाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सत्ता हासिल करने के लिए देश विरोधी ताकतों के साथ मिलकर राजनीतिक षड्यंत्र कर रही है।

संगोष्ठी को संबोधित करते हुए भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस निर्वाचन आयोग, ईवीएम और मतदाता सूची की प्रक्रिया पर सवाल उठाकर लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर संदेह पैदा कर रही है। लगातार चुनावी पराजय के बाद कांग्रेस नेतृत्व जनादेश को स्वीकार करने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगा रहा है।

उन्होंने राहुल गांधी के विदेश दौरों और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय व्यक्तियों के साथ उनकी मुलाकातों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि भारत विरोधी ताकतें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को मजबूत होते नहीं देखना चाहतीं। उन्होंने कहा कि ऐसी ताकतें भारत में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने का प्रयास कर रही हैं।

एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध करना

भूपेन्द्र सिंह ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का समर्थन करते हुए कहा कि यह कोई नई प्रक्रिया नहीं है। उनके अनुसार, देश में पूर्व में भी आठ बार यह प्रक्रिया हो चुकी है। इसका उद्देश्य मृत मतदाताओं के नाम हटाना, स्थानांतरित हो चुके मतदाताओं की प्रविष्टियों को दुरुस्त करना, दोहरे पंजीकरण समाप्त करना और छूटे हुए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ना है।

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष एसआईआर का विरोध इसलिए कर रहा है क्योंकि उसे मतदाता सूची से अवैध घुसपैठियों के नाम हटने की आशंका है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में केवल पात्र भारतीय नागरिकों के नाम होने चाहिए। सरकारी योजनाओं और सुविधाओं पर पहला अधिकार देश के पात्र नागरिकों का है।

आपातकाल का जिक्र कर कांग्रेस के इतिहास पर उठाए सवाल

पूर्व गृहमंत्री ने कांग्रेस के शासनकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1975 में आपातकाल के दौरान प्रेस की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाया गया और विपक्षी नेताओं को जेल में डाल दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अनुच्छेद 356 का 54 बार दुरुपयोग कर विभिन्न राज्यों की सरकारों को बर्खास्त किया।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान जरूरी है। चुनाव में हार मिलने पर ईवीएम और निर्वाचन व्यवस्था पर सवाल उठाना तथा जीत मिलने पर उसी व्यवस्था को सही मानना कांग्रेस की दोहरी नीति को दर्शाता है।

संसद में चर्चा करे विपक्ष

भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार संसद में हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी सदन में चर्चा की बात कह चुके हैं। ऐसे में विपक्ष को संसद के बाहर प्रदर्शन करने के बजाय सदन में आकर अपने सवाल रखने चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवाद और बहस का सबसे महत्वपूर्ण मंच संसद है।

उन्होंने प्रबुद्धजनों से सोशल मीडिया, जनसंवाद और सामाजिक चर्चाओं के माध्यम से लोगों को जागरूक करने तथा तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखने का आह्वान किया।

इनकी रही उपस्थिति

संगोष्ठी में उद्योगपति विजय जैन वट्टी, नगरपालिका अध्यक्ष नन्हीं बाई अहिरवार, वरिष्ठ पार्षद देशराज यादव, महिला मोर्चा जिला महामंत्री रश्मि सोनी और वरिष्ठ भाजपा नेता सत्यप्रकाश खरे ने भी विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन नीतिराज पटेल एवं रामशास्त्री शुक्ला ने किया।

इस अवसर पर नगर मंडल अध्यक्ष राहुल चौधरी, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष रवींद्र सिंह, धनौरा मंडल अध्यक्ष राजपाल सिंह राजपूत, मालथौन मंडल अध्यक्ष अरविंद सिंह लोधी, बरोदिया मंडल अध्यक्ष नीतेश यादव, बांदरी मंडल अध्यक्ष अनिल पाराशर सहित भाजपा के विभिन्न पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, महिला मोर्चा एवं युवा मोर्चा के कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।

मीडिया कार्यालय
दिनांक : 01 नवंबर 2026

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