
उज्जैन के बाबा महाकाल के दर्शनो की कामना लेकर सागर के 21 साल के राम उपाध्याय, 370 किमी की दंडवत यात्रा पर निकले
भगवान भोलेनाथ के प्रति अटूट श्रद्धा, आस्था और समर्पण का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करते हुए सागर शहर के शनिचरी क्षेत्र निवासी 21 वर्षीय राम उपाध्याय ने उज्जैन स्थित विश्वप्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन हेतु दंडवत यात्रा प्रारंभ की है। यह कठिन और तपस्वी यात्रा लगभग 370 किलोमीटर लंबी होगी, जिसे वे करीब तीन माह में पूर्ण करेंगे।
राम उपाध्याय ने अपनी यह पावन यात्रा सागर के बड़े बाजार स्थित प्राचीन धनेश्वर महादेव मंदिर में भगवान भोलेनाथ के दर्शन एवं पूजन-अर्चन के पश्चात गुरुवार सुबह 11:00 से आरंभ की। इस अवसर पर उनके परिवारजन, एवं मोहल्लेवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष के साथ उन्हें विदाई दी और उनके संकल्प की सफलता के लिए मंगलकामनाएँ कीं।
राम उपाध्याय ने बताया कि उन्हें भगवान शिव में बचपन से ही गहरी आस्था है। लंबे समय से उनके मन में यह भावना थी कि वे स्वयं को पूर्ण रूप से समर्पित करते हुए दंडवत यात्रा के माध्यम से महाकालेश्वर भगवान के चरणों में शीश नवाएँ। नववर्ष के प्रथम दिन इस संकल्प को प्रारंभ करना उनके लिए विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है।
उन्होंने कहा कि उनकी कामना केवल व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि वे इस यात्रा के माध्यम से ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं कि संपूर्ण संसार में सुख, शांति और कल्याण बना रहे, सभी प्राणी निरोग और प्रसन्न रहें।
करीब 370 किलोमीटर की इस कठिन यात्रा में राम उपाध्याय प्रतिदिन दंडवत करते हुए आगे बढ़ेंगे, जो संयम, साधना और अद्भुत श्रद्धा का प्रतीक है। यह यात्रा न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक तपस्या का भी स्वरूप मानी जा रही है।
यात्रा के शुभारंभ अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना की कि वे राम उपाध्याय को शक्ति, धैर्य और स्वास्थ्य प्रदान करें तथा उनका संकल्प पूर्ण करें। वातावरण “हर हर महादेव” के जयघोष से भक्तिमय हो उठा।
राम उपाध्याय की यह दंडवत यात्रा न केवल युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा है, बल्कि यह दर्शाती है कि आज भी आस्था, तप और विश्वास की परंपरा पूरी श्रद्धा के साथ जीवित है।











