
दिनांक : 09/03/2026
कंट्रोल रूम की तत्परता और पुलिस टीम की सजगता से सुरक्षित मिले लापता बुजुर्ग, टली संभावित अनहोनी
सागर। सागर पुलिस की त्वरित कार्रवाई, आपसी समन्वय और मानवीय संवेदनशीलता के चलते घर से लापता हुए एक बुजुर्ग को सुरक्षित खोजकर उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया। पुलिस की इस सराहनीय पहल से एक संभावित बड़ी अनहोनी टल गई और परिवार की चिंता समाप्त हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार वेद प्रकाश तिवारी (उम्र लगभग 73 वर्ष) आज 09 मार्च 2026 को सुबह लगभग 10:00 बजे अपने घर से अचानक लापता हो गए थे। बताया गया कि उनकी याददाश्त कमजोर हो चुकी है, जिसके कारण वे नंगे पैर ही घर से निकल गए। उस समय घर में उनकी पत्नी अकेली थीं, जिससे उन्हें इस बात का पता नहीं चल सका।
परिजनों द्वारा आसपास काफी तलाश करने के बाद भी जब उनका कोई पता नहीं चला तो उन्होंने अपने रिश्तेदार पूर्व प्रधान आरक्षक कमलेश को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही उन्होंने यह जानकारी तत्काल पुलिस कंट्रोल रूम सागर में पदस्थ उपनिरीक्षक आर.के.एस. चौहान को दी।
सूचना प्राप्त होते ही उपनिरीक्षक आर.के.एस. चौहान ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत बुजुर्ग का फोटो एवं विवरण सोशल मीडिया पर प्रसारित कराया तथा कंट्रोल रूम सागर के माध्यम से जिले के सभी थानों, डायल-112 वाहनों एवं चीता मोबाइलों को अलर्ट संदेश भेजा। साथ ही सीसीटीवी कंट्रोल रूम से संभावित स्थानों के फुटेज भी चेक कराए गए, जिससे उनकी तलाश तेज़ी से शुरू की गई।
इसी दौरान थाना मोतीनगर क्षेत्र में प्रधान आरक्षक 286 प्रदीप गोस्वामी एवं नगर रक्षा समिति के सदस्य गौरव सेन को एक बुजुर्ग संदिग्ध अवस्था में शाम 7 बजे करीब मोतीनगर क्षेत्र में घूमते हुए दिखाई दिए। पूछताछ करने पर वे अपना सही पता नहीं बता पा रहे थे। पुलिस ग्रुप्स में वायरल फोटो की स्थिति को समझते हुए दोनों ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए उन्हें सुरक्षित थाना मोतीनगर लेकर आए।
कंट्रोल रूम से प्राप्त सूचना और फोटो के मिलान के बाद पुष्टि हुई कि ये वही लापता बुजुर्ग वेद प्रकाश तिवारी हैं। इसके बाद तत्काल उनके परिजनों को सूचना दी गई और उन्हें सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द किया गया।
बताया गया है कि वेद प्रकाश तिवारी मध्यप्रदेश विद्युत मंडल (MPEB) के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं, जबकि उनके पुत्र अहमदाबाद में बैंक मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं।
समय रहते पुलिस की सतर्कता नहीं होती तो बुजुर्ग कहीं दूर निकल सकते थे या किसी वाहन में बैठकर शहर से बाहर चले जाने की आशंका भी थी, जिससे स्थिति गंभीर हो सकती थी। सागर पुलिस की सक्रियता और संवेदनशीलता से यह संभावित खतरा टल गया।
सराहनीय योगदान
इस महत्वपूर्ण कार्य में थाना प्रभारी मोतीनगर जसवंत सिंह राजपूत उपनिरीक्षक आर.के.एस. चौहान (कंट्रोल रूम सागर), प्रधान आरक्षक 286 प्रदीप गोस्वामी प्रधान आरक्षक महेंद्र (थाना मोतीनगर) एवं नगर रक्षा समिति सदस्य गौरव सेन की विशेष रूप से सराहनीय भूमिका रही, जिनकी तत्परता और सजगता से बुजुर्ग को सुरक्षित खोजा जा सका।
सागर पुलिस आमजन की सुरक्षा और सहायता के लिए सदैव तत्पर है तथा किसी भी आपात स्थिति में नागरिक डायल-112 के माध्यम से तत्काल सहायता प्राप्त कर सकते हैं।











