
मातृ, शिशु मृत्यु दर रोकने हर संभव प्रयास करें
गर्भवती माताओं, हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं (HRPW) की करें विशेष निगरानी
गर्भवती माताओं का पंजीयन एवं सभी जांचें समय पर करें
कार्य में प्रगति न लाने वाले अधिकारी कर्मचारियों पर होगी कठोर कार्यवाही
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने की स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा
जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में दिए कड़े एवं महत्वपूर्ण निर्देश
सागर 17 अप्रैल 2026
मातृ—शिशु मृत्यु दर रोकने हर संभव प्रयास करें, गर्भवती माताओं, हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं (HRPW) की विशेष निगरानी करे एवं गर्भवती माता का पंजीयन एवं सभी जांचें भी समय पर करें। कार्य में प्रगति न लाने वाले अधिकारी कर्मचारियों पर कठोर कार्यवाही की जाएगी। उक्त निर्देश कलेक्टर प्रतिभा पाल ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विवेक के वी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर आर्य, सिविल सर्जन डॉक्टर आर एस जयंत सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी कर्मचारी मौजूद थे।
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिले में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं एवं विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। कलेक्टर ने मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को शून्य पर लाने के लक्ष्य के साथ निर्देश दिए कि इनकी स्पेशल ट्रैकिंग करते हुए जितनी भी हाई रिस्क गर्भवती महिलाएं (High-Risk Pregnant Women) चिन्हित की गईं हैं, उनकी सूची बीएमओ (BMO) के पास अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। ऐसी महिलाओं की एएनएम और आशा कार्यकर्ता विशेष निगरानी करें। किसी भी आपात स्थिति में उन्हें बिना देरी के उच्च स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया जाए। उन्होंने कहा कि सभी गर्भवती महिलाओं का एएनसी (ANC) समय पर किया जाए, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार सुनिश्चित हो सके। साथ ही उन्होंने किशोरी बालिकाओं को स्वास्थ्य, पोषण एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि कार्य में प्रगति न लाने वाले अधिकारी कर्मचारियों पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों एवं स्टाफ की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। बैठक में आयुष्मान भारत योजना, टीकाकरण, संस्थागत प्रसव तथा मौसमी बीमारियों की रोकथाम को लेकर भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि आम नागरिकों को समय पर, गुणवत्तापूर्ण और संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक उपकरण, दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता, साफ-सफाई तथा मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने के निर्देश दिए। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले के प्रत्येक व्यक्ति की ‘आभा आईडी’ बनाई जाए। इससे मरीज का पूरा मेडिकल इतिहास (पुरानी बीमारियां, जांच रिपोर्ट, दवाएं) डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगा। मरीज को भारी-भरकम फाइलें लेकर घूमने की जरूरत नहीं होगी। वहीं दूसरी ओर डॉक्टर को इलाज करने में आसानी होगी। इससे स्क्रीनिंग में भी मदद मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी को भी निर्देशित किया कि वे हर बच्चे की आभा आईडी बनना सुनिश्चित करेंगे।
कलेक्टर प्रतिभा पाल द्वारा निर्देश दिये गये कि सेक्टरवार कार्य किया जाये। पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड बनाये जायें। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिये माता एवं शिशु को प्रदाय की जा रही सेवाओं की गहन समीक्षा एवं मातृ एवं शिशु मृत्यु रोकने पर विशेष ध्यान दिया जाये। गर्भवती महिलाओं के प्रथम एएनसी पंजीयन से लेकर समस्त चार जोंचें एवं उच्च जोखिम पूर्ण महिलाओं की लगातार फालोअप करते हुये सुरक्षित प्रसव कराने के निर्देश दिये गये। सही तरीके से कार्य न करने वाले कर्मचारियों पर कार्यवाही करने के निर्देश भी दिये गये। महिला एवं बाल विकास अधिकारी को सभी एनआरसी में शत प्रतिशत बेड ऑक्यूपेंसी रखने के सख्त निर्देश दिये गये। शिशु टीकाकरण ड्यू लिस्ट अनुसार शत प्रतिशत करने के निर्देश दिये गये जिससे ओवर ड्यू न हो सके। 20 अप्रैल 2026 तक एचपीव्ही वैक्सीनेशन पूर्ण करने के निर्देश दिये गये। टी.बी. कार्यक्रम के अंतर्गत नि:क्षय मित्र बनाकर पोषण किट बनाकर जनप्रतिनिधियों के माध्यम से पोषण किट बांटने के निर्देश दिये गये।
एनसीडी कार्यक्रम अंतर्गत गैर संचारी रोगों की समय पर पहचान, बचाव एवं स्वस्थ जीवनशैली की सलाह एवं उपचार हेतु निर्देश दिये गये।
जिला स्वास्थ्य समिति सागर की बैठक में जिला स्वास्थ्य अधिकारी, जिला टीकाकरण अधिकारी, नोडल अधिकारी शहरी टीकाकरण, जिला शिक्षा अधिकारी, महिला एवं बाल विकास अधिकारी, जिला मलेरिया अधिकारी, जिला क्षय अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला लेखा प्रबंधक, एम.एण्ड.ई.ओ. डी.सी.एम., ए.पी.एम., पी.एच.एम. एन.एच. एम. एवं समस्त मुख्य/खंड चिकित्सा अधिकारी, मेडीकल ऑफीसर बी.पी.एम./बी.सी.एम./बी.ई.ई. /सीएचओ/एएनएम/आशा कार्यकर्ता उपस्थित हुये।











