पेयजल आपूर्ति को लेकर कलेक्टर सख्त, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

पेयजल आपूर्ति को लेकर कलेक्टर सख्त, लापरवाही पर होगी कार्रवाई
बकाया बिजली बिल के कारण नहीं रुकेगी नल-जल योजना
खराब मोटर 24 घंटे में ठीक करने के निर्देश, मैकेनिकल वाहनों का बनेगा 10 दिवसीय रोस्टर
सागर। जिले में गर्मी के मौसम के दौरान सुचारू पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर  प्रतिभा पाल ने महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पेयजल आपूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और अब पेयजल संबंधी मामलों की दैनिक समीक्षा की जाएगी।
बैठक में सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों एवं पेयजल संकट से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कार्यपालन यंत्री पीएचई सागर को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी जनपद सीईओ को मैदानी स्तर पर सक्रिय रहने के लिए कहा गया।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में बोरवेल या नल-जल योजनाओं की मोटर जलने अथवा खराब होने की शिकायत मिलने पर उसे तत्काल सुधारा जाए। जनपद सीईओ यह सुनिश्चित करेंगे कि बंद पड़े बोरवेल की मोटर 24 घंटे के भीतर ठीक या बदली जाए तथा किसी भी नल-जल योजना की खराबी 48 घंटे से अधिक लंबित न रहे।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिले की कोई भी नल-जल योजना बिजली बिल के अभाव में बंद नहीं होनी चाहिए। सभी ग्राम पंचायतों को समय पर बिजली बिल जमा करने के निर्देश दिए गए ताकि जलापूर्ति बाधित न हो।
पेयजल व्यवस्था की निगरानी के लिए कलेक्टर ने मैकेनिकल विभाग को अगले 10 दिनों का रूट-वाइज रोस्टर तैयार करने के निर्देश दिए। यह रोस्टर वरिष्ठ अधिकारियों की स्वीकृति के बाद तत्काल लागू किया जाएगा ताकि तकनीकी अमला लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहकर शिकायतों का त्वरित निराकरण कर सके।
जल स्रोतों की गुणवत्ता जांच अनिवार्य
बैठक में पेयजल की गुणवत्ता को लेकर भी विशेष निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि जिन जल स्रोतों से ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति की जा रही है, वहां नियमित रूप से पानी की गुणवत्ता की जांच अनिवार्य रूप से की जाए ताकि लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सके।
नल-जल योजनाओं एवं जल निगम के कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जहां पानी की आपूर्ति सही तरीके से नहीं हो रही है, वहां जल निगम और पीएचई की संयुक्त टीम मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करे। यदि जल स्रोत की कमी या तकनीकी खराबी के कारण योजना बंद है तो उसकी तत्काल रिपोर्ट तैयार कर वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर ने चेतावनी दी कि यदि आम जनता को पानी के लिए परेशान होना पड़ा तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  विवेक केवी, नगर निगम आयुक्त  राजकुमार खत्री, सिटी मजिस्ट्रेट गगन बिसेन सहित सभी जनपद सीईओ, सीएमओ, पीएचई और जल निगम के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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