सागर के पिछड़ा वर्ग छात्रावास की बदहाल व्यवस्थाएं उजागर, गंदगी, पानी और शौचालय की समस्या से जूझ रहे छात्र

सागर के पिछड़ा वर्ग छात्रावास की बदहाल व्यवस्थाएं उजागर, गंदगी, पानी और शौचालय की समस्या से जूझ रहे छात्र
सागर। पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए संचालित शासकीय संभागीय बालक पोस्ट मैट्रिक छात्रावास की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। एक ओर सरकार छात्रावासों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे करती है, वहीं सागर के तिली क्षेत्र स्थित छात्रावास की स्थिति इन दावों की हकीकत बयां करती नजर आ रही है।
स्थानीय स्तर पर किए गए निरीक्षण में छात्रावास परिसर में व्यापक अव्यवस्थाएं सामने आईं। मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर विद्यार्थियों के कमरों के आसपास तक जगह-जगह कचरा फैला हुआ मिला। परिसर में साफ-सफाई का अभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया, जिससे छात्रों को असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।

छात्रावास के बाथरूम और शौचालयों की स्थिति सबसे अधिक खराब पाई गई। कई शौचालयों के दरवाजे टूटे हुए हैं, जबकि दो शौचालय बंद मिले। छात्रों का कहना है कि बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के लिए मात्र एक शौचालय उपयोग में है, जिससे उन्हें भारी परेशानी होती है। शौचालयों से आने वाली दुर्गंध भी गंभीर स्वच्छता संबंधी सवाल खड़े करती है।
पेयजल व्यवस्था पर भी सवाल
छात्रावास में पानी की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली। छत पर रखी एक पानी की टंकी क्षतिग्रस्त अवस्था में दिखाई दी, जबकि अन्य टंकियों में पानी की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को स्वच्छ पेयजल और दैनिक उपयोग के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होना चुनौतीपूर्ण बन गया है।
खेल सुविधाएं भी उपेक्षित
छात्रों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए जरूरी खेल सुविधाओं की स्थिति भी निराशाजनक है। छात्रावास का खेल मैदान बदहाल मिला, जबकि विद्यार्थियों के लिए निर्मित इंडोर मनोरंजन एवं गतिविधि कक्ष पर ताला लटका हुआ था। छात्रों ने बताया कि यह कक्ष अधिकांश समय बंद रहता है, जिससे वे उपलब्ध सुविधाओं का लाभ नहीं ले पाते।
अधीक्षक नहीं मिले मौजूद
निरीक्षण के दौरान छात्रावास अधीक्षक मोहित चौबे परिसर में मौजूद नहीं मिले। उनसे संपर्क किए जाने पर उन्होंने बताया कि वे मौके पर नहीं हैं। छात्रों के अनुसार उनके पास इस छात्रावास के अलावा जैसीनगर और एक अन्य छात्रावास का भी प्रभार है। एक ही अधिकारी के पास तीन छात्रावासों की जिम्मेदारी होने से व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी और संचालन पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
सुधार की जरूरत
सरकार द्वारा छात्रावासों में विद्यार्थियों को बेहतर आवास, स्वच्छ वातावरण और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जाती हैं। लेकिन सागर के इस छात्रावास की मौजूदा स्थिति बताती है कि इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता है। विद्यार्थियों और अभिभावकों की अपेक्षा है कि संबंधित विभाग और प्रशासन जल्द संज्ञान लेकर व्यवस्थाओं में सुधार सुनिश्चित करे, ताकि छात्रों को सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण मिल सके।

Leave a Comment

Read More