योग से विश्वगुरु भारत की ओर : मोदी युग के 12 वर्षों की उपलब्धियों के बीच नरयावली में जागी स्वास्थ्य और चेतना की नई अलख

योग से विश्वगुरु भारत की ओर : मोदी युग के 12 वर्षों की उपलब्धियों के बीच नरयावली में जागी स्वास्थ्य और चेतना की नई अलख

(विश्व योग दिवस के उपलक्ष्य में विधायक प्रदीप लारिया की अभिनव पहल, राजाखेड़ी बजरिया बना स्वास्थ्य, साधना और जनजागरण का केंद्र)

सागर। भारत की सनातन ज्ञान परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर तथा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर नरयावली विधायक इंजीनियर प्रदीप लारिया द्वारा राजाखेड़ी बजरिया में दो दिवसीय योग प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। यह आयोजन केवल एक स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना, आत्मबल और स्वस्थ राष्ट्र निर्माण के संकल्प का जीवंत प्रतीक बनकर उभरा।

प्रातःकालीन बेला में जब प्रकृति की शीतलता और सूर्य की प्रथम किरणों ने वातावरण को आलोकित किया, तब बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों ने योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन, सकारात्मक चिंतन और आत्मानुशासन का संदेश ग्रहण किया। पूरे परिसर में योग, प्राणायाम और ध्यान के माध्यम से एक ऐसा वातावरण निर्मित हुआ जिसने उपस्थित जनसमुदाय को भारतीय ज्ञान परंपरा की महानता का अनुभव कराया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सतत प्रयासों से आज योग भारत की सीमाओं से निकलकर विश्व मानवता के कल्याण का माध्यम बन चुका है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दिए जाने के बाद योग विश्व के करोड़ों लोगों की जीवनशैली का हिस्सा बना है। भारत की यह प्राचीन साधना आज वैश्विक स्वास्थ्य आंदोलन का स्वरूप ग्रहण कर चुकी है।

विधायक इंजीनियर प्रदीप लारिया ने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का साधन नहीं, बल्कि मन, बुद्धि और आत्मा को संतुलित करने की जीवन पद्धति है। योग व्यक्ति को आत्मविश्वास, संयम, ऊर्जा और सकारात्मक दृष्टिकोण प्रदान करता है। जब समाज योगमय होता है, तब परिवार सशक्त होते हैं, संस्कार समृद्ध होते हैं और राष्ट्र प्रगति के नए आयाम स्थापित करता है।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण का आधार स्वस्थ नागरिक हैं और योग इस दिशा में सबसे प्रभावी माध्यम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जिस प्रकार भारत ने अपनी सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित किया है, योग उसका सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है। आज प्रत्येक भारतीय का दायित्व है कि वह योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाए और स्वस्थ, जागरूक एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान दे।

शिविर में सहभागी नागरिकों ने योग को नियमित दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प लिया। उपस्थित जनसमुदाय ने अनुभव किया कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन को उत्कृष्टता, संतुलन और सफलता की ओर ले जाने वाला मार्ग है।

राजाखेड़ी बजरिया में आयोजित यह योग प्रशिक्षण शिविर स्वास्थ्य जागरण, सामाजिक चेतना और राष्ट्र निर्माण के त्रिवेणी संगम के रूप में स्मरणीय बन गया। यह आयोजन इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि “योग केवल आसन नहीं, बल्कि आत्मा से परमात्मा, व्यक्ति से समाज और समाज से राष्ट्र को जोड़ने वाली भारतीय संस्कृति की अमर साधना है।”

इस अवसर पर नपाध्यक्ष मिहीलाल, सीएमओ पवन शर्मा, प्रशिक्षक डॉ. नितिन कोरपाल, बलवंत ठाकुर, विवेक सक्सेना,नर्रू ठाकुर, बंटी राठौर, गोकुल ठाकुर, केदार शर्मा, भागीरथ अहिरवार, भगवानदास मासाब,सत्यम देवलिया, रतिराम ठेकेदार, जे.एन. दुबे, रेखा वर्मा सहित बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।

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