
भैरिया गांव में सीसी सड़क निर्माण पर भ्रष्टाचार के आरोप, ग्रामीणों ने मांगी तकनीकी जांच
गुणवत्ता पर उठे सवाल, मानकों की अनदेखी का आरोप
सरपंच-सचिव पर निम्न गुणवत्ता की सामग्री उपयोग करने के लगे आरोप
देवरी। सागर जिले की जनपद पंचायत देवरी अंतर्गत ग्राम पंचायत रायखेड़ा के भैरिया गांव में निर्माणाधीन सीसी सड़क कार्य को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मुख्य सड़क से विनोद गौड़ के घर तक बनाई जा रही सीसी सड़क निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं बनाई जा रही है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार लगभग 100 मीटर लंबी सड़क में निर्धारित मोटाई नहीं रखी जा रही है तथा निर्माण कार्य में मानक सामग्री के स्थान पर पेबर डस्ट और कम गुणवत्ता वाली सीमेंट का उपयोग किया जा रहा है। साथ ही सड़क निर्माण से पहले बेस में डाली जाने वाली पॉलिथीन शीट का भी उपयोग नहीं किया गया, जिससे सड़क की मजबूती और टिकाऊपन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत स्तर पर निर्माण कार्य में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। सड़क निर्माण से संबंधित स्वीकृत एस्टीमेट, तकनीकी स्वीकृति (टीएस), लंबाई, चौड़ाई एवं मोटाई जैसी जानकारियां सार्वजनिक नहीं की जा रही हैं। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि जनपद पंचायत के इंजीनियर की देखरेख में निर्माण कार्य होना चाहिए, लेकिन सड़क निर्माण शुरू होने के बाद से अब तक संबंधित इंजीनियर मौके पर निरीक्षण के लिए नहीं पहुंचे हैं। ऐसे में कार्य की गुणवत्ता को लेकर संदेह और गहरा गया है।
गांव के निवासी आदर्श गौड़ ने बताया कि सड़क निर्माण में रेत का पर्याप्त उपयोग नहीं किया जा रहा है तथा काली डस्ट और सस्ती सीमेंट का प्रयोग किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क की मोटाई भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है, जिसके कारण सड़क जल्द ही क्षतिग्रस्त हो सकती है। उन्होंने ग्राम पंचायत में हुए अन्य निर्माण कार्यों की भी निष्पक्ष जांच की मांग की।
ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों के संबंध में जब ग्राम पंचायत सचिव दीपक खटीक से जानकारी ली गई तो उन्होंने सड़क निर्माण की लागत और स्वीकृत एस्टीमेट की जानकारी तत्काल उपलब्ध नहीं होने की बात कही तथा बाद में जानकारी देने का आश्वासन दिया। वहीं ग्राम पंचायत सरपंच से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
ग्रामीणों ने जनपद पंचायत देवरी, जिला पंचायत सागर एवं जिला प्रशासन से मांग की है कि निर्माणाधीन सड़क की तकनीकी जांच कराई जाए तथा यदि अनियमितताएं और गुणवत्ता संबंधी आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि शासन ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रहा है, लेकिन यदि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं की गई तो जनता को योजनाओं का वास्तविक लाभ नहीं मिल पाएगा। अब पूरे मामले में प्रशासन की कार्रवाई पर ग्रामीणों की नजर टिकी हुई है।











