कलेक्टर ने की स्वास्थ्य विभाग की साप्ताहिक समीक्षा, एक भी नई एएनसी छूटने पर जताई सख्ती

कलेक्टर ने की स्वास्थ्य विभाग की साप्ताहिक समीक्षा, एक भी नई एएनसी छूटने पर जताई सख्ती

हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान में कोई सेक्टर औसत से नीचे न रहे

सीएमएचओ को साप्ताहिक रिव्यू करने, लक्ष्य से पिछड़ों को नोटिसदेकर कार्रवाई करने के निर्देश

सागर 19 अगस्त 2026

कलेक्टर  प्रतिभा पाल ने स्वास्थ्य विभाग की साप्ताहिक समीक्षा बैठक ली, जिसमें उन्होंने जिले में संचालित स्वास्थ्य गतिविधियों के विभिन्न बिंदुओं पर बारीकी से समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी गर्भवती महिला की नई एएनसी (प्रसव पूर्व जांच) किसी भी सूरत में न छूटे और मासिक लक्ष्यों पर पूरा फोकस रखा जाए।

बैठक में कलेक्टर ने सेक्टर वाइज एक्सपेक्टेड प्रेग्नेंट वुमन के आंकड़ों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देशित किया कि जो सेक्टर आनुपातिक लक्ष्य से कम प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें नोटिस देकर जवाब मांगा जाए।

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि हाई रिस्क प्रेग्नेंट वुमन की पहचान में कोई भी सेक्टर जिले के औसत से नीचे न रहे। साथ ही गंभीर एनीमिया ( रक्ताल्पता) के प्रकरणों की पहचान एवं उनके प्रबंधन पर विशेष जोर दिया। इसी प्रकार पीआईएच (प्रेगनेंसी इंड्यूस्ड हाइपरटेंशन) के प्रकरणों की भी गंभीरता से समीक्षा कर उचित प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बच्चों के टीकाकरण की ड्यू व ओवरड्यू सूची करें शून्य, नियमित लगे टीका

कलेक्टर ने स्वास्थ्य अमले को निर्देशित किया कि बच्चों के टीकाकरण की ओवरड्यू एवं ड्यू सूची को शून्य अथवा न्यूनतम स्तर पर लाया जाए। समय पर टीकाकरण शिशु सुरक्षा और वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही एचबीएनसी (होम बेस्ड न्यूबॉर्न केयर) गतिविधियों को भी प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने के निर्देश दिए।

बॉटम 25 एएनएम व 5 सीएचओ होंगे चिन्हित

कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से साप्ताहिक बैठक आयोजित करें, जिसमें तय पैरामीटर के आधार पर सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाली 25 एएनएम तथा 5 सीएचओ (कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर) को चिन्हित किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे कर्मचारियों से वन-टू-वन चर्चा कर कमजोर प्रदर्शन के कारणों की जानकारी ली जाए, ताकि समय रहते सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।

बैठक में कलेक्टर ने बर्थ मैपिंग के तहत टैगिंग कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि बर्थ मैपिंग व टैगिंग की शुरुआत प्रत्येक उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिला के लिए आवश्यक है। पहचान-प्रबंधन के अंतर को शून्य करते हुए सही समय पर सही इंटरवेंशन के साथ कार्य करें जिससे जोखिम को कम करते हुए मातृ और शिशु स्वास्थ्य बेहतर किया जा सके।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रकरणों की पहचान (आइडेंटिफिकेशन) और उनके प्रबंधन (मैनेजमेंट) के बीच के अंतर को पूरी तरह शून्य किया जाए, ताकि चिन्हित हर प्रकरण पर वास्तविक रूप से समुचित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

कलेक्टर  प्रतिभा पाल ने बैठक में सभी बिंदुओं की गंभीरता से समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध रूप से लक्ष्य पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विवेक के वी सहित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ देवेश पटेरिया, डॉ अचला जैन, डॉ आशीष जैन उपस्थित रहे।

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