
ब्रह्माकुमारी बहनों ने बांधा परमात्म रक्षासूत्र, पवित्रता और आत्मसंयम का दिया संदेश
सागर, 25 अगस्त 2026। रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में केन्द्रीय जेल सागर में परमात्म रक्षासूत्र कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी बहनों ने जेल में निरुद्ध 900 से अधिक बंदियों को रक्षासूत्र बांधकर पवित्रता, आत्मसंयम और सकारात्मक जीवन जीने का संकल्प दिलाया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जेल डीआईजी श्री एम.आर. पटेल ने कहा कि परिस्थितियां चाहे कैसी भी हों, मनुष्य के भीतर परिवर्तन की संभावना हमेशा बनी रहती है। बीते हुए समय को बदला नहीं जा सकता, लेकिन वर्तमान में श्रेष्ठ संकल्प लेकर भविष्य को अवश्य बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि राजयोग के माध्यम से मन को शांत और शक्तिशाली बनाकर जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।
जेल अधीक्षक रमेशचंद्र आर्य ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को यह संकल्प लेना चाहिए कि वह गलत रास्ते पर नहीं चलेगा तथा अपने व्यवहार और कर्मों से परिवार एवं समाज के लिए सकारात्मक उदाहरण बनेगा।
सागर क्षेत्र की संचालिका बीके छाया बहिन ने रक्षाबंधन के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व केवल भाई-बहन के रिश्ते तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वयं को बुराइयों और नकारात्मक विचारों से बचाने का भी संदेश देता है।
वहीं ब्रह्माकुमारी खुशबू बहिन ने महिला बंदियों को संबोधित करते हुए कहा कि रक्षाबंधन में हम अपनी रक्षा की कामना करते हैं, लेकिन आज रक्षा की आवश्यकता केवल नारी को ही नहीं, बल्कि हर व्यक्ति को है। यह रक्षा बुराइयों और नकारात्मकता से होनी चाहिए। उन्होंने पवित्रता के बल को बढ़ाने और स्वयं के साथ दूसरों की भी रक्षा करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान उपअधीक्षक मनोज मिश्रा, सहायक जेल अधीक्षक गीता राठौड़, सहायक जेल अधीक्षक सौरभ सिंह, जेल शिक्षिका गीता रायकवार सहित ब्रह्माकुमारीज से बीके छाया बहिन, बीके पार्वती बहिन, बीके कामिनी बहिन और बीके सुनील भाई उपस्थित रहे।











