
सागर, 7 सितंबर 2026। बंडा क्षेत्र में हुई दुखद घटना को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि घटना के किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मामले की बारीकी और गंभीरता से जांच की जा रही है तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की जा चुकी है।
प्रकरण में आबकारी अधिनियम की धारा 49-क के तहत 30 आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर प्रभावशाली व्यक्ति होने के बावजूद दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख की सहायता
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से चर्चा के बाद राज्य सरकार ने घटना में मृत व्यक्तियों के आश्रित परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है।
मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
घटना की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच के लिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी किए गए हैं। इसके अलावा अन्य प्रशासनिक स्तरों पर भी जांच जारी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
बीएमसी पहुंचकर मरीजों का जाना हाल
उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी), सागर पहुंचकर उपचाराधीन मरीजों से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने डॉक्टरों एवं जिला प्रशासन को प्रभावित मरीजों का नि:शुल्क एवं शत-प्रतिशत समुचित इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस दौरान सागर सांसद लता वानखेड़े, सागर विधायक शैलेंद्र जैन, नरयावली विधायक प्रदीप लारिया, बंडा विधायक वीरेन्द्र सिंह, श्याम तिवारी, रानी कुशवाहा, डीआईजी एस.एस. चौहान, कलेक्टर प्रतिभा पाल, पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया, नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री, प्रभारी डीन डॉ. गंगवानी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं चिकित्सक मौजूद रहे।










