संपूर्ण पंचांग दैनिक राशिफल महर्षि पाराशर पंचांग  अथ पंचांगम् ll जय श्री राधे ll दिनांक 10/08/2024 शनिवार

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|| जय श्री राधे ||
???????? महर्षि पाराशर पंचांग ????????
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ll जय श्री राधे ll
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दिनांक:- 10/08/2024, शनिवार
षष्ठी, शुक्ल पक्ष,
श्रावण
“”””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि————- षष्ठी 29:44:29 तक
पक्ष————————- शुक्ल
नक्षत्र———— चित्रा 29:47:40
योग———— साध्य 14:50:25
करण———- कौलव 16:30:42
करण———– तैतुल 29:44:29
वार———————– शनिवार
माह———————– श्रावण
चन्द्र राशि——- कन्या16:17:08
चन्द्र राशि—————— तुला
सूर्य राशि—————— कर्क
रितु————————– वर्षा
आयन—————– दक्षिणायण
संवत्सर———————- क्रोधी
संवत्सर (उत्तर) —————कालयुक्त
विक्रम संवत—————- 2081
गुजराती संवत————– 2080
शक संवत——————-1946
कलि संवत—————– 5125

वृन्दावन
सूर्योदय————— 05:48:36
सूर्यास्त—————- 19:00:01
दिन काल————- 13:11:24
रात्री काल————- 10:49:06
चंद्रोदय—————- 10:39:54
चंद्रास्त—————- 22:13:07

लग्न—- कर्क 23°41′ , 113°41′

सूर्य नक्षत्र————— आश्लेषा
चन्द्र नक्षत्र——————- चित्रा
नक्षत्र पाया——————- रजत

???????????? पद, चरण ????????????

पे—- चित्रा 09:30:31

पो—- चित्रा 16:17:08

रा—- चित्रा 23:02:55

री—- चित्रा 29:47:40

???????????? ग्रह गोचर ????????????

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद

सूर्य= कर्क 23°05, अश्लेषा 3 डे
चन्द्र= कन्या 24°30 , चित्रा 1 पे
बुध =सिंह 08°53′ मघा 3 मू
शु क्र= सिंह 11°05, मघा ‘ 4 मे
मंगल=वृषभ 19°30 ‘ रोहिणी’ 3 वी
गुरु=वृषभ 21°30 रोहिणी , 4 वु
शनि=कुम्भ 24°10 ‘ पू o भा o ,2 सो
राहू=(व) मीन 15°00 उo भा o, 4 ञ
केतु= (व)कन्या 15°00 हस्त 2 ष

???????????? शुभा$शुभ मुहूर्त ????????????

राहू काल 09:06 – 10:45 अशुभ
यम घंटा 14:03 – 15:42 अशुभ
गुली काल 05:49 – 07:28 अशुभ
अभिजित 11:58 – 12:51 शुभ
दूर मुहूर्त 07:34 – 08:27 अशुभ
वर्ज्यम 11:46 – 13:35 अशुभ
प्रदोष 19:00 – 21:11. शुभ

????चोघडिया, दिन
काल 05:49 – 07:28 अशुभ
शुभ 07:28 – 09:06 शुभ
रोग 09:06 – 10:45 अशुभ
उद्वेग 10:45 – 12:24 अशुभ
चर 12:24 – 14:03 शुभ
लाभ 14:03 – 15:42 शुभ
अमृत 15:42 – 17:21 शुभ
काल 17:21 – 19:00 अशुभ

????चोघडिया, रात
लाभ 19:00 – 20:21 शुभ
उद्वेग 20:21 – 21:42 अशुभ
शुभ 21:42 – 23:03 शुभ
अमृत 23:03 – 24:25* शुभ
चर 24:25* – 25:46* शुभ
रोग 25:46* – 27:07* अशुभ
काल 27:07* – 28:28* अशुभ
लाभ 28:28* – 29:49* शुभ

????होरा, दिन
शनि 05:49 – 06:55
बृहस्पति 06:55 – 08:01
मंगल 08:01 – 09:06
सूर्य 09:06 – 10:12
शुक्र 10:12 – 11:18
बुध 11:18 – 12:24
चन्द्र 12:24 – 13:30
शनि 13:30 – 14:36
बृहस्पति 14:36 – 15:42
मंगल 15:42 – 16:48
सूर्य 16:48 – 17:54
शुक्र 17:54 – 19:00

????होरा, रात
बुध 19:00 – 19:54
चन्द्र 19:54 – 20:48
शनि 20:48 – 21:42
बृहस्पति 21:42 – 22:36
मंगल 22:36 – 23:30
सूर्य 23:30 – 24:25
शुक्र 24:25* – 25:19
बुध 25:19* – 26:13
चन्द्र 26:13* – 27:07
शनि 27:07* – 28:01
बृहस्पति 28:01* – 28:55
मंगल 28:55* – 29:49

???? उदयलग्न प्रवेशकाल ????

कर्क > 03:10 से 05:30 तक
सिंह > 05:30 से 07:40 तक
कन्या > 07:40 से 09:50 तक
तुला > 09:50 से 12: 06 तक
वृश्चिक > 12:06 से 14:24 तक
धनु > 14:24 से 16:30 तक
मकर > 16:30 से 18:22 तक
कुम्भ > 18:22 से 19:50 तक
मीन > 19:50 से 21:18 तक
मेष > 21:18 से 22:54 तक
वृषभ > 22:54 से 01:00 तक
मिथुन > 01:00 से 03:08 तक

????विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार (लगभग-वास्तविक समय के समीप)

दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

????दिशा शूल ज्ञान————-पूर्व
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो लौंग अथवा कालीमिर्च खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

???? अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

6 + 7 + 1 = 14 ÷ 4 = 2 शेष
आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

???????? ग्रह मुख आहुति ज्ञान ????????

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

बुध ग्रह मुखहुति

???? शिव वास एवं फल -:

6 + 6 + 5 = 17 ÷ 7 = 3 शेष

वृषभारूढ़ = शुभ कारक

????भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

???????? विशेष जानकारी ????????

*सर्वार्थ सिद्धि योग 29:48 से

*द्वितीय शनिवार

*अश्वत्थ मारुति पूजन

*श्रियाल छठ

???????????? शुभ विचार ????????????

प्रारर्द्यूतप्रसंगेन मध्यान्हे स्त्रीप्रसंगतः ।
रात्रौ चौरप्रसंगेन कालो गच्छति धीमताम् ।।
।। चा o नी o।।

सुबह उठकर दिन भर जो दाव आप लगाने वाले है उसके बारे में सोचे. दोपहर को अपनी माँ को याद करे. रात को चोरो को ना भूले.

???????????? सुभाषितानि ????????????

गीता -: अक्षरब्रह्मयोग अo-08

नैते सृती पार्थ जानन्योगी मुह्यति कश्चन ।,
तस्मात्सर्वेषु कालेषु योगयुक्तो भवार्जुन ॥,

हे पार्थ! इस प्रकार इन दोनों मार्गों को तत्त्व से जानकर कोई भी योगी मोहित नहीं होता।, इस कारण हे अर्जुन! तू सब काल में समबुद्धि रूप से योग से युक्त हो अर्थात निरंतर मेरी प्राप्ति के लिए साधन करने वाला हो॥,27॥,

???????? दैनिक राशिफल ????????

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

????मेष
संपत्ति के कार्य लाभ देंगे। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। यात्रा व निवेश मनोनुकूल रहेंगे। कानूनी मामलों में लापरवाही न करें। सम्मान व कीर्ति में वृद्धि होगी। व्यापार में नए प्रस्तावों से लाभ मिलने के योग हैं।

????वृष
विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी। पारिवारिक जिम्मेदारी का पूर्ण ध्यान रखें। रचनात्मक कार्यों का प्रतिफल प्राप्त होगा। व्यापार में उन्नति होगी। कानूनी विवादों का निपटारा होगा।

????मिथुन
दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। मकान व जमीन संबंधी कार्य बनेंगे। संतान पर अनावश्यक रोक न लगाएँ। धन लाभ होने की भी संभावना है। सामाजिक कार्यों में सीमित रहें। बुरी खबर मिल सकती है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। दौड़धूप अधिक होगी।

????कर्क
मेहनत का फल मिलेगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। निवेश, यात्रा व नौकरी लाभ देंगे। अपने प्रयासों से उन्नति पथ प्रशस्त करेंगे। इच्छित काम पूर्ण हो सकेंगे। स्वास्थ्य की समस्या सुलझेगी। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी।

????सिंह
अतिथियों का आगमन होगा। उत्साहवर्धक सूचना मिलेगी। प्रसन्नता रहेगी। स्वाभिमान रहेगा। प्रमाद न करें। बुद्धि चातुर्य से कठिन कार्य भी आसानी से बनेंगे। वैवाहिक अड़चनें समाप्त होंगी। आय-व्यय में असंतुलन की स्थिति बन सकती है। विरोधी परास्त होंगे।

????‍♀️कन्या
यात्रा, निवेश व नौकरी मनोनुकूल रहेंगे। भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। भौतिक विकास के कार्यों को बल मिलेगा। भागीदारी के प्रस्ताव आएँगे। दिनचर्या नियमित रहेगी। रिश्तेदारों से भेंट हो सकेगी। दूसरों की आलोचना, निंदा से दूर रहें। फालतू खर्च होगा।

⚖️तुला
क्रोध पर नियंत्रण रखें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। दूसरों पर अतिविश्वास न करें। नई योजनाओं का सूत्रपात होगा। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। व्यावसायिक समस्याओं का हल आपके माध्यम से हो सकेगा। दूसरों से व्यर्थ में न उलझें।

????वृश्चिक
लेन-देन में सावधानी रखें। पुरानी लेनदारी वसूल होगी। यात्रा सफल रहेगी। प्रसन्नता रहेगी। प्रमाद न करें। नवीन वस्त्राभूषण की प्राप्ति होगी। व्यवहार-कुशलता से समस्या का समाधान संभव है। व्यापारिक निर्णय लेने में देरी नहीं करना चाहिए। लाभ होगा।

????धनु
योजना फलीभूत होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। प्रसन्नता रहेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। अधूरे पड़े कार्य पूरे होंगे। जीवनसाथी से संबंधों में मधुरता आएगी। प्रयास व सहयोग से अनुकूलता आएगी। पिता से व्यापार के विषय में मतभेद हो सकते हैं।

????मकर
धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। सत्संग का लाभ मिलेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रसन्नता रहेगी। प्रमाद न करें। नए प्रस्ताव प्राप्त होंगे। सुखद यात्रा के योग हैं। रचनात्मक काम होंगे। आलस्य को त्यागकर कार्यों को समय पर करने से सफलता प्राप्त हो सकती है।

????कुंभ
व्यापार लाभप्रद रहेगा। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। विवाद समाप्त होने से शांति एवं सुख बढ़ेगा। व्यापार अच्छा चलेगा। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। सोच-समझकर व्यय करें।

????मीन
प्रेम-प्रसंग में सफलता मिलेगी। कानूनी बाधा दूर होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रसन्नता रहेगी। परोपकारी स्वभाव होने से दूसरों की मदद कर पाएँगे। काम के प्रति लापरवाही न करें। प्रयत्न एवं दूरदर्शिता से सहयोग व समर्थन मिलेगा। लाभ होगा।

????आपका दिन मंगलमय हो????
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आचार्य नीरज पाराशर (वृन्दावन)
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)
09897565893,09412618599

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