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|| जय श्री राधे ||
???????? महर्षि पाराशर पंचांग ????????
???????????? अथ पंचांगम् ????????????
ll जय श्री राधे ll
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दिनांक :- 01/09/2024, रविवार
चतुर्दशी, कृष्ण पक्ष,
भाद्रपद
“”””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)
तिथि———- चतुर्दशी 29:21:05 तक
पक्ष————————- कृष्ण
नक्षत्र——– आश्लेषा 21:47:38
योग———— परिघ 17:48:38
करण——- विष्टि भद्र 16:27:39
करण———– शकुनी 29:21:05
वार———————— रविवार
माह———————- भाद्रपद
चन्द्र राशि——- कर्क 21:47:38
चन्द्र राशि——————- सिंह
सूर्य राशि——————- सिंह
रितु————————– शरद
आयन—————– दक्षिणायण
संवत्सर———————- क्रोधी
संवत्सर (उत्तर) ————–कालयुक्त
विक्रम संवत—————- 2081
गुजराती संवत————– 2080
शक संवत—————– 1946
कलि संवत—————– 5125
वृन्दावन
सूर्योदय————— 05:59:21
सूर्यास्त—————- 18:38:21
दिन काल————- 12:38:59
रात्री काल————- 11:21:27
चंद्रास्त—————- 17:56:01
चंद्रोदय—————- 29:04:48
लग्न—- सिंह 14°52′ , 134°52′
सूर्य नक्षत्र———— पूर्वा फाल्गुनी
चन्द्र नक्षत्र—————- आश्लेषा
नक्षत्र पाया——————- रजत
???????????? पद, चरण ????????????
डू—- आश्लेषा 08:40:08
डे—- आश्लेषा 15:13:09
डो—- आश्लेषा 21:47:38
मा—- मघा 28:23:31
???????????? ग्रह गोचर ????????????
ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
सूर्य= सिंह 14°05, पू oफाo 1 मो
चन्द्र= कर्क 21°30 , अश्लेषा 2 डू
बुध =कर्क(व०)27°53′ अश्लेषा 4 डो
शु क्र= कन्या 08°05, उ o फाo’ 4 पी
मंगल=मिथुन 03°30 ‘ मृगाशीर्षा’ 4 की
गुरु=वृषभ 24°30 मृगशिरा , 1 वे
शनि=कुम्भ 22°00 ‘ पू o भा o ,1 से
राहू=(व) मीन 13°50 उo भा o, 4 ञ
केतु= (व)कन्या 13°50 हस्त 2 ष
???????????? शुभा$शुभ मुहूर्त ????????????
राहू काल 17:03 – 18:38 अशुभ
यम घंटा 12:19 – 13:54 अशुभ
गुली काल 15:29 – 17: 03अशुभ
अभिजित 11:54 – 12:44 शुभ
दूर मुहूर्त 16:57 – 17:48 अशुभ
वर्ज्यम 09:32 – 11:17 अशुभ
प्रदोष 18:38 – 20:56 शुभ
????गंड मूल अहोरात्र अशुभ
????चोघडिया, दिन
उद्वेग 05:59 – 07:34 अशुभ
चर 07:34 – 09:09 शुभ
लाभ 09:09 – 10:44 शुभ
अमृत 10:44 – 12:19 शुभ
काल 12:19 – 13:54 अशुभ
शुभ 13:54 – 15:29 शुभ
रोग 15:29 – 17:03 अशुभ
उद्वेग 17:03 – 18:38 अशुभ
????चोघडिया, रात
शुभ 18:38 – 20:04 शुभ
अमृत 20:04 – 21:29 शुभ
चर 21:29 – 22:54 शुभ
रोग 22:54 – 24:19* अशुभ
काल 24:19* – 25:44* अशुभ
लाभ 25:44* – 27:09* शुभ
उद्वेग 27:09* – 28:35* अशुभ
शुभ 28:35* – 29:59* शुभ
????होरा, दिन
सूर्य 05:59 – 07:03
शुक्र 07:03 – 08:06
बुध 08:06 – 09:09
चन्द्र 09:09 – 10:12
शनि 10:12 – 11:16
बृहस्पति 11:16 – 12:19
मंगल 12:19 – 13:22
सूर्य 13:22 – 14:25
शुक्र 14:25 – 15:29
बुध 15:29 – 16:32
चन्द्र 16:32 – 17:35
शनि 17:35 – 18:38
????होरा, रात
बृहस्पति 18:38 – 19:35
मंगल 19:35 – 20:32
सूर्य 20:32 – 21:29
शुक्र 21:29 – 22:26
बुध 22:26 – 23:22
चन्द्र 23:22 – 24:19
शनि 24:19* – 25:16
बृहस्पति 25:16* – 26:13
मंगल 26:13* – 27:09
सूर्य 27:09* – 28:06
शुक्र 28:06* – 29:03
बुध 29:03* – 29:59
???? उदयलग्न प्रवेशकाल ????
सिंह > 03:54 से 06:16 तक
कन्या > 06:16 से 08:26 तक
तुला > 08:26 से 10: 38 तक
वृश्चिक > 10:38 से 13:00 तक
धनु > 13:00 से 15:06 तक
मकर > 15:06 से 17:58 तक
कुम्भ > 17:58 से 18:26 तक
मीन > 18:26 से 19:58 तक
मेष > 19:58 से 21:26 तक
वृषभ > 21:26 से 23:30 तक
मिथुन > 13:30 से 01:42 तक
कर्क > 01:42 से 03:58 तक
????विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार (लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट
नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।
????दिशा शूल ज्ञान————-पश्चिम
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा चिरौजी खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll
???? अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।
15 + 14 + 1 + 1 = 31 ÷ 4 = 3 शेष
मृत्यु लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l
???????? ग्रह मुख आहुति ज्ञान ????????
सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है
केतु ग्रह मुखहुति
???? शिव वास एवं फल -:
29 + 29 + 5 = 63 ÷ 7 = 0 शेष
शमशान वास = मृत्यु कारक
????भद्रा वास एवं फल -:
स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।
सांय 16:30 तक समाप्त
मृत्यु लोक = सर्वकार्य विनाशीनी
???????? विशेष जानकारी ????????
- मास शिवरात्रि
???????????? शुभ विचार ????????????
यस्यार्थास्तस्य मित्राणि यस्यर्थास्तस्य बांधवाः ।
यस्याथाः स पुमांल्लोके यस्यार्थाः सच पण्डितः ।।
।। चा o नी o।।
धनवान व्यक्ति के कई मित्र होते है. उसके कई सम्बन्धी भी होते है. धनवान को ही आदमी कहा जाता है और पैसेवालों को ही पंडित कह कर नवाजा जाता है.
???????????? सुभाषितानि ????????????
गीता -: राजविद्याराज ह्य योग अo-09
अनन्याश्चिन्तयन्तो मां ये जनाः पर्युपासते ।,
तेषां नित्याभियुक्तानां योगक्षेमं वहाम्यहम् ॥,
जो अनन्यप्रेमी भक्तजन मुझ परमेश्वर को निरंतर चिंतन करते हुए निष्कामभाव से भजते हैं, उन नित्य-निरंतर मेरा चिंतन करने वाले पुरुषों का योगक्षेम (भगवत्स्वरूप की प्राप्ति का नाम ‘योग’ है और भगवत्प्राप्ति के निमित्त किए हुए साधन की रक्षा का नाम ‘क्षेम’ है) मैं स्वयं प्राप्त कर देता हूँ॥,22॥,
???????? दैनिक राशिफल ????????
देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।
????मेष
प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। किसी वरिष्ठ व्यक्ति के सहयोग से कार्य की बाधा दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। परिवार के लोग अनुकूल व्यवहार करेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। नए लोगों से संपर्क होगा। आय में वृद्धि तथा आरोग्य रहेगा। चिंता में कमी होगी। जल्दबाजी न करें।
????वृष
किसी जानकार प्रबुद्ध व्यक्ति का सहयोग प्राप्त होने के योग हैं। तंत्र-मंत्र में रुचि रहेगी। किसी राजनयिक का सहयोग मिल सकता है। लाभ के दरवाजे खुलेंगे। चोट व दुर्घटना से बचें। व्यस्तता रहेगी। थकान व कमजोरी महसूस होगी। विवाद से बचें। धन प्राप्ति होगी। प्रमाद न करें।
????????मिथुन
स्वास्थ्य का ध्यान रखें। चोट व दुर्घटना से बचें। आय में कमी रह सकती है। घर-बाहर असहयोग व अशांति का वातावरण रहेगा। अपनी बात लोगों को समझा नहीं पाएंगे। ऐश्वर्य के साधनों पर बड़ा खर्च होगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। हितैषी सहयोग करेंगे। धनार्जन संभव है।
????कर्क
नई योजना लागू करने का श्रेष्ठ समय है। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। सामाजिक कार्य सफल रहेंगे। मान-सम्मान मिलेगा। कार्यसिद्धि होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। घर-बाहर प्रसन्नता का माहौल रहेगा। पारिवारिक सहयोग प्राप्त होगा। बड़ा कार्य करने का मन बनेगा। सफलता के साधन जुटेंगे। जोखिम न उठाएं।
????सिंह
स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। बनते कामों में विघ्न आएंगे। चिंता तथा तनाव रहेंगे। जीवनसाथी से सामंजस्य बैठाएं। फालतू खर्च होगा। कुसंगति से बचें। बेवजह लोगों से मनमुटाव हो सकता है। बेकार की बातों पर ध्यान न दें। आय में निश्चितता रहेगी। मित्रों का सहयोग मिलेगा। जल्दबाजी न करें।
????♀️कन्या
बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा मनोरंजक रहेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। नौकरी में सुकून रहेगा। जल्दबाजी में कोई आवश्यक वस्तु गुम हो सकती है। कानूनी अड़चन आ सकती है। विवाद न करें। व्यवसाय ठीक चलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता बनी रहेगी।
⚖️तुला
स्थायी संपत्ति के कार्य बड़ा लाभ दे सकते हैं। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। आय में वृद्धि तथा उन्नति मनोनुकूल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। पार्टनरों का सहयोग समय पर प्राप्त होगा। यात्रा की योजना बनेगी। घर-बाहर कुछ तनाव रहेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
????वृश्चिक
भूले-बिसरे साथी तथा आगंतुकों के स्वागत तथा सम्मान पर व्यय होगा। आत्मसम्मान बना रहेगा। उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। बड़ा काम करने का मन बनेगा। परिवार के सदस्यों की उन्नति के समाचार मिलेंगे। प्रसन्नता रहेगी। पारिवारिक सहयोग बना रहेगा। किसी व्यक्ति की बातों में न आएं, लाभ होगा।
????धनु
दु:खद सूचना मिल सकती है, धैर्य रखें। फालतू खर्च होगा। कुसंगति से बचें। बेकार की बातों पर ध्यान न दें। अपने काम पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें। चिंता तथा तनाव रहेंगे। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी। लाभ होगा।
????मकर
पार्टी व पिकनिक का कार्यक्रम बनेगा। स्वादिष्ट व्यंजनों का लाभ मिलेगा। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल रहेंगे। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। काम में मन लगेगा। शेयर मार्केट में लाभ रहेगा। नौकरी में सुविधाएं बढ़ सकती हैं। व्यस्तता के चलते स्वास्थ्य का ध्यान रखें। धन प्राप्ति सुगमता से होगी।
????कुंभ
घर-बाहर प्रसन्नतादायक वातावरण रहेगा। नौकरी में चैन महसूस होगा। व्यापार से संतुष्टि रहेगी। संतान की चिंता रहेगी। प्रतिद्वंद्वी तथा शत्रु हानि पहुंचा सकते हैं। मित्रों का सहयोग व मार्गदर्शन प्राप्त होगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। यात्रा की योजना बनेगी। प्रसन्नता रहेगी।
????मीन
यात्रा मनोनुकूल मनोरंजक तथा लाभप्रद रहेगी। भेंट व उपहार की प्राप्ति संभव है। व्यापार-व्यवसाय से मनोनुकूल लाभ होगा। घर-बाहर सफलता प्राप्त होगी। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। काम में लगन तथा उत्साह बने रहेंगे। मित्रों के साथ प्रसन्नतापूर्वक समय बीतेगा।
????आपका दिन मंगलमय हो????
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आचार्य नीरज पाराशर (वृन्दावन)
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)
09897565893,09412618599











