कलेक्टर के सामने 5 लाख रुपए रखकर कहा- खर्च जमा कर अवैध कॉलोनी पर कार्रवाई कीजिए

कलेक्टर के सामने 5 लाख रुपए रखकर कहा- खर्च जमा कर अवैध कॉलोनी पर कार्रवाई कीजिए

मंगलवार को जनसुनवाई में अवैध कॉलोनी बनाने, अवैध रूप से पहाड़ खोदने और सागौन के पेड़ काटने की शिकायत अाई। इस शिकायत में खास बात यह रही कि युवक 5 लाख रुपए नकद लेकर अाया। बताया कि तिली कनेरादेव सागर में पदस्थ पटवारी सूरज शर्मा व इसी क्षेत्र के रामकुमार घोषी की पार्टनरशिप में अवैध उत्खनन किया जा रहा है।

मुरुम बेची जा रही है। युवक ने जनसुनवाई में कलेक्टर की टेबल पर 5 लाख रुपए रखे, आवेदन दिया और कहा कि यदि मेरी शिकायत गलत निकले तो जांच के खर्च के रूप में यह 5 लाख रुपए सरकारी खजाने में जमा कर लिए जाएं। अफसरों ने तुरंत ही रुपए वापस उठाने कहा। आवेदन लेकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। कलेक्टर संदीप जीआर ने बताया कि जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

शिकायत करने वाले रवि जैन ने बताया कि तिली क्षेत्र में रौनक रेसीडेंसी नाम से अवैध कॉलोनी बनाई जा रही है। इसमें तिली कनेरादेव में पदस्थ पटवारी सूरज शर्मा और इसी क्षेत्र के रामकुमार घोषी की पार्टनरशिप है। कनेरादेव क्षेत्र में अवैध उत्खनन कर मुरम की खुदाई एवं सागौन के पेड़ों की कटाई और इनकी बिक्री की जा रही है। लगभग 10 एकड़ का पहाड़ काटा जा रहा है।

दोनों की पार्टनरशिप में रौनक रेसीडेंसी के नाम से अवैध 10 एकड़ की कालोनी का कवर्ड कैंपस बनाया जा रहा है। इसमें लगभग 300 प्लॉट का कैंपस बनाया गया है। इसकी बिक्री बाजार मूल्य में 1200 रुपए प्रति वर्गफीट से 1500 रुपए प्रति वर्गफीट में की जा रही है। लगभग कीमत तीस से पैंतीस करोड़ रुपए है।

रवि जैन ने कलेक्टर को दिए आवेदन में बताया कि आदिवासी समाज के लोगों की 10-15 एकड़ जमीन की खरीद बलपूर्वक कब्जा कर की गई है। दोनों की पार्टनरशिप में 20 हजार वर्गफीट का होटल बनाया जा रहा है। अनुमति नगर निगम या अन्य किसी भी विभाग से नहीं ली है। आरोप है कि दोनों साठ-गांठ कर गरीब किसानों से बलपूर्वक जमीन हड़पने का धंधा कर रहे हैं।

शिकायत झूठी तो व्यय के लिए 5 लाख जमा करें

शिकायत करने वाले युवक ने कहा कि पांच लाख रुपए साथ में अग्रिम रूप से लाए हैं। यह इसलिए जमा करने लाए ताकि कलेक्टर मामले की जांच कराएं। शिकायत की जांच किसी अनुविभागीय अधिकारी से कराई जाए। जांच में यदि शिकायत झूठी निकलती है तो शासन का जो भी व्यय होता है उसके भुगतान स्वरूप में पांच लाख रुपए नकद अग्रिम जमा कर लें।

पहले भी लगते रहे जमीनों की हेराफेरी के आरोप

जिले में विशेषकर सागर के आसपास पदस्थ पटवारियों पर पहले भी शहर के आसपास की जमीन की हेराफेरी के आरोप लगते रहे हैं। इन्हें राजनेताओं का भी संरक्षण प्राप्त है। यह राजनेताओं के इशारों पर जमीन के नंबर बदलकर हेराफेरी करते रहे हैं।

Leave a Comment

Read More