
नये विचारों और अवसरों की प्रणेता बने बेटियां: कैप्टन राणजीत सिंह राणा
रिपोर्टर : बिंदिया ठाकुर, सुजानपुर
डिस्ट्रिक्ट : हमीरपुर
बेटियां समाज और मानवता की अमूल्य धरोहर होती हैं। अपनी समावेशी सोच, चुनौतियों को स्वीकारने और चुनौतियों में नये अवसर तलाशने की अद्भुत कला से उन्होंने समाज एवं मानवता को सदैव जीवंत एवं गतिमान बनाए रखा है। उक्त विचार सुजानपुर के विधायक कैप्टन रणजीत सिंह राणा ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत डीपीओ हमीरपुर एवं सीडीपीओ सुजानपुर के सौजन्य से विकास खंड सुजानपुर की 22 पंचायतों एवं 1 नगर परिषद से विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाली 69 चैंपियन बेटियों के लिए सुजानपुर के चौगान में आयोजित प्रेरक संवाद एवं सम्मान समारोह में बेटियों एवं उनके अभिभावकों से रूबरू होते हुए कही। उन्होंने कहां कि सार्थक एवं सफल जीवन हेतु संतुलन, सेवा, सहयोग,समभाव, सद्भावना और सामंजस्य जैसे मानवीय मूल्यों की आवश्यकता रहती है और हमारी बेटियां इन मानवीय मूल्यों की प्रतिमूर्ति हैं। उन्होंने बेटियों को प्रेरित करते हुए उन्हें ग्रामीण विकास में सलाहकार, सहभागी व नये अवसरों का प्रणेता बनकर नए भारत के निर्माण का वाहक और नायक बनने का आह्वान किया। इससे पूर्व बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर ‘रन फॉर डॉटर’ नाम से आयोजित मिनी मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते हुए उन्होंने युवा प्रतिभागियों से स्वतंत्र एवं समावेशी सोच अपनाने, चुनौतियों को स्वीकारने और चुनौतियों में अवसर तलाशने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि खेल हमें मानसिक रूप से स्वस्थ एवं मजबूत बनाते हैं तथा नशे जैसी आदतों से दूर रखते हैं। मैराथन में पुरुष वर्ग में अभिनव कुमार, अखिलेश कुमार और रोहित कुमार क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर रहे जबकि महिला वर्ग में ऋषिका, मीनाक्षी और कनिका ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया । संवाद कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट अनुभव एवं विशेषज्ञता रखने वाले वक्ताओं ने बेटियों को जीवन और समाज उपयोगी विषयों पर प्रेरणादायक विचारों एवं जानकारी से अवगत कराया। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में एचडीओ सुजानपुर डॉ नूतन ने युवा बेटियों से संवाद करते हुए बागवानी को पोषण, खाद्य सुरक्षा और आर्थिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण अंग बताते हुए उन्हें बागवानी के क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं और अवसरों से अवगत कराया तथा उन्हें पौधारोपण जैसे सामुदायिक कार्यक्रमों का नेतृत्व करने हेतु प्रेरित किया। द्वितीय सत्र में बाल संरक्षण इकाई से पर्यवेक्षण अधिकारी शशि कुमार एवं हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ़ वीमेन की कोऑर्डिनेटर कल्पना ठाकुर ने चैंपियन बेटियों से क्रमशः बाल एवं महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों एवं उसमें निहित सेवा के सुनहरे मौकों से अवगत कराया। कार्यक्रम के तृतीय सत्र में सीडीपीओ सुजानपुर कुलदीप सिंह चौहान ने स्वस्थ एवं समर्थ भारत के निर्माण में पोषण और सामाजिक व्यवहार परिवर्तन हेतु युवा बेटियों से सहयोग मांगते हुए कहा कि हमारी उपलब्धियां की सार्थकता तभी है जब भी समाज के लिए उपयोगी हों और लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सक्षम हों। संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसडीम सुजानपुर डॉ रोहित शर्मा ने युवा बेटियों से संवाद करते हुए कहा कि आज समाज को इनोवेटिव सोच और रचनात्मक नेतृत्व की आवश्यकता है। सार्थक चिंतन, मनन और अध्ययन हमें समाज की स्वरूप को समझने, उसे नई सोच देने तथा नया नेतृत्व प्रदान करने की कला में पारंगत करता है। आज के इस संवाद का उद्देश्य ऐसे ही चिंतन और मनन का अवसर प्रदान करना है। इस अवसर पर चैंपियन बेटियों को स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति पत्र, प्रेरक पुस्तकें एवं नेम प्लेट भेंट देकर सम्मानित किया गया।











