शासकीय कला एवं वाणिज्य (अग्रणी) महाविद्यालय सागर

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दुनिया भर में जल संसाधनों का अत्यधिक दोहन और प्रदूषण इसे संकट में डाल रहा है –

पानी का विवेकपूर्ण उपयोग और इसके अपव्यय को रोकना ही जल संरक्षण का उद्देश्य –

जल संरक्षण पर ध्यान नहीं दिया तो भविष्य में हो सकती है पीने योग्य पानी की गंभीर समस्या –

सागर/ विश्व जल संरक्षण दिवस पर शासकीय कला एवं वाणिज्य (अग्रणी) महाविद्यालय की 11 एमपी बॉयज एवं 7 एमपी गर्ल्स बटालियन द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्राचार्य डॉ जी एस रोहित के निर्देशन में एनसीसी यूनिट के एएनओ लेफ्टिनेंट डॉ जयनारायण यादव द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में डॉ संदीप सबलोक ने कैडेट्स को जल संरक्षण की आवश्यकता पर महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ संदीप सबलोक ने एनसीसी कैडेट्स से कहा कि जल संरक्षण आज के समय की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकताओं में से एक है। पानी जीवन का आधार है, फिर भी दुनिया भर में जल संसाधनों का अत्यधिक दोहन और प्रदूषण इसे संकट में डाल रहा है। जल संरक्षण का अर्थ है पानी का विवेकपूर्ण उपयोग और इसके अपव्यय को रोकना।
डॉ संदीप सबलोक ने कैडेट्स को बताया कि हम छोटे-छोटे प्रयासों से जल संरक्षण में योगदान दे सकते हैं, जैसे नल को ठीक करना ताकि रिसाव न हो, वर्षा जल संचयन करना, और अनावश्यक रूप से पानी बहाने से बचना। कृषि में ड्रिप सिंचाई जैसी तकनीकों का उपयोग भी पानी की बचत करता है। इसके अलावा, जागरूकता फैलाना और औद्योगिक स्तर पर जल प्रबंधन को बेहतर करना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि हम आज जल संरक्षण पर ध्यान नहीं देंगे, तो भविष्य में पीने योग्य पानी की कमी एक गंभीर समस्या बन सकती है। एनसीसी कैडेट के रूप में यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम इस अमूल्य संसाधन को बचाएं और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखें। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन कीर्ति रैकवार ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित एनसीसी कैडेट्स ने जल संरक्षण के लिए जागरूकता प्रसार में अपना योगदान देने की शपथ ली।
प्राचार्य महोदय के निर्देशानुसार
डॉ संदीप सबलोक

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