
लाखा बंजारा झील पर पानी मोटर लगाकर अवैध सिचाई करने वाले स्थानीय रहवासी की पानी मोटर पाईप आदि किये जब्त
जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत झील के जल संरक्षण हेतु निगमायुक्त राजकुमार खत्री के निर्देश पर की गई कार्यवाही
सागर दिनांक 13 मई 2025
जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री के निर्देश पर निगम क्षेत्र में विभिन्न जल स्रोतों की साफ-सफाई, गहरीकरण आदि कर जल स्रोतों के संवर्धन और जल संरक्षण के प्रयास किये जा रहे हैं। गर्मियों के मौसम में जलस्रोतों का जलस्तर सामान्यतः कम होने लगता है। लाखा बंजारा झील का जल स्तर सामान्य से अधिक तेजी से एकाएक कम होता देख निगमायुक्त सह कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ सागर स्मार्ट सिटी लिमिटेड राजकुमार खत्री ने झील के गिरते जल स्तर की जानकारी जुटाने के निर्देश दिये। निगमायुक्त राजकुमार खत्री के निर्देशानुसार उपायुक्त एस एस बघेल ने निगम अमले के साथ झील की पेरीफेरी का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गंगा मंदिर रानीपुरा क्षेत्र की ओर झील में इलेक्ट्रिकल सिंचाई मोटर डालकर अवैध सिंचाई करते पाये जाने पर एक स्थानीय निवासी पर कार्यवाही की। उक्त घटना स्थल से पानी मोटर, पाईप एवं बिजली के तार आदि निगम अमले ने जब्त किये और आगे से ऐसा न करने की समझाईस दी।
निगमायुक्त राजकुमार खत्री ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा की झील का आकर्षण इसके साफ-स्वच्छ जल से ही है। इसे संरक्षित और सुरक्षित रखने में सहयोगी बने। सागर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा सुंदर कायाकल्प के बाद से ही लाखा बंजारा झील शहर में आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। गंगा आरती जैसे सांस्कृतिक आयोजन ने नागरिकों को भावनात्मक रूप से झील और झील के जल से जोड़कर इसे जीवंत स्वरूप दिया है। रंग बिरंगी रौशनी से सुसज्जित घाटों पर आज सैकड़ों सैर करने वालों को बच्चों, बुजुर्गों, युवाओं एवं महिलाओं आदि परिजनों सहित झील किनारे घूमते देखा जा सकता है। झील में नौकाविहार करने वालों की संख्या बढ़ने के साथ ही सुसज्जित नावों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है, क्रूज, मोटर वोट और पैडल वोट भी संचालित हो रहे हैं, जो एक सफल नौकायन आर्थिक गतिविधि का संकेत देती है। धीरे-धीरे झील सागर में मुख्य पर्यटन गतिविधियों का केंद्र बन रही है। ऐसे में इसके जलस्तर को मेन्टेन रखना अनिवार्य है। प्राकृतिक रूप से जल कम होने पर झील के जल स्तर पर खासा प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि आगामी मानसून आने तक झील में पर्याप्त पानी उपलब्ध है। परन्तु झील से अवैध सिंचाई इसके जल स्तर को तेजी से कम करते हुए उक्त पर्यटन गतिविधियों को प्रभावित करेगी। नागरिक झील से किसी भी प्रकार की सिचाई न करें। झील के जल का उपयोग केबल झील किनारे लगे पेड़ पौधों की नियंत्रित सिचाई में किया जाता है। झील पेरीफेरी में पौधों की सिचाई ड्रिप इर्रिगेशन और स्प्रिंकलर द्वारा की जाती है इससे कम पानी में अधिक पौधों को पानी उपलब्ध कराया जाता है।











